3 अगस्त 2026
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सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में भीषण आग, तीन डिब्बे जले — सभी यात्री सुरक्षित

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सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर पैसेंजर ट्रेन में भीषण आग, तीन डिब्बे जले — सभी यात्री सुरक्षित

सारांश

बिहार के सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर सोमवार तड़के समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन में भीषण आग भड़की — तीन डिब्बे जले, रेल परिचालन ठप। शॉर्ट सर्किट की आशंका, जाँच जारी। राहत की बात: सभी यात्री सुरक्षित निकले।

मुख्य बातें

सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तड़के 3:25 बजे सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) में आग लगी।
आग मध्य इंजन के पास से शुरू होकर तीन डिब्बों तक फैली; सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकले, कोई हताहत नहीं।
स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन के अनुसार शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका, सटीक कारण की जाँच जारी।
कोसी एक्सप्रेस, जानकी एक्सप्रेस, सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल सहित कई ट्रेनें विलंबित रहीं।
रेलवे और स्थानीय प्रशासन ने मौके पर पहुँचकर राहत कार्य का निरीक्षण किया; क्षतिग्रस्त डिब्बों के नुकसान का आकलन जारी।

बिहार के सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तड़के 3 बजकर 25 मिनट पर समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) में भीषण आग भड़क उठी, जिससे ट्रेन में सवार यात्रियों और स्टेशन पर तैनात रेलवे कर्मचारियों में हड़कंप मच गया। आग मध्य इंजन के निकट से शुरू होकर तेज़ी से तीन डिब्बों तक फैल गई, हालाँकि सभी यात्री समय रहते सुरक्षित बाहर निकल आए और किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।

घटनाक्रम: कैसे लगी आग

अधिकारियों के अनुसार, आग सबसे पहले ट्रेन के मध्य इंजन के समीप देखी गई और देखते-ही-देखते घने धुएँ व ऊँची लपटों के साथ तीन डिब्बों को अपनी चपेट में ले लिया। स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन के अनुसार, शॉर्ट सर्किट के कारण आग लगने की आशंका है, हालाँकि सटीक कारण की पुष्टि के लिए रेलवे ने जाँच शुरू कर दी है।

सहरसा निवासी यात्री संजय कुमार ने बताया कि उन्हें सबसे पहले डिब्बे के नीचे से तीव्र गर्मी का अहसास हुआ। नीचे उतरकर जाँच करने पर उन्होंने लपटें देखीं और तत्काल साथी यात्रियों को सतर्क किया। एक अन्य यात्री राजू कुमार ने बताया कि वे मानसी स्टेशन से सिमरी बख्तियारपुर के लिए इसी ट्रेन में सवार हुए थे और स्टेशन पहुँचने के कुछ ही देर बाद इंजन के पास आग की लपटें दिखाई दीं, जो तेज़ी से विकराल रूप लेने लगीं।

यात्रियों की निकासी और राहत कार्य

स्टेशन अधिकारियों ने तत्काल यात्रियों को ट्रेन से बाहर निकलने का आदेश दिया, जिसके बाद कोच के भीतर अफरातफरी का माहौल बन गया। बावजूद इसके, सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकलने में सफल रहे, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियाँ और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुँचे। दमकलकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया।

रेल परिचालन पर असर

इस घटना के कारण सिमरी बख्तियारपुर में रेल परिचालन बुरी तरह बाधित हुआ। स्टेशन अधीक्षक संजय कुमार सज्जन ने बताया कि कई महत्त्वपूर्ण ट्रेनें विलंबित रहीं, जिनमें कोसी एक्सप्रेस (सहरसा-पटना), जानकी एक्सप्रेस (मनिहारी-जयनगर), सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल (सहरसा-देवघर) शामिल हैं। यह घटना ऐसे समय में हुई जब सावन के मौसम में देवघर और अन्य धार्मिक स्थलों के लिए रेल यात्रियों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि रहती है।

जाँच और आगे की कार्रवाई

रेलवे और स्थानीय प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी घटनास्थल पर पहुँचे और राहत एवं अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया। अधिकारी तीनों प्रभावित डिब्बों को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं। रेलवे ने घटना के सटीक कारण का पता लगाने के लिए औपचारिक जाँच शुरू कर दी है। गौरतलब है कि भारतीय रेलवे के बेड़े में शॉर्ट सर्किट से लगने वाली आग की घटनाएँ पुरानी विद्युत वायरिंग वाले डिब्बों में समय-समय पर सामने आती रही हैं।

फिलहाल रेलवे का ध्यान प्रभावित मार्ग पर परिचालन बहाल करने और क्षतिग्रस्त डिब्बों की जगह वैकल्पिक व्यवस्था करने पर है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह समस्या दशकों पुरानी है। राहत यह है कि यात्रियों की जान बची, लेकिन सवाल यह है कि रात के साढ़े तीन बजे जब ट्रेन में यात्री सो रहे थे, तब चेतावनी प्रणाली ने कितनी जल्दी काम किया। रेलवे की जाँच केवल कारण तक सीमित न रहे — डिब्बों की विद्युत वायरिंग की नियमित जाँच की व्यवस्था पर भी ध्यान देना ज़रूरी है।
RashtraPress
3 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सिमरी बख्तियारपुर स्टेशन पर ट्रेन में आग कब और कैसे लगी?
सोमवार, 3 अगस्त 2026 को तड़के 3 बजकर 25 मिनट पर सिमरी बख्तियारपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 2 पर खड़ी समस्तीपुर-सहरसा पैसेंजर ट्रेन (63344) के मध्य इंजन के पास आग लगी। स्टेशन अधीक्षक के अनुसार शॉर्ट सर्किट से आग लगने की आशंका है, हालाँकि जाँच अभी जारी है।
क्या ट्रेन में सवार यात्री सुरक्षित हैं?
हाँ, सभी यात्री सुरक्षित बाहर निकल आए। स्टेशन अधिकारियों ने समय पर निकासी का आदेश दिया और किसी के हताहत होने की कोई सूचना नहीं है।
आग से कितने डिब्बे प्रभावित हुए और नुकसान का आकलन कब होगा?
आग ने तीन डिब्बों को अपनी चपेट में लिया। रेलवे अधिकारी तीनों प्रभावित डिब्बों को हुए नुकसान का आकलन कर रहे हैं और औपचारिक जाँच शुरू की जा चुकी है।
इस घटना से कौन-सी ट्रेनें प्रभावित हुईं?
कोसी एक्सप्रेस (सहरसा-पटना), जानकी एक्सप्रेस (मनिहारी-जयनगर), सहरसा-समस्तीपुर पैसेंजर और श्रावणी स्पेशल (सहरसा-देवघर) सहित कई ट्रेनें विलंबित रहीं। सिमरी बख्तियारपुर क्षेत्र में रेल परिचालन अस्थायी रूप से बाधित हुआ।
आग बुझाने के लिए क्या कदम उठाए गए?
आग की सूचना मिलते ही कई दमकल गाड़ियाँ और रेलवे अधिकारी मौके पर पहुँचे। दमकलकर्मियों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आग पर काबू पाया। रेलवे और स्थानीय प्रशासन के अधिकारियों ने राहत एवं अग्निशमन कार्यों का निरीक्षण किया।
राष्ट्र प्रेस
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