क्या पंजाब के फिरोजपुर में सीआई स्टाफ की कार्रवाई ने नशे की तस्करी पर लगाम लगाई?
सारांश
Key Takeaways
- फिरोजपुर में 10 पैकेट हेरोइन बरामद हुए।
- सीआई स्टाफ ने ड्रोन के जरिए तस्करी का पता लगाया।
- सरकार का नशे के खिलाफ अभियान जारी है।
- मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में नशा तस्करों पर कार्रवाई।
- नशा पंजाब के भविष्य के लिए खतरा है।
फिरोजपुर, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। पंजाब के फिरोजपुर जिले में पुलिस ने नशे के खिलाफ एक महत्वपूर्ण सफलता हासिल की है। फिरोजपुर की सीआई स्टाफ टीम ने ड्रोन के माध्यम से तस्करी की गई बड़ी मात्रा में हेरोइन बरामद की है। इस कार्रवाई में पुलिस ने कुल 10 पैकेट हेरोइन जब्त किए हैं, जिनका कुल वजन 5 किलो 562 ग्राम है।
जानकारी के अनुसार, सीआई स्टाफ के इंचार्ज मोहित धवन अपनी टीम के साथ पल्लम किला क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चला रहे थे। इसी समय, टीम को आसमान में ड्रोन की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनते ही मोहित धवन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सतर्कता दिखाई और ड्रोन का पीछा किया। ड्रोन का पीछा करते हुए पुलिस टीम गाँव बंबा वाला के खेतों के निकट पहुंची, जहाँ दो संदिग्ध ड्रोन को सिग्नल दे रहे थे। जैसे ही उन लोगों की नजर पुलिस पार्टी पर पड़ी, वे मौके से भाग गए।
इसके बाद, सीआई स्टाफ और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) की संयुक्त टीम ने खेतों में गहन तलाशी अभियान चलाया। तलाशी के दौरान एक बड़ा पीला पैकेट बरामद हुआ। जब पैकेट को खोलकर देखा गया, तो उसमें हेरोइन के 10 पैकेट मिले। बरामद हेरोइन का कुल वजन 5 किलो 562 ग्राम निकला।
यह ध्यान देने योग्य है कि पंजाब में सरकार की नशे के खिलाफ मुहिम पूरे जोरदार तरीके से चल रही है। इसी क्रम में नशा तस्करों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जा रही है। इस अभियान के तहत प्रदेश भर से हजारों नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही यह मुहिम न केवल तस्करों के खिलाफ, बल्कि युवाओं को नशे के चक्रव्यूह से बाहर निकालने के लिए भी है।
सरकार का मानना है कि नशा पंजाब के भविष्य के लिए सबसे बड़ी चुनौती है और यदि इसे अभी नहीं रोका गया तो आने वाली पीढ़ियों को इसकी भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इसीलिए, नशे के खिलाफ यह अभियान प्रदेश में अब तक की सबसे बड़ी और संगठित कार्रवाई मानी जा रही है।