फीफा विश्व कप 2026 में पहली बार उतरेंगी 4 टीमें, मेसी-रोनाल्डो के साथ खेलने का आखिरी मौका
सारांश
मुख्य बातें
फीफा विश्व कप 2026 की शुरुआत 11 जून से अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा की संयुक्त मेजबानी में हो रही है। इस बार के टूर्नामेंट में रिकॉर्ड 48 टीमें हिस्सा ले रही हैं और कुल 104 मैच खेले जाएंगे। इनमें 4 टीमें — काबो वर्डे (केप वर्डे), कुराकाओ, जॉर्डन और उज्बेकिस्तान — पहली बार इस महाप्रतियोगिता के मंच पर कदम रखेंगी।
पहली बार विश्व कप में उतरने वाली 4 टीमें
काबो वर्डे (केप वर्डे) को ग्रुप 'एच' में रखा गया है, जहाँ उसका सामना 2010 की चैंपियन स्पेन, 1930 और 1950 की विजेता उरुग्वे तथा सऊदी अरब से होगा। यह ग्रुप किसी भी नई टीम के लिए कड़ी परीक्षा है।
कुराकाओ को ग्रुप 'ई' में स्थान मिला है, जहाँ चार बार की विश्व चैंपियन जर्मनी (1954, 1974, 1990, 2014), इक्वेडोर और आइवरी कोस्ट भी हैं। कैरेबियाई द्वीप का यह छोटा राष्ट्र अपने पहले ही विश्व कप में यूरोपीय दिग्गज से भिड़ेगा।
जॉर्डन को ग्रुप 'जे' में रखा गया है। इस ग्रुप में तीन बार की विश्व चैंपियन अर्जेंटीना (1978, 1986, 2022), ऑस्ट्रिया और अल्जीरिया शामिल हैं। अर्जेंटीना के दिग्गज लियोनल मेसी का यह संभवतः आखिरी विश्व कप हो सकता है, जिससे जॉर्डन और ग्रुप की अन्य टीमों के खिलाड़ियों को महान फुटबॉलर के साथ मैदान साझा करने का शायद अंतिम अवसर मिलेगा।
उज्बेकिस्तान को ग्रुप 'के' में रखा गया है, जिसमें कोलंबिया, पुर्तगाल और कांगो हैं। 41 वर्षीय क्रिस्टियानो रोनाल्डो की अगुवाई में पुर्तगाल अपना पहला विश्व कप खिताब जीतने की कोशिश करेगा। रोनाल्डो का भी यह संभवतः आखिरी विश्व कप माना जा रहा है, इसलिए उज्बेकिस्तान और ग्रुप की अन्य टीमों के लिए यह उनके साथ खेलने का अंतिम मौका हो सकता है।
कतर की विशेष वापसी
कतर, जो फीफा विश्व कप 2022 का मेजबान था, इस बार पहली बार अपनी खेल-क्षमता के आधार पर क्वालीफाई करके टूर्नामेंट में उतरेगा। कतर को ग्रुप 'बी' में रखा गया है, जहाँ उसके साथ स्विट्जरलैंड, कनाडा और बोस्निया एवं हर्जेगोविना हैं। गौरतलब है कि मेजबान के रूप में 2022 में खेलना और अब क्वालीफायर के रूप में लौटना — यह कतर के फुटबॉल विकास का प्रमाण है।
टूर्नामेंट का नया प्रारूप
सभी 48 टीमों को 12 ग्रुप में विभाजित किया गया है। प्रत्येक ग्रुप से शीर्ष 2 टीमें और तीसरे स्थान की 8 सर्वश्रेष्ठ टीमें नॉकआउट चरण के लिए क्वालीफाई करेंगी। यह विस्तारित प्रारूप पहली बार लागू हो रहा है, जो छोटे फुटबॉल राष्ट्रों को भी वैश्विक मंच पर अपनी प्रतिभा दिखाने का मौका देता है।
ऐतिहासिक महत्व
यह विश्व कप कई मायनों में अभूतपूर्व है — रिकॉर्ड टीमें, तीन देशों की मेजबानी, और दो महानतम फुटबॉलरों के संभावित अंतिम टूर्नामेंट का संगम। मेसी और रोनाल्डो दोनों के आखिरी विश्व कप की संभावना इसे फुटबॉल इतिहास का एक अविस्मरणीय अध्याय बना सकती है। आने वाले हफ्तों में दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की निगाहें इन्हीं ग्रुपों पर टिकी रहेंगी।