13 अगस्त 2026
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लाल किले विस्फोट में अलकायदा की भूमिका पर पूर्व DGP विक्रम सिंह बोले: नागरिकता रद्द हो, कठोरतम सजा मिले

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लाल किले विस्फोट में अलकायदा की भूमिका पर पूर्व DGP विक्रम सिंह बोले: नागरिकता रद्द हो, कठोरतम सजा मिले

सारांश

उत्तर प्रदेश के पूर्व DGP विक्रम सिंह ने दो अलग-अलग मामलों पर एक साथ निशाना साधा — लाल किले के पास मेट्रो विस्फोट में UNSC द्वारा पुष्ट अलकायदा की संलिप्तता और प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल मिलने का मामला। उनकी माँग है: नागरिकता रद्द करो, सपोर्ट सिस्टम तोड़ो, भ्रष्ट अधिकारियों पर UAPA लगाओ।

मुख्य बातें

पूर्व DGP विक्रम सिंह ने 13 अगस्त 2026 को नोएडा में बयान दिया।
10 नवंबर 2025 के मेट्रो स्टेशन विस्फोट में 10 लोगों की मौत ; UNSC ने अलकायदा और गजवा-ए-हिंद की भूमिका की पुष्टि की।
आरोपियों ने क्रिप्टो करेंसी से फंडिंग और रासायनिक जहर बनाने की कोशिश की; डॉ.
अहमद मोहियुद्दीन सैयद — चीन से प्रशिक्षित — केंद्रीय भूमिका में।
NIA ने 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की।
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल से 90 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद होने की रिपोर्ट।
विक्रम सिंह ने दोषी जेल अधिकारियों पर NSA और UAPA के तहत कार्रवाई की माँग की।

उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विक्रम सिंह ने 13 अगस्त 2026 को नोएडा में दिए एक बयान में दिल्ली के लाल किले के निकट हुए मेट्रो स्टेशन विस्फोट में अलकायदा की संलिप्तता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े जेल में मोबाइल फोन मिलने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसे तत्वों की नागरिकता समाप्त करने और उनके पूरे सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त करने की माँग की।

मेट्रो विस्फोट और अलकायदा की भूमिका

विक्रम सिंह ने कहा कि 10 नवंबर 2025 को मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए कार विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई थी। प्रारंभ में इसे सामान्य घटना बताया जा रहा था, किंतु संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने स्पष्ट किया कि इसमें अलकायदा की सीधी संलिप्तता है। उन्होंने बताया कि इस षड्यंत्र में डॉ. उमर अल नबी की अहम भूमिका रही और इसके पीछे अलकायदा तथा गजवा-ए-हिंद का व्यापक नेटवर्क सक्रिय था।

रासायनिक युद्ध और क्रिप्टो फंडिंग की साजिश

पूर्व DGP ने बताया कि यह मामला केवल विस्फोट तक सीमित नहीं था। आरोपियों ने उच्च स्तरीय तकनीक का उपयोग करते हुए क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से धन का लेन-देन किया और एक घातक रासायनिक जहर तैयार करने का प्रयास भी किया। उन्होंने बताया कि डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद — जो चीन से चिकित्सा की पढ़ाई करके लौटा था — इस योजना में केंद्रीय भूमिका में था। उनके अनुसार, अलकायदा का यह मॉडल कैमिकल वारफेयर की तैयारी भी कर रहा था।

NIA की कार्रवाई और नागरिकता रद्द करने की माँग

विक्रम सिंह ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे तत्व संक्रमण की भाँति तेज़ी से फैल रहे हैं। उनका कहना था, 'ऐसे लोग अगर देश के नहीं हो सकते, तो इन्हें देश की किसी भी सुविधा का अधिकार नहीं होना चाहिए — इनकी नागरिकता समाप्त होनी चाहिए।' उन्होंने आजीवन कारावास से परे कठोरतम दंड और इनके संपूर्ण सपोर्ट सिस्टम को नष्ट करने की भी माँग की।

प्रज्वल रेवन्ना: जेल में मोबाइल और भ्रष्टाचार का सवाल

पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल फोन मिलने के मामले पर विक्रम सिंह ने कहा कि यह जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का प्रमाण है। उनके मोबाइल से 90 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए जाने की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि यह सब भ्रष्टाचार की वजह से संभव हुआ। उन्होंने इस मामले में शामिल अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की माँग की।

जेल भ्रष्टाचार का पुराना पैटर्न

विक्रम सिंह ने इस प्रवृत्ति को नई नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जेलों में भी बाहुबलियों ने अपने आपराधिक साम्राज्य को भीतर से चलाया है। उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर का उदाहरण दिया, जिसने कथित तौर पर तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए करोड़ों रुपए की ठगी की। उनके अनुसार, यदि दोषी अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो यह खुफिया तंत्र और सार्वजनिक संचार दोनों में गंभीर चूक को दर्शाता है। प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल मिलने का मामला कोई अपवाद नहीं — सुकेश चंद्रशेखर से लेकर UP के बाहुबलियों तक, यह एक स्थापित पैटर्न है जिसे हर बार 'लापरवाही' कहकर टाल दिया जाता है। नागरिकता रद्द करने की माँग कानूनी दृष्टि से जटिल है और इसके लिए ठोस विधायी ढाँचे की आवश्यकता है — जिसका अभाव अब तक बना हुआ है।
RashtraPress
13 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लाल किले के पास मेट्रो विस्फोट में अलकायदा की भूमिका क्या थी?
10 नवंबर 2025 को मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए कार विस्फोट में 10 लोग मारे गए थे। संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने इसमें अलकायदा और गजवा-ए-हिंद की सीधी संलिप्तता की पुष्टि की है, जिसमें डॉ. उमर अल नबी का नाम प्रमुख रूप से सामने आया है।
NIA ने इस मामले में क्या कार्रवाई की है?
राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) ने इस मामले में 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की है। पूर्व DGP विक्रम सिंह ने NIA की कार्रवाई को संतोषजनक बताया, हालाँकि उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे नेटवर्क तेज़ी से फैल रहे हैं।
प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल मिलने का मामला क्या है?
रिपोर्टों के अनुसार, पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के पास जेल में मोबाइल फोन पाया गया और उससे 90 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद हुए। पूर्व DGP विक्रम सिंह ने इसे जेल प्रशासन की भ्रष्टाचार-जनित लापरवाही करार दिया।
पूर्व DGP विक्रम सिंह ने क्या माँगें रखी हैं?
विक्रम सिंह ने आतंकी षड्यंत्र में शामिल लोगों की नागरिकता रद्द करने, उनके सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त करने और आजीवन कारावास से परे कठोर दंड की माँग की। जेल मामले में उन्होंने दोषी अधिकारियों पर NSA और UAPA के तहत कार्रवाई की माँग की।
क्या भारतीय जेलों में इस तरह के भ्रष्टाचार के पूर्व उदाहरण हैं?
हाँ, विक्रम सिंह ने सुकेश चंद्रशेखर का उदाहरण दिया, जिसने कथित तौर पर तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए करोड़ों रुपए की ठगी की। उत्तर प्रदेश की जेलों में भी बाहुबलियों द्वारा आपराधिक गतिविधियाँ संचालित करने के मामले सामने आते रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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