राहुल गांधी बोले — '45 एफआईआर हैं, 100 का लक्ष्य है'; ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा
सारांश
मुख्य बातें
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 7 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर एफआईआर उनके लिए 'एक मेडल की तरह' है और वे मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग को लेकर अपना विरोध जारी रखेंगे। यह बयान उस एफआईआर के संदर्भ में आया जो इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली में कथित तौर पर जबरन प्रवेश के आरोप में उनके खिलाफ दर्ज की गई है।
राहुल गांधी का बयान
राहुल गांधी ने मीडिया से खुलकर कहा, 'मेरे खिलाफ 45 एफआईआर दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 एफआईआर का है — मैं चाहता हूँ कि मेरे खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज हों। हर एफआईआर मेरे लिए एक मेडल की तरह है।' उन्होंने स्पष्ट किया कि ज्ञानेश कुमार को देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं माना जा सकता और उन्हें इस्तीफा देना ही होगा।
उन्होंने आगे कहा कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया और कहा कि वहाँ विरोध प्रदर्शन नहीं किया जा सकता।
जंतर-मंतर पर विरोध का ऐलान
दिल्ली पुलिस द्वारा आकाशवाणी भवन के पास प्रदर्शन रोके जाने के बाद इंडिया ब्लॉक के सांसदों ने तय विरोध स्थल जंतर-मंतर पर एकत्रित होने का फैसला किया। राहुल गांधी ने कहा कि वहाँ बैठकर सांसद देश को बताएंगे कि ज्ञानेश कुमार ने केंद्र सरकार के साथ मिलकर देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है और ऐसा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
खड़गे और अन्य नेताओं की प्रतिक्रिया
कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग की 'बार-बार की गलतियाँ' और केंद्र सरकार के 'इशारे पर हो रही हरकतें' देश में लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिश को दर्शाती हैं। खड़गे ने कहा, 'लोगों के हक छीने जा रहे हैं — उनकी सुरक्षा के लिए हम लड़ते रहेंगे, डरने वाले नहीं हैं।'
कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी दो-टूक कहा कि सरकार को लगता है एफआईआर से विपक्ष डर जाएगा, लेकिन ऐसा नहीं होगा। इंडिया गठबंधन के सभी साथी जंतर-मंतर पर प्रदर्शन करेंगे और माँग पूरी होने तक विरोध जारी रहेगा।
विवाद की पृष्ठभूमि
यह ऐसे समय में आया है जब विपक्ष लंबे समय से मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की नियुक्ति प्रक्रिया और उनके कार्यकाल को लेकर सवाल उठाता रहा है। गौरतलब है कि सुप्रीम कोर्ट के एक फैसले के बाद मुख्य चुनाव आयुक्त की नियुक्ति प्रक्रिया में बदलाव को लेकर भी सियासी घमासान जारी है। इंडिया ब्लॉक का यह प्रदर्शन उस व्यापक विपक्षी अभियान का हिस्सा है जो चुनाव आयोग की 'स्वायत्तता' पर सवाल खड़े कर रहा है।
आगे क्या होगा
इंडिया ब्लॉक ने साफ कर दिया है कि जंतर-मंतर पर प्रदर्शन जारी रहेगा और जब तक ज्ञानेश कुमार इस्तीफा नहीं दे देते, यह आंदोलन थमेगा नहीं। राहुल गांधी के खिलाफ दर्ज नई एफआईआर और उनकी प्रतिक्रिया ने इस मुद्दे को राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में ला खड़ा किया है। अब देखना यह होगा कि सरकार और चुनाव आयोग इस दबाव पर कैसे प्रतिक्रिया देते हैं।