हैदराबाद में 5 साल की बच्ची का अपहरण कर हत्या, बर्खास्त सिक्योरिटी गार्ड विक्रम फरार
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित गेटेड कम्युनिटी 'विला ऑर्किड्स' में 11 अक्टूबर 2026 को एक दिल दहला देने वाली घटना सामने आई, जब 5 वर्षीय मोसेस ऑरेली — एक कृषि वैज्ञानिक की बेटी — को कथित तौर पर परिसर के ही एक पूर्व सिक्योरिटी गार्ड ने अगवा कर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने रविवार को बताया कि बच्ची का शव क्लबहाउस के तहखाने में एक पानी के टैंक में मिला, जहाँ उसके हाथ-पैर बंधे हुए थे।
घटनाक्रम: शनिवार शाम से रविवार तक
शनिवार शाम को मोसेस ऑरेली बोल्लारम (कोवकुर) स्थित अपने विला के आसपास खेलते हुए अचानक लापता हो गई। परिवार ने तत्काल मल्काजगिरी कमिश्नरेट के बोल्लारम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद पुलिस ने खोज अभियान शुरू किया। रात भर ड्रोन कैमरों और कई पुलिस दलों की मदद से आसपास के इलाकों में तलाशी ली गई।
सूत्रों के अनुसार, अपहरण के बाद संदिग्ध ने बच्ची के परिवार को फोन कर ₹20 लाख की फिरौती माँगी। परिवार रकम देने को तैयार हो गया, लेकिन इसके बाद संदिग्ध ने अपना फोन बंद कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जाँच के मुताबिक, फिरौती मांगने के बाद संदिग्ध ने बच्ची की हत्या कर दी।
संदिग्ध की पहचान और पृष्ठभूमि
पुलिस ने संदिग्ध की पहचान विक्रम के रूप में की है, जो इसी गेटेड कम्युनिटी में सिक्योरिटी गार्ड के पद पर कार्यरत था। स्थानीय निवासियों के अनुसार, विक्रम को घटना से महज दो दिन पहले खराब व्यवहार के कारण नौकरी से निकाला गया था। जाँचकर्ताओं को संदेह है कि उसने बदले की भावना से यह कृत्य किया, क्योंकि पीड़िता के दादा उस आवासी समिति के सदस्य थे, जिसने निवासियों की शिकायतों के आधार पर विक्रम को बर्खास्त करने का निर्णय लिया था।
पुलिस की प्रारंभिक जाँच में यह भी सामने आया है कि विक्रम अपहरण से पहले से ही बच्ची पर नज़र रख रहा था। उसका मोबाइल फोन सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के निकट बंद पाया गया। संदिग्ध की गिरफ्तारी के लिए 10 विशेष पुलिस दल गठित किए गए हैं और सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के आसपास के लॉज तथा होटलों की तलाशी ली जा चुकी है।
आम जनता और निवासियों की प्रतिक्रिया
इस घटना की खबर फैलते ही 'विला ऑर्किड्स' और आसपास के इलाकों में रहने वाले लोगों में भय और आक्रोश की लहर दौड़ गई। निवासियों ने माँग की है कि पुलिस संदिग्ध को तत्काल गिरफ्तार करे और न्यायिक प्रक्रिया में उसे कड़ी से कड़ी सजा दिलाई जाए। गेटेड कम्युनिटियों में सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
क्या होगा आगे
पुलिस संदिग्ध विक्रम का पता लगाने और बच्ची की मौत से जुड़ी सभी परिस्थितियों को समझने की कोशिश में जुटी है। जाँच एजेंसियाँ घटनाक्रम को पुनर्निर्मित करने के लिए सीसीटीवी फुटेज और कॉल डेटा रिकॉर्ड खंगाल रही हैं। यह मामला तेलंगाना में बाल सुरक्षा और आवासीय परिसरों में गार्ड नियुक्ति प्रक्रिया पर नए सिरे से बहस छेड़ सकता है।