लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा एक माह की बच्ची बरामद, ₹1.5 लाख में बिक्री; 5 गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
साइबराबाद पुलिस ने 3 जुलाई 2026 को एक माह की नवजात बच्ची को सकुशल बरामद कर उसकी माँ को सौंप दिया — यह वही बच्ची थी जिसे 30 जून को हैदराबाद के लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन से अगवा किया गया था और बाद में कोलकाता की एक निसंतान महिला को ₹1.5 लाख में बेच दिया गया था। पुलिस ने इस अंतर-राज्यीय शिशु तस्करी गिरोह के पाँच सदस्यों को गिरफ्तार किया है।
अपहरण की रात क्या हुआ
कर्नाटक के बीदर जिले की निवासी मालन शांता बाई, जो एक सर्कस दल के साथ काम करती हैं, अपने साथियों के साथ लिंगमपल्ली रेलवे स्टेशन के बाहर फुटपाथ पर सो रही थीं। उनकी एक माह की बेटी उनकी गोद में सो रही थी। पुलिस के अनुसार, 30 जून की रात कुछ अज्ञात व्यक्ति बच्ची को उठाकर ले गए। बच्ची के रोने की आवाज़ सुनकर माँ की नींद खुली और उन्होंने पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी एक ऑटो-रिक्शा में सवार होकर फरार हो गए।
कैसे रची गई साजिश
जाँच में सामने आया कि कोलकाता की रहनुमा अली (आयु 30 वर्ष) ने हैदराबाद में रहने वाली अपनी मौसी निम्मी जहान उर्फ सीमा अली से पैसे देकर एक बच्चा दिलाने को कहा था। सीमा ने अपनी सहेली सादेक्वा मकसूद उर्फ नाजिया को यह बात बताई, जिसने अपने मंगेतर मोहम्मद जुबेर को इसमें शामिल किया। जुबेर ने अपने साथी मोहम्मद इरफान — जो एक ऑटो चालक है और पहले भी चोरी के एक मामले में आरोपी रह चुका है — से संपर्क कर अपहरण की योजना बनाई। दोनों तेलंगाना के विकाराबाद के रहने वाले हैं।
बच्ची को अगवा करने के बाद आरोपी उसे नाजिया के घर ले गए। 1 जुलाई को रहनुमा अली अपनी मौसी सरवरी के साथ कोलकाता से हैदराबाद फ्लाइट से आईं और बच्ची की कस्टडी ली। जुबेर को ऑनलाइन माध्यम से ₹1.50 लाख का भुगतान किया गया।
पुलिस की कार्रवाई
शिकायत के आधार पर चंदानगर थाने में बीएनएस की धारा 137(2), 97 के साथ धारा 3(5) और जेजे एक्ट की धारा 84 के तहत मामला दर्ज किया गया। सेरिलिंगमपल्ली ज़ोन के आरसी पुरम डिवीजन के एसीपी सी. वाई. श्रीनिवास की अगुवाई में तीन विशेष टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने तीन दिनों तक साइबराबाद, मलकाजगिरी और हैदराबाद पुलिस आयुक्तालय क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और सभी संभावित सुरागों की पड़ताल की।
पुलिस ने रहनुमा अली और उसके साथियों के कोलकाता भागने से पहले ही सभी पाँचों आरोपियों को धर दबोचा। साइबराबाद पुलिस आयुक्त डॉ. एम. रमेश ने शुक्रवार को बचाई गई बच्ची को उसकी माँ मालन शांता बाई को सौंपा।
गिरफ्तार आरोपियों की पहचान
गिरफ्तार किए गए पाँच आरोपी हैं — मोहम्मद जुबेर और मोहम्मद इरफान (दोनों विकाराबाद, तेलंगाना); सादेक्वा मकसूद उर्फ नाजिया और निम्मी जहान अली उर्फ सीमा अली (दोनों कोलकाता मूल, हैदराबाद निवासी); तथा रहनुमा अली (कोलकाता), जिन्होंने शिशु को खरीदा था।
आगे की जाँच
पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या यह गिरोह इससे पहले भी इस तरह की घटनाओं में शामिल रहा है। यह मामला रेलवे स्टेशनों पर असुरक्षित परिस्थितियों में रहने वाले प्रवासी मज़दूर परिवारों की कमज़ोरियों को भी उजागर करता है।