7 अक्टूबर 2026
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राहुल गांधी बोले — '45 एफआईआर हैं, 100 का लक्ष्य'; ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा

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राहुल गांधी बोले — '45 एफआईआर हैं, 100 का लक्ष्य'; ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना होगा

सारांश

राहुल गांधी ने एफआईआर को 'मेडल' बताकर सीधे चुनौती दी — 45 से 100 का लक्ष्य रखकर। इंडिया ब्लॉक के 300 सांसद CEC से मिलने से रोके गए, अब जंतर-मंतर से लोकतंत्र बचाने का नारा बुलंद हो रहा है। ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा माँगने पर विपक्ष अड़ा है।

मुख्य बातें

नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के खिलाफ अब तक 45 एफआईआर दर्ज; उन्होंने 100 एफआईआर को अपना 'लक्ष्य' बताया।
आकाशवाणी भवन में कथित जबरन प्रवेश के आरोप में 7 अक्टूबर 2026 को ताज़ा एफआईआर दर्ज।
करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसदों को मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार से मिलने की अनुमति नहीं दी गई।
इंडिया ब्लॉक ने जंतर-मंतर पर विरोध जारी रखने का ऐलान किया; ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की माँग पर अड़ा।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और सांसद रेणुका चौधरी ने भी आंदोलन में सरकार को चुनौती दी।

लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने 7 अक्टूबर 2026 को मीडिया से बातचीत में कहा कि उनके खिलाफ दर्ज हर एफआईआर उनके लिए 'एक मेडल की तरह' है। इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान आकाशवाणी भवन, नई दिल्ली में कथित तौर पर जबरन प्रवेश के आरोप में उनके खिलाफ ताज़ा एफआईआर दर्ज होने के बाद उन्होंने यह बयान दिया। राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की अपनी माँग दोहराते हुए स्पष्ट किया कि विरोध जारी रहेगा।

राहुल गांधी का बयान — '100 एफआईआर का लक्ष्य'

राहुल गांधी ने कहा, 'मेरे खिलाफ अभी 45 एफआईआर दर्ज हैं। मेरा लक्ष्य 100 एफआईआर का है — मैं चाहता हूँ कि मेरे खिलाफ 100 एफआईआर दर्ज हों। हर एफआईआर मेरे लिए एक मेडल की तरह है।' यह बयान उस समय आया जब दिल्ली पुलिस ने इंडिया ब्लॉक के सांसदों को आकाशवाणी भवन के बाहर रोक दिया और कहा कि वहाँ विरोध प्रदर्शन की अनुमति नहीं है। गौरतलब है कि यह पहला मौका नहीं है जब राहुल गांधी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई हुई हो — वे इसे सत्ता के खिलाफ प्रतिरोध का प्रतीक बताते रहे हैं।

मुख्य घटनाक्रम — आकाशवाणी से जंतर-मंतर तक

राहुल गांधी ने बताया कि करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन उन्हें मुलाकात की अनुमति नहीं दी गई। इसके बाद इंडिया ब्लॉक के सांसद तय विरोध स्थल जंतर-मंतर पर पहुँचे। वहाँ उन्होंने देश को यह बताने का संकल्प लिया कि ज्ञानेश कुमार 'देश के वैध मुख्य चुनाव आयुक्त नहीं हैं' और उन्होंने केंद्र सरकार के साथ मिलकर लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है।

राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि 'जिन लोगों ने ऐसा किया है, उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ज्ञानेश कुमार को इस्तीफा देना ही होगा।' यह ऐसे समय में आया है जब विपक्षी दल चुनाव आयोग की स्वतंत्रता और निष्पक्षता को लेकर लगातार सवाल उठाते रहे हैं।

खड़गे की प्रतिक्रिया — 'लोकतंत्र खत्म करने की कोशिश'

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग की 'बार-बार की गलतियाँ और केंद्र सरकार के इशारे पर हो रही हरकतें' यह दर्शाती हैं कि देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश हो रही है। खड़गे ने कहा, 'हम संविधान की अनदेखी बर्दाश्त नहीं करेंगे। लोगों के हक की सुरक्षा के लिए हम कोशिश कर रहे हैं — हम डरने वाले नहीं हैं, बल्कि लड़ते रहेंगे और आगे बढ़ते रहेंगे।'

कांग्रेस सांसद रेणुका चौधरी ने भी कहा कि 'सरकार को लगता है कि हम एफआईआर से डर जाएंगे, लेकिन हम डरने वाले नहीं हैं।' इंडिया गठबंधन के सभी साथी जंतर-मंतर पर ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन जारी रखेंगे।

विपक्ष की माँग और आगे की रणनीति

इंडिया ब्लॉक ने स्पष्ट किया है कि जब तक ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा नहीं होता, विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा। खड़गे के अनुसार, 'चुनाव आयोग जो भी कर रहा है, उसके पीछे केंद्र सरकार है।' गठबंधन का यह भी कहना है कि वे 'देश के लोगों को बताना चाहते हैं कि उनका अधिकार छीना जा रहा है।' यह आंदोलन अब सड़क से संसदीय राजनीति तक फैलने के संकेत दे रहा है, और आने वाले दिनों में अन्य विपक्षी दलों की भागीदारी भी बढ़ सकती है।

संपादकीय दृष्टिकोण

न कि आंदोलन से। मुख्यधारा की कवरेज एफआईआर की गिनती पर अटकी है, जबकि असली सवाल यह है कि 300 सांसदों की मुलाकात क्यों रोकी गई — यह संस्थागत पारदर्शिता का प्रश्न है। बिना संसदीय अनुसरण के यह आंदोलन प्रतीकात्मक तो रहेगा, पर नतीजा शायद नहीं देगा।
RashtraPress
7 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

राहुल गांधी के खिलाफ आकाशवाणी भवन में एफआईआर क्यों दर्ज हुई?
इंडिया ब्लॉक के विरोध प्रदर्शन के दौरान 7 अक्टूबर 2026 को राहुल गांधी पर आकाशवाणी भवन में कथित तौर पर जबरन प्रवेश का आरोप लगा, जिसके बाद दिल्ली पुलिस ने एफआईआर दर्ज की। राहुल गांधी ने इसे अपने खिलाफ 'मेडल' बताया और कहा कि उनके खिलाफ अब तक 45 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं।
इंडिया ब्लॉक मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा क्यों माँग रहा है?
इंडिया ब्लॉक का आरोप है कि मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार ने केंद्र सरकार के इशारे पर काम करते हुए देश के लोकतंत्र को नुकसान पहुँचाया है। विपक्ष का कहना है कि चुनाव आयोग की 'बार-बार की गलतियाँ' संविधान की अनदेखी करती हैं, इसलिए वे उनके इस्तीफे तक विरोध जारी रखेंगे।
जंतर-मंतर पर विरोध प्रदर्शन में कितने सांसद शामिल हुए?
राहुल गांधी के अनुसार, करीब 300 लोकसभा और राज्यसभा सांसद मुख्य चुनाव आयुक्त से मिलना चाहते थे, लेकिन दिल्ली पुलिस ने उन्हें रोक दिया। इसके बाद इंडिया गठबंधन के सांसद जंतर-मंतर पर एकत्रित हुए।
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे ने क्या कहा?
मल्लिकार्जुन खड़गे ने कहा कि चुनाव आयोग की हरकतें केंद्र सरकार के इशारे पर हो रही हैं और देश में लोकतंत्र को खत्म करने की कोशिश की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि 'जनता के अधिकारों की रक्षा के लिए हमारे ऊपर कितने भी केस दर्ज हों, हम डरने वाले नहीं हैं।'
राहुल गांधी के खिलाफ अब तक कितनी एफआईआर दर्ज हैं?
राहुल गांधी ने स्वयं बताया कि उनके खिलाफ अब तक 45 एफआईआर दर्ज हो चुकी हैं। उन्होंने व्यंग्यात्मक अंदाज़ में कहा कि उनका लक्ष्य 100 एफआईआर का है और हर एफआईआर उनके लिए 'एक मेडल' जैसी है।
राष्ट्र प्रेस
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