10 अगस्त 2026
LIVE
Get it on Google Play Download on the App Store

दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह तोड़ा, 12 गिरफ्तार; 5 नवजात बचाए

शेयर करें:
ऑडियो वॉइस लोड हो रही है…
दिल्ली पुलिस ने अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह तोड़ा, 12 गिरफ्तार; 5 नवजात बचाए

सारांश

दिल्ली पुलिस ने एक संगठित अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह तोड़ा जो फर्जी दस्तावेजों की आड़ में नवजात बच्चों को लाखों रुपए में बेच रहा था। 12 गिरफ्तारियाँ, 5 बच्चे बचाए, और 20 से अधिक मामलों का सुराग — जांच अभी जारी है।

मुख्य बातें

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने 18 जून 2025 को अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया।
12 आरोपी गिरफ्तार — कुछ दिल्ली से, कुछ राजस्थान से।
5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया गया; बाल कल्याण समिति की निगरानी में देखभाल जारी।
गिरोह ने अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की — पुलिस के अनुसार।
फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और दस्तावेजों के ज़रिए तस्करी को वैध गोद लेने जैसा दिखाया जाता था।
हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी नेटवर्क के सक्रिय होने के संकेत; आगे और गिरफ्तारियाँ संभव।

दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने 18 जून 2025 को एक बड़े अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया और 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया। पुलिस के अनुसार यह गिरोह लंबे समय से कई राज्यों में सक्रिय था और अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त में शामिल रहा है।

गिरोह का तरीकाकार

जांच अधिकारियों के मुताबिक यह नेटवर्क अत्यंत संगठित तरीके से संचालित होता था। आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से अन्य राज्यों के नवजात बच्चों को हासिल करते थे। इसके बाद फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पहचान दस्तावेज तैयार कर बच्चों की असली पहचान छुपाई जाती थी, ताकि पूरे लेन-देन को वैध गोद लेने जैसा दिखाया जा सके।

गिरोह संतानहीन और जरूरतमंद दंपतियों को निशाना बनाता था और लाखों रुपए लेकर बच्चे सौंपता था। दस्तावेजों में फर्जीवाड़ा इस प्रक्रिया का अभिन्न हिस्सा था, जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों को कानूनी संरक्षण का भ्रम रहता था।

गिरफ्तारियाँ और राज्यों का दायरा

पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार 12 आरोपियों में से कुछ को दिल्ली से और अन्य को राजस्थान से पकड़ा गया है। प्रारंभिक जांच में हरियाणा सहित अन्य राज्यों में भी बच्चों को बेचे जाने के संकेत मिले हैं। यह गिरोह कितने राज्यों में और किन-किन लोगों तक पहुँचा, इसकी गहन जांच जारी है।

गौरतलब है कि बाल तस्करी के ऐसे अंतरराज्यीय नेटवर्क पहले भी उत्तर भारत में उजागर हो चुके हैं, लेकिन दस्तावेज-जालसाजी के साथ संगठित रूप से काम करने वाले इस प्रकार के गिरोह विशेष रूप से चिंताजनक माने जाते हैं।

बचाए गए बच्चों की देखभाल

रेस्क्यू किए गए 5 नवजात बच्चों को फिलहाल सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। बाल कल्याण समिति की निगरानी में उनकी देखभाल की जा रही है और उनके पुनर्वास की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।

पुलिस की प्रतिक्रिया और आगे की कार्रवाई

दिल्ली पुलिस अधिकारियों ने इस कार्रवाई को मानव तस्करी के विरुद्ध एक बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि इस नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान की जा रही है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि अब तक कितने बच्चों को किन राज्यों में और किन लोगों को बेचा गया।

पुलिस ने स्पष्ट किया है कि संगठित अपराधों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी और पूरे नेटवर्क को जल्द से जल्द पूरी तरह उजागर किया जाएगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

दिल्ली पुलिस ने किस बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया?
दिल्ली पुलिस की सेंट्रल डिस्ट्रिक्ट यूनिट ने 18 जून 2025 को एक अंतरराज्यीय बाल तस्करी गिरोह का भंडाफोड़ किया जो कई राज्यों में नवजात बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त करता था। गिरोह फर्जी जन्म प्रमाण पत्र बनाकर तस्करी को वैध गोद लेने जैसा दिखाता था।
इस कार्रवाई में कितने आरोपी गिरफ्तार हुए और कितने बच्चे बचाए गए?
पुलिस ने 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया — कुछ दिल्ली से और कुछ राजस्थान से। इस कार्रवाई में 5 नवजात बच्चों को सुरक्षित बचाया गया, जो अब बाल कल्याण समिति की निगरानी में हैं।
यह गिरोह किन राज्यों में सक्रिय था?
प्रारंभिक जांच के अनुसार गिरोह दिल्ली, राजस्थान और हरियाणा सहित कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस अभी और राज्यों में नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है।
गिरोह किस तरह काम करता था?
आरोपी अस्पतालों और अन्य माध्यमों से नवजात बच्चों को हासिल करते थे, फिर फर्जी जन्म प्रमाण पत्र और पहचान दस्तावेज तैयार कर संतानहीन दंपतियों को लाखों रुपए में बेचते थे। पूरी प्रक्रिया को वैध गोद लेने जैसा दिखाने की कोशिश की जाती थी।
अब तक कितने बच्चों की तस्करी हुई और आगे क्या होगा?
पुलिस के अनुसार गिरोह ने अब तक 20 से अधिक बच्चों की अवैध खरीद-फरोख्त की है। जांच जारी है और आगे और गिरफ्तारियाँ संभव हैं; बचाए गए बच्चों का पुनर्वास बाल कल्याण समिति की देखरेख में हो रहा है।
राष्ट्र प्रेस
सिलसिला

जुड़े बिंदु

इस ख़बर के पीछे की कड़ियाँ — सबसे नई पहले।

8 बिंदु
  1. नवीनतम 1 महीना पहले
  2. 2 महीने पहले
  3. 4 महीने पहले
  4. 5 महीने पहले
  5. 6 महीने पहले
  6. 11 महीने पहले
  7. 11 महीने पहले
  8. 1 साल पहले