ग्रेटर नोएडा में नवजात बच्ची को बेचने की कोशिश, तीन मानव तस्कर गिरफ्तार
सारांश
Key Takeaways
- ग्रेटर नोएडा में मानव तस्करी की कोशिश नाकाम हुई।
- नवजात बच्ची को बेचने की योजना के तहत तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
- बच्ची को शेल्टर होम में सुरक्षित रखा गया है।
- पुलिस कार्रवाई जारी है और अन्य संदिग्धों की तलाश की जा रही है।
- इस गिरोह ने संतानहीन दंपतियों को निशाना बनाया था।
ग्रेटर नोएडा, 22 मार्च (राष्ट्र प्रेस)। ग्रेटर नोएडा में मानव तस्करी से संबंधित एक अत्यंत गंभीर घटना उजागर हुई है। यहाँ एएचटी (एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट) और बिसरख पुलिस ने मिलकर 10 दिन की नवजात बच्ची को बेचने की योजना को विफल कर दिया। इस मामले में तीन व्यक्तियों को गिरफ्तार किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, नवजात बच्ची का सौदा लगभग 2.60 लाख रुपए में तय किया गया था। बच्ची को एक दंपति को देने की तैयारी थी, मगर दंपति को लेनदेन में संदेह हुआ और उन्होंने तुरंत चाइल्ड लाइन को सूचित किया। सूचना मिलते ही संबंधित एजेंसियां सक्रिय हो गईं।
इसके बाद एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, बाल कल्याण समिति और बिसरख थाना पुलिस ने मिलकर जाल बिछाया। जब आरोपी महिला बच्ची को दिखाने आई, उसी समय पुलिस ने दबिश देकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के दौरान पूरे गिरोह का खुलासा हुआ और कुल तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया।
पुलिस के अनुसार, यह गिरोह नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त में संलिप्त था और जरूरतमंद या संतानहीन दंपतियों को निशाना बनाता था। इस कार्रवाई से एक बड़ी मानव तस्करी की घटना टल गई है।
अभी बच्ची को सुरक्षित शेल्टर होम भेजा गया है, जहाँ उसकी देखभाल की जा रही है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य व्यक्तियों की तलाश में जुटी है। यह मामला बिसरख थाना क्षेत्र में घटित हुआ है। पुलिस का कहना है कि भविष्य में इस तरह के अपराधों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे।
पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान के आधार पर तलाशी अभियान चलाया जा रहा है ताकि इनके अन्य सदस्यों की गिरफ्तारी की जा सके और लापता लोगों का पता लगाया जा सके।
उन्हें यह भी बताया गया कि कई दिनों से पुलिस की अनेक टीमें इन्हें पकड़ने के प्रयास में थीं। मुखबिर की सूचना पर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। जल्द ही कई अन्य मामलों का खुलासा हो सकता है।
पुलिस अधिकारियों ने कहा कि पूछताछ में आरोपियों ने कई मामलों का खुलासा किया है और यह पता लगाया जा रहा है कि उन्होंने अब तक कहाँ-कहाँ बच्चों की तस्करी की है।