ईडी ने पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम आवास पर चिपकाया नोटिस, कोच्चि में पेश होने के निर्देश
सारांश
मुख्य बातें
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शनिवार, 17 अक्टूबर 2026 को केरल के पूर्व मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन के तिरुवनंतपुरम स्थित किराये के आवास पर पाँच पन्नों का नोटिस चिपकाया, जिसमें उन्हें शुक्रवार को कोच्चि में एजेंसी के समक्ष पेश होने का निर्देश दिया गया है। रिपोर्टों के अनुसार, आवास पर किसी ने भी नोटिस स्वीकार नहीं किया, जिसके बाद अधिकारियों ने इसे प्रवेश द्वार पर चिपका दिया।
घटनाक्रम कैसे हुआ
ईडी अधिकारियों ने पहले यह नोटिस डाक द्वारा भेजा था। जब डाक से नोटिस का सफल वितरण नहीं हो सका, तो अधिकारी स्वयं आवास पर पहुँचे। घर के कर्मचारियों ने बताया कि विजयन वहाँ नहीं हैं और कन्नूर में हैं। इसके बाद अधिकारी कुछ पुलिसकर्मियों के साथ वापस लौटे और नोटिस प्रवेश द्वार पर चिपका दिया।
ईडी अधिकारियों का कहना है कि नोटिस स्वीकार न किए जाने की स्थिति में यह एक सामान्य प्रक्रिया है और एजेंसी ने स्थापित नियमों के तहत ही कार्रवाई की।
सीपीआई (एम) की प्रतिक्रिया
इस घटनाक्रम की सूचना मिलते ही भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) — सीपीआई (एम) के वरिष्ठ नेता और पूर्व राज्य मंत्री वी. शिवनकुट्टी आवास पर पहुँचे। मीडिया से बात करते हुए शिवनकुट्टी ने कहा, 'मुझे समझ नहीं आता कि ईडी ने ऐसा क्यों किया। अगर वे चाहते तो कन्नूर जाकर उनसे मिल सकते थे।'
शिवनकुट्टी ने इस कार्रवाई को 'गंभीर' बताते हुए आरोप लगाया कि एजेंसी अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर काम कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि यह मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन है।
लाल डायरी और पुराना छापा
गौरतलब है कि यह वही आवास है जहाँ कुछ महीने पहले ईडी अधिकारियों ने छापा मारा था और एक लाल डायरी बरामद की थी। कथित तौर पर यह डायरी दो बार के मुख्यमंत्री और केरल विधानसभा में विपक्ष के नेता विजयन से जुड़े कई अहम तथ्यों को उजागर करती है। हालाँकि अभी तक इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।
यह ऐसे समय में आया है जब केरल की राजनीति में ईडी की कार्रवाइयाँ लगातार सुर्खियों में रही हैं और विपक्षी दलों ने केंद्रीय एजेंसियों के कथित दुरुपयोग पर सवाल उठाए हैं।
विजयन की स्थिति और आगे की राह
क्या विजयन शुक्रवार को कोच्चि में ईडी के समक्ष पेश होंगे — इस पर शिवनकुट्टी ने अटकलें लगाने से इनकार करते हुए कहा, 'यह आपको उनसे पूछना होगा।' विजयन की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
मामला सर्वोच्च न्यायालय में विचाराधीन होने के कारण इस जाँच का दायरा और दिशा दोनों न्यायिक निगरानी में हैं। आने वाले दिनों में विजयन का अगला कदम और ईडी की प्रतिक्रिया इस प्रकरण की दिशा तय करेगी।