लाल किले विस्फोट में अलकायदा की भूमिका पर पूर्व DGP विक्रम सिंह बोले: नागरिकता रद्द हो, कठोरतम सजा मिले
सारांश
मुख्य बातें
उत्तर प्रदेश के पूर्व पुलिस महानिदेशक (DGP) विक्रम सिंह ने 13 अगस्त 2026 को नोएडा में दिए एक बयान में दिल्ली के लाल किले के निकट हुए मेट्रो स्टेशन विस्फोट में अलकायदा की संलिप्तता और पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना से जुड़े जेल में मोबाइल फोन मिलने के मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने ऐसे तत्वों की नागरिकता समाप्त करने और उनके पूरे सपोर्ट सिस्टम को ध्वस्त करने की माँग की।
मेट्रो विस्फोट और अलकायदा की भूमिका
विक्रम सिंह ने कहा कि 10 नवंबर 2025 को मेट्रो स्टेशन के बाहर हुए कार विस्फोट में 10 लोगों की मौत हुई थी। प्रारंभ में इसे सामान्य घटना बताया जा रहा था, किंतु संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) ने स्पष्ट किया कि इसमें अलकायदा की सीधी संलिप्तता है। उन्होंने बताया कि इस षड्यंत्र में डॉ. उमर अल नबी की अहम भूमिका रही और इसके पीछे अलकायदा तथा गजवा-ए-हिंद का व्यापक नेटवर्क सक्रिय था।
रासायनिक युद्ध और क्रिप्टो फंडिंग की साजिश
पूर्व DGP ने बताया कि यह मामला केवल विस्फोट तक सीमित नहीं था। आरोपियों ने उच्च स्तरीय तकनीक का उपयोग करते हुए क्रिप्टो करेंसी के माध्यम से धन का लेन-देन किया और एक घातक रासायनिक जहर तैयार करने का प्रयास भी किया। उन्होंने बताया कि डॉ. अहमद मोहियुद्दीन सैयद — जो चीन से चिकित्सा की पढ़ाई करके लौटा था — इस योजना में केंद्रीय भूमिका में था। उनके अनुसार, अलकायदा का यह मॉडल कैमिकल वारफेयर की तैयारी भी कर रहा था।
NIA की कार्रवाई और नागरिकता रद्द करने की माँग
विक्रम सिंह ने राष्ट्रीय जाँच एजेंसी (NIA) की कार्रवाई को संतोषजनक बताया। उन्होंने कहा कि 10 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट दाखिल की जा चुकी है। हालाँकि, उन्होंने चेतावनी दी कि ऐसे तत्व संक्रमण की भाँति तेज़ी से फैल रहे हैं। उनका कहना था, 'ऐसे लोग अगर देश के नहीं हो सकते, तो इन्हें देश की किसी भी सुविधा का अधिकार नहीं होना चाहिए — इनकी नागरिकता समाप्त होनी चाहिए।' उन्होंने आजीवन कारावास से परे कठोरतम दंड और इनके संपूर्ण सपोर्ट सिस्टम को नष्ट करने की भी माँग की।
प्रज्वल रेवन्ना: जेल में मोबाइल और भ्रष्टाचार का सवाल
पूर्व सांसद प्रज्वल रेवन्ना के जेल में मोबाइल फोन मिलने के मामले पर विक्रम सिंह ने कहा कि यह जेल प्रशासन की गंभीर लापरवाही का प्रमाण है। उनके मोबाइल से 90 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए जाने की रिपोर्ट पर उन्होंने कहा कि यह सब भ्रष्टाचार की वजह से संभव हुआ। उन्होंने इस मामले में शामिल अधिकारियों की पहचान कर उनके विरुद्ध राष्ट्रीय सुरक्षा अधिनियम (NSA) और गैरकानूनी गतिविधि रोकथाम अधिनियम (UAPA) के तहत कार्रवाई की माँग की।
जेल भ्रष्टाचार का पुराना पैटर्न
विक्रम सिंह ने इस प्रवृत्ति को नई नहीं बताया। उन्होंने कहा कि उत्तर प्रदेश की जेलों में भी बाहुबलियों ने अपने आपराधिक साम्राज्य को भीतर से चलाया है। उन्होंने सुकेश चंद्रशेखर का उदाहरण दिया, जिसने कथित तौर पर तिहाड़ जेल में बंद रहते हुए करोड़ों रुपए की ठगी की। उनके अनुसार, यदि दोषी अधिकारियों पर समय रहते कार्रवाई नहीं हुई, तो यह सिलसिला यूँ ही जारी रहेगा।