3 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

नारी शक्ति के बिना 'विकसित भारत' अधूरा: सीएम फडणवीस ने मुंबई में 1 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य रखा

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
नारी शक्ति के बिना 'विकसित भारत' अधूरा: सीएम फडणवीस ने मुंबई में 1 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य रखा

सारांश

सीएम फडणवीस ने मुंबई में महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी के मंच से साफ संदेश दिया — 'विकसित भारत' की राह नारी शक्ति से होकर गुजरती है। 1 करोड़ लखपति दीदी का लक्ष्य, ₹300 करोड़ का वृक्षारोपण अभियान और 36 जिलों में उमेद मॉल नेटवर्क — महाराष्ट्र ग्रामीण महिला उद्यमिता में देश का नेतृत्व करने की तैयारी में है।

मुख्य बातें

सीएम देवेंद्र फडणवीस ने 2 मई 2026 को मुंबई में महाराष्ट्र के लिए 1 करोड़ लखपति दीदियाँ बनाने का लक्ष्य घोषित किया।
राज्य अभी 50 लाख लखपति दीदियों के सृजन की दिशा में अग्रसर; 'लखपति दीदी' का अर्थ है ₹1 लाख या उससे अधिक वार्षिक आय वाली महिलाएं।
महिला SHG को ₹300 करोड़ के वृक्षारोपण अभियान में शामिल करने की योजना; उमेद मिशन के तहत नर्सरी निधि उपलब्ध होगी।
उमेद मार्ट पर 1,000 से अधिक नए SHG उत्पाद; उमेद मॉल 20 जिलों में निर्माणाधीन, 16 जिलों में जल्द शुरुआत।
उमेद मिशन अब तक 39,558 गाँवों , 6.68 लाख SHG और 64 लाख परिवारों तक पहुँचा; 331 महिला किसान उत्पादक कंपनियाँ सक्रिय।

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने 2 मई 2026 को मुंबई में आयोजित महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी के उद्घाटन समारोह में स्पष्ट कहा कि 'विकसित भारत' का सपना तब तक पूरा नहीं होगा जब तक महिलाएं राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था में सक्रिय और निर्णायक भूमिका नहीं निभातीं। उन्होंने महाराष्ट्र के लिए एक महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित करते हुए कहा कि राज्य को देश में सबसे पहले 1 करोड़ 'लखपति दीदियाँ' तैयार करके नेतृत्व करना होगा।

लखपति दीदी अभियान: महाराष्ट्र की स्थिति

मुख्यमंत्री फडणवीस ने बताया कि महाराष्ट्र अभी 50 लाख लखपति दीदियों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रहा है। 'लखपति दीदी' वे महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे अधिक है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए शुरू की गई योजनाओं के जमीनी स्तर पर महत्वपूर्ण परिणाम दिखने लगे हैं। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूरे देश में महिला स्वयं सहायता समूहों (SHG) को मुख्यधारा की अर्थव्यवस्था से जोड़ने पर जोर दे रही है।

वृक्षारोपण अभियान में SHG की भूमिका

फडणवीस ने महिला स्वयं सहायता समूहों से सरकार के ₹300 करोड़ के वृक्षारोपण अभियान का नेतृत्व करने का आह्वान किया। उन्होंने बताया कि 'उमेद' महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत SHG को नर्सरी स्थापित करने के लिए विशेष निधि उपलब्ध कराई जाएगी। सरकार पौध तैयार करने, रोपण और रखरखाव का संपूर्ण खर्च वहन करेगी, जिससे इन समूहों को दीर्घकालिक व्यावसायिक आय प्राप्त होगी।

उमेद मार्ट और उमेद मॉल नेटवर्क का विस्तार

मुख्यमंत्री ने नागरिकों से उमेद मार्ट के माध्यम से खरीदारी करके स्थानीय उद्यमियों का समर्थन करने का आग्रह किया। उमेद मार्ट एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जिस पर अब महिला SHG के 1,000 से अधिक नए उत्पाद उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि स्थायी बाजार पहुंच सुनिश्चित करने के लिए उमेद मॉल वर्तमान में 20 जिलों में निर्माणाधीन हैं और शेष 16 जिलों में भी जल्द काम शुरू होगा। सरकार की योजना इस नेटवर्क को आने वाले वर्षों में तहसील (तालुका) स्तर तक विस्तारित करने की है।

उमेद मिशन के प्रमुख आँकड़े

ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने बताया कि महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी भारत में अपनी तरह की सबसे बड़ी प्रदर्शनी है। उन्होंने 'उमेद' मिशन से जुड़े प्रमुख आँकड़े साझा किए — इस पहल के तहत महाराष्ट्र के 39,558 गाँवों तक पहुँचा जा चुका है, 6.68 लाख स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से 64 लाख से अधिक परिवारों को लाभ मिला है, और राज्य में अभी 331 महिला किसान उत्पादक कंपनियाँ कार्यरत हैं। गौरतलब है कि महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी की गुणवत्ता और संगठन को मुख्यमंत्री ने अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के समकक्ष बताया।

आगे की राह

उमेद मॉल नेटवर्क का तहसील स्तर तक विस्तार और SHG को वृक्षारोपण अभियान से जोड़ने की योजना महाराष्ट्र में ग्रामीण महिला उद्यमिता को एक नई दिशा दे सकती है। यदि राज्य 1 करोड़ लखपति दीदियों का लक्ष्य हासिल करता है, तो यह देश के लिए एक मॉडल बन सकता है जिसे अन्य राज्य अपना सकते हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन असली सवाल यह है कि ₹1 लाख की वार्षिक आय की गणना कैसे होगी और इसकी स्वतंत्र निगरानी कौन करेगा। उमेद मॉल नेटवर्क और डिजिटल प्लेटफॉर्म सही दिशा में कदम हैं, परंतु ग्रामीण महिला उद्यमियों की सबसे बड़ी चुनौती बाजार पहुँच नहीं, बल्कि उचित मूल्य और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता है। वृक्षारोपण अभियान को SHG से जोड़ना रचनात्मक है, लेकिन ₹300 करोड़ की राशि 6.68 लाख समूहों के बीच बँटने पर प्रति समूह योगदान सीमित रहेगा। बिना पारदर्शी मापन ढाँचे और तृतीय-पक्ष मूल्यांकन के, ये आँकड़े राजनीतिक घोषणाओं तक सीमित रह सकते हैं।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखपति दीदी योजना क्या है और महाराष्ट्र का लक्ष्य क्या है?
'लखपति दीदी' वे महिलाएं हैं जिनकी वार्षिक आय ₹1 लाख या उससे अधिक है। सीएम फडणवीस ने 2 मई 2026 को घोषणा की कि महाराष्ट्र देश में सबसे पहले 1 करोड़ लखपति दीदियाँ तैयार करने का लक्ष्य रखता है, और राज्य अभी 50 लाख के लक्ष्य की ओर अग्रसर है।
उमेद महाराष्ट्र राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ने अब तक क्या हासिल किया है?
उमेद मिशन महाराष्ट्र के 39,558 गाँवों तक पहुँच चुका है और 6.68 लाख स्वयं सहायता समूहों के जरिए 64 लाख से अधिक परिवारों को लाभ दे चुका है। राज्य में 331 महिला किसान उत्पादक कंपनियाँ भी सक्रिय हैं।
उमेद मार्ट और उमेद मॉल में क्या अंतर है?
उमेद मार्ट एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहाँ महिला SHG के 1,000 से अधिक उत्पाद ऑनलाइन उपलब्ध हैं। उमेद मॉल भौतिक बिक्री केंद्र हैं जो अभी 20 जिलों में निर्माणाधीन हैं और शेष 16 जिलों में जल्द शुरू होंगे।
SHG को वृक्षारोपण अभियान से कैसे जोड़ा जाएगा?
सरकार के ₹300 करोड़ के वृक्षारोपण अभियान में SHG को नर्सरी स्थापित करने के लिए उमेद मिशन के तहत विशेष निधि दी जाएगी। सरकार पौध तैयार करने, रोपण और रखरखाव का खर्च वहन करेगी, जिससे समूहों को स्थायी व्यावसायिक आय मिलेगी।
महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी क्या है?
महालक्ष्मी सरस प्रदर्शनी मुंबई में आयोजित एक प्रमुख प्रदर्शनी है जिसे ग्रामीण विकास मंत्री जयकुमार गोरे ने भारत में अपनी तरह की सबसे बड़ी प्रदर्शनी बताया। सीएम फडणवीस ने इसकी गुणवत्ता और संगठन को अंतरराष्ट्रीय व्यापार मेलों के समकक्ष करार दिया।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 2 सप्ताह पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 3 महीने पहले
  4. 3 महीने पहले
  5. 4 महीने पहले
  6. 5 महीने पहले
  7. 12 महीने पहले
  8. 1 साल पहले