कोलकाता में आदिवासी समुदाय का न्याय की मांग को लेकर विशाल विरोध प्रदर्शन

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कोलकाता में आदिवासी समुदाय का न्याय की मांग को लेकर विशाल विरोध प्रदर्शन

सारांश

कोलकाता में आदिवासी समुदाय ने गर्भवती महिला को पीटने के मामले में न्याय की मांग को लेकर बड़ा विरोध प्रदर्शन किया। इस घटना के बाद समुदाय में गुस्सा फैल गया है।

मुख्य बातें

आदिवासी महिला के साथ अत्याचार से समुदाय में गुस्सा है।
पुलिस ने विरोध प्रदर्शन के दौरान स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बल प्रयोग किया।
भाजपा ने घटना की निंदा की और न्याय की मांग की।
सिविक वॉलंटियर पर गंभीर आरोप लगे हैं।
आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक न्याय नहीं मिलता।

कोलकाता, 26 फरवरी (राष्ट्र प्रेस)। पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में गुरुवार को एक बड़ा विरोध प्रदर्शन देखने को मिला। अधिकारियों के अनुसार, एक आदिवासी गर्भवती महिला पर एक सिविक वॉलंटियर ने हमला किया, जिसके परिणामस्वरूप उसकी गर्भ में पल रहे बच्चे की मृत्यु हो गई।

गुरुवार दोपहर, आदिवासी समुदाय के सदस्य अपने विरोध को व्यक्त करने के लिए ‘उत्तरकन्या’ (उत्तर बंगाल में पश्चिम बंगाल सरकार का शाखा सचिवालय) की ओर मार्च करते हुए पहुंचे।

प्रदर्शनकारियों ने पुलिस बैरिकेड पर चढ़ने का प्रयास किया। जब पुलिस ने उन्हें रोका, तो दोनों के बीच झड़प हुई।

स्थिति गंभीर हो गई और भीड़ को नियंत्रित करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले और पानी की बौछार (वॉटर कैनन) का सहारा लिया।

पुलिस और स्थानीय स्रोतों के मुताबिक, यह घटना जमीन अधिग्रहण विवाद से उत्पन्न हुई थी। लगभग एक महीने पहले, सिलीगुड़ी के पास फांसीदेवा इलाके में जमीन अधिग्रहण को लेकर दो पक्षों के बीच तनाव बढ़ा था।

इस बीच, एक सिविक वॉलंटियर पर गर्भवती महिला की पिटाई का आरोप लगाया गया था। पुलिस ने मोहम्मद कादेर नामक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि इस घटना में शामिल चार लोग अब भी लापता हैं।

हाल ही में महिला ने अपने गर्भ में पल रहे बच्चे को खो दिया, जिससे आदिवासी समुदाय में गुस्सा उत्पन्न हुआ और उन्होंने गुरुवार को विरोध प्रदर्शन किया।

प्रदर्शनकारियों ने आरोपी सिविक वॉलंटियर को कड़ी सजा देने की मांग की।

स्थिति को नियंत्रित करने के लिए बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया। कुछ समय बाद हालात काबू में आ गए।

सिलीगुड़ी पुलिस कमिश्नरेट के एक वरिष्ठ अधिकारी ने कहा, “कुछ प्रदर्शनकारी यहां इकट्ठा हुए और आंदोलन किया। यह कुछ समय तक चला। बाद में स्थिति को नियंत्रण में कर लिया गया।”

पश्चिम बंगाल भाजपा इकाई ने भी इस घटना की निंदा की और आरोपी को सजा देने की मांग की।

भाजपा ने बयान में कहा, “सिलीगुड़ी के फूलबाड़ी में पीड़िता को न्याय दिलाने के लिए जनजाति सुरक्षा मंच द्वारा आयोजित ‘उत्तरकन्या अभियान’ के दौरान तनावपूर्ण स्थिति रही। जैसे-जैसे जुलूस आगे बढ़ा, पुलिस के साथ झड़प हुई। लाठीचार्ज, पानी की बौछार और आंसू गैस के इस्तेमाल से पूरा इलाका युद्धक्षेत्र जैसा हो गया।”

बयान में आगे कहा गया, “प्रदर्शनकारी आरोपी की गिरफ्तारी और गर्भवती महिला के साथ मारपीट के मामले में सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। न्याय नहीं मिलने तक उनका आंदोलन जारी रहेगा।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि पूरे समाज के लिए गंभीर चिंताओं का विषय है। न्याय की मांग के लिए उठी आवाज़ें यह दर्शाती हैं कि समाज में असमानता और अन्याय के खिलाफ जागरूकता बढ़ रही है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि सभी को समान अधिकार मिले।
RashtraPress
14 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आदिवासी महिला पर हमला कब हुआ?
यह हमला हाल ही में, 26 फरवरी को सिलीगुड़ी में हुआ।
प्रदर्शन में क्या मांगा गया?
प्रदर्शनकारियों ने आरोपी सिविक वॉलंटियर को कड़ी सजा देने की मांग की।
पुलिस ने स्थिति को कैसे नियंत्रित किया?
पुलिस ने आंसू गैस और पानी की बौछार का उपयोग किया।
भाजपा ने इस घटना पर क्या प्रतिक्रिया दी?
भाजपा ने घटना की निंदा की और आरोपी को सजा दिलाने की मांग की।
क्या आरोपी गिरफ्तार किया गया है?
हाँ, मोहम्मद कादेर नामक सिविक वॉलंटियर को गिरफ्तार किया गया है।
राष्ट्र प्रेस
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