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क्या फतेहपुर सीएम योगी के मिशन को साकार कर रहा है? एआई ऐप से वैक्सीनेशन की निगरानी

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क्या फतेहपुर सीएम योगी के मिशन को साकार कर रहा है? एआई ऐप से वैक्सीनेशन की निगरानी

सारांश

फतेहपुर में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का स्वास्थ्य सेवाओं में तकनीकी सुधार का प्रयास एआई के माध्यम से सफल हो रहा है। यह जिला बच्चों के टीकाकरण में 95 प्रतिशत सफलता प्राप्त कर चुका है, जो अन्य जिलों के लिए प्रेरणा का स्रोत है। जानिए कैसे यह एआई आधारित एप बच्चों की स्वास्थ्य सुरक्षा सुनिश्चित कर रहा है।

मुख्य बातें

फतेहपुर ने एआई आधारित वैक्सीनेशन ऐप विकसित किया है।
बच्चों के वैक्सीनेशन की दर 95 प्रतिशत तक पहुंची है।
यह ऐप अभिभावकों को समय पर जानकारी प्रदान करता है।
डीएम रविंद्र सिंह ने इस पहल को स्वयं तैयार किया है।
एआई तकनीक से रियल टाइम मॉनिटरिंग की जा रही है।

लखनऊ, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। योगी सरकार प्रदेश में स्वास्थ्य सेवाओं को तकनीक से जोड़कर सुदृढ़ बनाने के लिए लगातार ठोस कदम उठा रही है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ द्वारा स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर करने के लिए हर स्तर पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और आधुनिक तकनीक का अधिक से अधिक उपयोग करने पर जोर दिया जा रहा है।

सीएम योगी के विजन को आत्मसात करते हुए फतेहपुर जिले ने एक मिसाल पेश की है, जहां एआई आधारित एप (स्मार्ट वैक्सीनेशन ट्रैकिंग सिस्टम) विकसित कर बच्चों के टीकाकरण की निगरानी की जा रही है। इसी के साथ फतेहपुर जिला प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां बच्चों के वैक्सीनेशन के लक्ष्य को शत प्रतिशत प्राप्त करने के लिए एआई का इस्तेमाल किया जा रहा है।

वर्तमान में सिस्टम को पायलट प्रोजेक्ट के तहत आकांक्षात्मक ब्लॉक हथगाम में शुरू किया गया है। इसके सफल परिणाम को देखते हुए अब इसे पूरे जिले में लागू करने की दिशा में कदम बढ़ाए जा रहे हैं। इस ऐप से ब्लॉक में टीकाकरण की दर में बहुत अच्छा सुधार होते हुए दर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है।

फतेहपुर के डीएम रविंद्र सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के स्वास्थ्य सेवाओं को टेक्नोलॉजी से जोड़ने के विजन के तहत बच्चों के वैक्सीनेशन की निगरानी के लिए एआई आधारित एप को विकसित किया गया है। इसे पायलट प्रोजेक्ट के तहत आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में एक सितंबर को लागू किया गया। इससे नवजात शिशुओं और बच्चों के टीकाकरण से जुड़ी सभी जानकारी उनके अभिभावकों को समय पर व्हाट्सएप से प्राप्त हो रही है।

इसके साथ ही आसपास होने वाले वीएचएनडी (विलेज हेल्थ एंड न्यूट्रिशन डे) सेशन की जानकारी भी उपलब्ध कराई जा रही है। इससे अभिभावक समय रहते अपने बच्चों का टीकाकरण करा रहे हैं। इसी के साथ फतेहपुर प्रदेश का पहला ऐसा जिला बन गया है, जहां बच्चों के वैक्सीनेशन की निगरानी के लिए एआई आधारित एप का इस्तेमाल किया जा रहा है।

इस पहल की खास बात यह है कि इसे खुद डीएम रविन्द्र सिंह ने तैयार किया है। ऐप का उद्देश्य नवजात शिशुओं और बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण को सुनिश्चित करना है, ताकि कोई भी बच्चा अपने पहले वर्ष में जरूरी टीकों से वंचित न रह जाए।

डीएम रविंद्र सिंह ने बताया कि ऐप की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें एआई तकनीक के जरिए रियल टाइम मॉनिटरिंग और डाटा एनालिसिस की सुविधा है। इसके माध्यम से उन क्षेत्रों की पहचान आसानी से की जा रही है जहां टीकाकरण की दर कम है या किसी कारणवश बच्चे टीकाकरण से छूट रहे हैं।

उन्होंने कहा कि एआई-आधारित विश्लेषण से न सिर्फ समस्या वाले क्षेत्रों की पहचान हो रही है, बल्कि उसकी वजहों को भी चिन्हित कर त्वरित सुधारात्मक कदम उठाए जा रहे हैं। ऐप के जरिये मां को टीकाकरण से पहले स्वतः रिमाइंडर संदेश भेजा जाता है, जिससे भूल या जानकारी के अभाव में टीकाकरण छूटने की समस्या को दूर किया जा सके। साथ ही टीकों की मांग और आपूर्ति प्रबंधन भी इस सिस्टम से आसान और मजबूत हुआ है।

स्वास्थ्य कर्मियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एएनएम के लिए अलग से एक मोबाइल एप भी तैयार किया गया है। एप में एएनएम को रियल टाइम ड्यू लिस्ट उपलब्ध होगी, जिससे उन्हें यह स्पष्ट जानकारी मिल रही कि किस क्षेत्र में किन बच्चों का टीकाकरण शेष है।

इसके अलावा, ओसीआर (ऑप्टिकल कैरेक्टर रिकग्निशन) तकनीक का उपयोग करते हुए केवल एमसीपी कार्ड की फोटो अपलोड करके बच्चे का टीकाकरण स्टेटस अपडेट किया जा रहा है। इससे मैनुअल एंट्री में होने वाली त्रुटियों में भी कमी हुई है और काम की गति तेज हुई है।

जिलाधिकारी रविन्द्र सिंह ने बताया कि एआई आधारित एप को विकसित करने से पहले स्वास्थ्य विभाग, आमजन और डब्ल्यूएचओ से संवाद स्थापित किया गया। सभी के सुझावों को शामिल कर ऐसा सिस्टम तैयार किया गया है, जो व्यवहारिक और प्रभावी दोनों हैं।

संपादकीय दृष्टिकोण

तो परिणाम बेहतर होते हैं। फतेहपुर का यह उदाहरण अन्य जिलों के लिए एक प्रेरणा है। सरकार का उद्देश्य हर बच्चे को समय पर टीकाकरण कराना है, जो स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए आवश्यक है।
RashtraPress
30 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

फतेहपुर में एआई ऐप का उद्देश्य क्या है?
फतेहपुर में एआई ऐप का उद्देश्य बच्चों के वैक्सीनेशन की निगरानी करना और शत-प्रतिशत टीकाकरण सुनिश्चित करना है।
इस ऐप को कब लागू किया गया था?
इस ऐप को पायलट प्रोजेक्ट के तहत एक सितंबर को आकांक्षी ब्लॉक हथगाम में लागू किया गया था।
एआई ऐप से वैक्सीनेशन की दर में क्या सुधार हुआ है?
एआई ऐप से टीकाकरण की दर में सुधार होकर 95 प्रतिशत तक पहुंच गई है।
क्या इस पहल के लिए कोई अन्य तकनीक का उपयोग किया गया है?
हां, ओसीआर तकनीक का उपयोग करके बच्चे के टीकाकरण स्टेटस को अपडेट किया जा रहा है।
इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता क्या है?
इस ऐप की सबसे बड़ी विशेषता रियल टाइम मॉनिटरिंग और डाटा एनालिसिस की सुविधा है।
राष्ट्र प्रेस
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