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भूमि पेडनेकर का 'पिंक ई-रिक्शा' पहल को समर्थन, मुंबई में 1,000 रिक्शा से शुरुआत, महाराष्ट्र में 12,000 का लक्ष्य

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भूमि पेडनेकर का 'पिंक ई-रिक्शा' पहल को समर्थन, मुंबई में 1,000 रिक्शा से शुरुआत, महाराष्ट्र में 12,000 का लक्ष्य

सारांश

मुंबई में 'ड्राइव हर फ्यूचर' मुहिम के तहत 1,000 पिंक ई-रिक्शा महिला चालकों को सौंपे जाएँगे, और महाराष्ट्र में कुल 12,000 का लक्ष्य है। भूमि पेडनेकर ने इसे महिला सशक्तिकरण, सुरक्षा और पर्यावरण — तीनों को जोड़ने वाला दुर्लभ कदम बताया, जो रोज़गार और आर्थिक स्वतंत्रता का सीधा रास्ता खोलता है।

मुख्य बातें

अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने 2 जून को मुंबई में 'पिंक ई-रिक्शा' पहल को खुला समर्थन दिया।
पहले चरण में मुंबई में 1,000 ई-रिक्शा महिला चालकों को मिलेंगे; महाराष्ट्र में लक्ष्य 12,000 ।
मुहिम 'ड्राइव हर फ्यूचर' भामला फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई है।
कार्यक्रम में अमृता फडणवीस और साहेर भामला भी मौजूद रहीं।
योजना का दायरा भविष्य में अन्य राज्यों तक विस्तारित करने की घोषणा।

बॉलीवुड अभिनेत्री भूमि पेडनेकर ने मुंबई में 2 जून को लॉन्च हुई 'ड्राइव हर फ्यूचर' मुहिम के तहत पिंक ई-रिक्शा पहल को खुला समर्थन दिया है, जिसके पहले चरण में मुंबई में 1,000 ई-रिक्शा महिला चालकों को सौंपे जाएँगे और महाराष्ट्र में कुल 12,000 ई-रिक्शा उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। भामला फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई इस मुहिम का मकसद महिलाओं को रोज़गार, आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता देना है — साथ ही इलेक्ट्रिक वाहनों के ज़रिए पर्यावरण संरक्षण को भी बढ़ावा देना है।

मुख्य घोषणाएँ और दायरा

लॉन्च कार्यक्रम के दौरान बताया गया कि शुरुआती चरण में मुंबई की सड़कों पर 1,000 पिंक ई-रिक्शा उतारे जाएँगे, जिन्हें केवल महिला चालक चलाएँगी। दूसरे चरण में यह संख्या महाराष्ट्र भर में 12,000 तक ले जाने का लक्ष्य है, और आगे चलकर योजना को अन्य राज्यों तक विस्तारित करने की बात कही गई है।

भूमि पेडनेकर ने क्या कहा

अभिनेत्री ने इस पहल को पर्यावरण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण — तीनों मुद्दों को एक मंच पर लाने वाला कदम बताया। उन्होंने कहा, ‘यह एक ऐसा काम है जो महिलाओं को सीधे तौर पर फायदा पहुँचाएगा। आर्थिक स्वतंत्रता किसी भी महिला को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम है। जब किसी महिला के पास अपनी आय का स्रोत होता है, तो उसका आत्मविश्वास बढ़ता है और वह अपने फैसले खुद लेने में सक्षम बनती है।’

पेडनेकर ने जोड़ा कि महिला चालकों को ई-रिक्शा मिलने से वे स्वयं रोज़गार कमा सकेंगी, और सक्षम-आत्मनिर्भर महिलाएँ देश की विकास गति तेज़ करने के साथ-साथ समाज में सुरक्षा का माहौल भी बेहतर बनाएँगी।

अमृता फडणवीस का समर्थन

कार्यक्रम में मौजूद अमृता फडणवीस और साहेर भामला ने भी पहल की सराहना की। फडणवीस ने कहा कि पर्यावरण संरक्षण आज दुनिया की सबसे बड़ी चुनौतियों में से एक है, और ऐसे समय में इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देना ज़रूरी हो गया है। उनके अनुसार, पिंक ई-रिक्शा योजना महिलाओं को रोज़गार और आत्मनिर्भरता देने के साथ-साथ कार्बन उत्सर्जन घटाने में भी योगदान देगी।

क्यों मायने रखती है यह पहल

भारत के सार्वजनिक परिवहन क्षेत्र, विशेष रूप से ऑटो-रिक्शा सेगमेंट में महिला चालकों की हिस्सेदारी अब भी बहुत कम है। मुंबई जैसे बड़े महानगर में महिला-संचालित पिंक ई-रिक्शा बेड़े का उतरना न केवल आजीविका का नया रास्ता खोलता है, बल्कि महिला यात्रियों के लिए सुरक्षा का एक अतिरिक्त विकल्प भी देता है। यह ऐसे समय में आ रहा है जब महाराष्ट्र सहित कई राज्य EV अपनाने की दिशा में नीतिगत बढ़ावा दे रहे हैं।

आगे क्या

आयोजकों के अनुसार, मुंबई के बाद महाराष्ट्र के अन्य शहरों में चरणबद्ध तरीक़े से रिक्शा वितरण किया जाएगा, और भविष्य में योजना का दायरा देशभर तक बढ़ाने पर काम जारी है। यह देखना अहम होगा कि चालक प्रशिक्षण, चार्जिंग ढाँचा और ऋण-सहायता मॉडल कितनी तेज़ी से ज़मीन पर उतरता है।

संपादकीय दृष्टिकोण

पर असली पैमाना संख्या नहीं, टिकाऊपन है। मुंबई में 1,000 और महाराष्ट्र में 12,000 का आँकड़ा प्रभावशाली ज़रूर लगता है, लेकिन पिछले महिला-केंद्रित परिवहन प्रयोगों — जैसे महिला कैब सेवाएँ — का अनुभव बताता है कि चार्जिंग ढाँचा, सुरक्षित नाइट-रूट्स और किफ़ायती ऋण न मिलें तो ऐसे बेड़े कुछ ही महीनों में सिकुड़ जाते हैं। यह भी देखना होगा कि कमाई-साझाकरण मॉडल चालकों को मालिक बनाता है या केवल किरायेदार। पर्यावरण और महिला रोज़गार को एक साथ साधने वाला ढाँचा सही दिशा है — बशर्ते क्रियान्वयन भी उतना ही महत्वाकांक्षी हो।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

'ड्राइव हर फ्यूचर' मुहिम क्या है?
यह भामला फाउंडेशन द्वारा शुरू की गई एक पहल है, जिसका मकसद महिलाओं को ई-रिक्शा देकर रोज़गार, आर्थिक स्वतंत्रता और आत्मनिर्भरता दिलाना है। इसी मुहिम के तहत 'पिंक ई-रिक्शा' कार्यक्रम लॉन्च किया गया है।
पिंक ई-रिक्शा पहल के तहत कितने रिक्शा दिए जाएँगे?
शुरुआती चरण में मुंबई में 1,000 पिंक ई-रिक्शा महिला चालकों को उपलब्ध कराए जाएँगे। महाराष्ट्र में कुल 12,000 ई-रिक्शा देने का लक्ष्य रखा गया है और भविष्य में योजना अन्य राज्यों तक विस्तारित होगी।
भूमि पेडनेकर ने इस पहल पर क्या कहा?
भूमि पेडनेकर ने कहा कि यह पहल पर्यावरण, महिला सुरक्षा और महिला सशक्तिकरण — तीनों मुद्दों को एक साथ जोड़ती है। उन्होंने आर्थिक स्वतंत्रता को महिलाओं को मजबूत बनाने का सबसे बड़ा माध्यम बताया।
लॉन्च कार्यक्रम में कौन-कौन शामिल हुआ?
मुंबई में आयोजित लॉन्च कार्यक्रम में भूमि पेडनेकर के साथ अमृता फडणवीस और साहेर भामला भी मौजूद रहीं। फडणवीस ने इलेक्ट्रिक वाहनों के पर्यावरणीय लाभ और महिला रोज़गार के दोहरे फ़ायदे का उल्लेख किया।
पिंक ई-रिक्शा पहल पर्यावरण को कैसे फ़ायदा पहुँचाएगी?
पारंपरिक पेट्रोल/CNG ऑटो-रिक्शा के मुक़ाबले ई-रिक्शा शून्य टेलपाइप उत्सर्जन वाले होते हैं, जिससे शहरी वायु प्रदूषण घटने में मदद मिलती है। आयोजकों के अनुसार, यह योजना महिला रोज़गार के साथ-साथ स्वच्छ गतिशीलता को भी बढ़ावा देती है।
राष्ट्र प्रेस
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