17 अक्टूबर 2026
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ईडी ने पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम आवास पर चिपकाया नोटिस, कोच्चि में पेश होने के निर्देश

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ईडी ने पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम आवास पर चिपकाया नोटिस, कोच्चि में पेश होने के निर्देश

सारांश

प्रवर्तन निदेशालय ने पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम आवास पर नोटिस चिपकाया — वही आवास जहाँ पहले छापे में लाल डायरी मिली थी। सीपीआई (एम) ने कार्रवाई को 'अधिकार क्षेत्र से बाहर' बताया। मामला सर्वोच्च न्यायालय में है।

मुख्य बातें

ईडी ने 17 अक्टूबर 2026 को पूर्व केरल मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम आवास पर पाँच पन्नों का नोटिस चिपकाया।
विजयन को शुक्रवार को कोच्चि में ईडी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है।
नोटिस स्वीकार न किए जाने पर अधिकारियों ने इसे प्रवेश द्वार पर चिपकाया; ईडी ने इसे सामान्य प्रक्रिया बताया।
सीपीआई (एम) नेता वी.
शिवनकुट्टी ने कार्रवाई को गंभीर बताया और एजेंसी पर अधिकार क्षेत्र से बाहर जाने का आरोप लगाया।
यह वही आवास है जहाँ ईडी को पहले के छापे में कथित तौर पर लाल डायरी मिली थी; मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित किराये के आवास पर पाँच पन्नों का नोटिस चिपकाया, जिसमें उन्हें शुक्रवार को कोच्चि में एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, आवास पर किसी ने भी नोटिस स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद अधिकारियों ने इसे प्रवेश द्वार पर चिपका दिया।

घटनाक्रम कैसे हुआ

ईडी अधिकारियों ने पहले यह नोटिस डाक द्वारा भेजा था। जब डाक से नोटिस का सफल वितरण नहीं हो सका, तो अधिकारी स्वयं आवास पर पहुँचे। घर के कर्मचारियों ने बताया कि विजयन वहाँ नहीं हैं और कन्नूर में हैं। इसके बाद अधिकारी कुछ पुलिसकर्मियों के साथ वापस लौटे और नोटिस प्रवेश द्वार पर चिपका दिया।

ईडी अधिकारियों का कहना है कि नोटिस स्वीकार न किए जाने की स्थिति में यह एक सामान्य प्रक्रिया है और एजेंसी ने स्थापित नियमों के तहत ही कार्रवाई की।

सीपीआई (एम) की प्रतिक्रिया

इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री वी. शिवनकुट्टी आवास पर पहुँचे। मीडिया से बात करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि ईडी ने ऐसा क्यों किया। अगर वे चाहते तो कन्नूर जाकर उनसे मिल सकते थे।'

शिवनकुट्टी ने इस कार्रवाई को 'गंभीर' बताते हुए आरोप लगाया कि एजेंसी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।

लाल डायरी और पुराना छापा

गौरतलब है कि यह वही आवास है जहाँ कुछ महीने पहले ईडी अधिकारियों ने छापा मारा था और एक लाल डायरी बरामद की थी। कथित तौर पर यह डायरी दो बार के मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता विजयन से जुड़े कई अहम तथ्यों को उजागर करती है। हालाँकि अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

यह ऐसे समय में आया है जब केरल की राजनीति में ईडी की कार्रवाइयाँ लगातार सुर्खियों में रही हैं और विपक्षी दलों ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं।

विजयन की स्थिति और आगे की राह

क्या विजयन शुक्रवार को कोच्चि में ईडी के समक्ष पेश होंगे — इस पर शिवनकुट्टी ने अटकलें लगाने से इनकार करते हुए कहा, 'यह आपको उनसे पूछना होगा।' विजयन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।

मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस जाँच का दायरा और दिशा दोनों न्यायिक निगरानी में हैं। आने वाले दिनों में विजयन का अगला कदम और ईडी की प्रतिक्रिया इस प्रकरण की दिशा तय करेगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह केंद्र-राज्य राजनीति का सांकेतिक हथियार भी बन जाता है। यह ऐसे समय में है जब मामला सर्वोच्च न्यायालय में है, और आलोचकों का कहना है कि इस परिस्थिति में इतनी दृश्यमान कार्रवाई की वैधानिक जरूरत संदिग्ध है। लाल डायरी का प्रकरण अब तक सार्वजनिक रूप से अप्रमाणित है, फिर भी इसे बार-बार उद्धृत किया जा रहा है — यह दर्शाता है कि जाँच एजेंसियाँ और राजनीतिक दल दोनों इस कथा को अपने-अपने हित में आकार दे रहे हैं। मुख्यधारा की कवरेज जो अक्सर चूकती है वह यह है: क्या ईडी ने कन्नूर में विजयन से सीधे संपर्क के विकल्प को आज़माया — और यदि नहीं, तो क्यों नहीं?
RashtraPress
17 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

ईडी ने पिनाराई विजयन के आवास पर नोटिस क्यों चिपकाया?
रिपोर्टों के अनुसार, ईडी ने पहले नोटिस डाक द्वारा भेजा था और फिर अधिकारी स्वयं आवास पर पहुँचे। चूँकि आवास पर मौजूद किसी भी व्यक्ति ने नोटिस स्वीकार नहीं किया, इसलिए अधिकारियों ने इसे प्रवेश द्वार पर चिपका दिया, जिसे एजेंसी ने सामान्य प्रक्रिया बताया है।
पिनाराई विजयन को ईडी ने कब और कहाँ पेश होने के लिए कहा है?
नोटिस में विजयन को शुक्रवार को कोच्चि स्थित ईडी कार्यालय के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है। क्या वे पेश होंगे, इस पर अभी तक उनकी ओर से कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है।
इस मामले में लाल डायरी की क्या भूमिका है?
कथित तौर पर ईडी को कुछ महीने पहले उसी आवास पर मारे गए छापे में एक लाल डायरी मिली थी, जिसके बारे में माना जाता है कि उसमें विजयन से जुड़े अहम तथ्य हैं। हालाँकि इन दावों की अभी तक स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
सीपीआई (एम) ने ईडी की कार्रवाई पर क्या कहा?
सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता वी. शिवनकुट्टी ने कार्रवाई को 'गंभीर' बताते हुए आरोप लगाया कि ईडी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि एजेंसी नोटिस व्यक्तिगत रूप से देना चाहती थी तो कन्नूर जाकर विजयन से मिल सकती थी।
क्या यह मामला न्यायालय में है?
हाँ, शिवनकुट्टी के अनुसार यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है। इसी आधार पर सीपीआई (एम) ने ईडी की इस समय की कार्रवाई की वैधता पर सवाल उठाए हैं।
राष्ट्र प्रेस
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