अहमदाबाद में नवजात बच्ची की तस्करी: ₹1.50 लाख में बिक्री, चार महिलाएँ गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
अहमदाबाद में नवजात बच्ची की तस्करी के एक चौंकाने वाले मामले में पुलिस ने 6 जुलाई को त्वरित कार्रवाई करते हुए चार महिलाओं को गिरफ्तार किया, जिन पर कथित तौर पर बच्ची को ₹1.50 लाख में बेचने का आरोप है। शिकायत दर्ज होने के 6 घंटे के भीतर पुलिस ने बच्ची को बरामद कर उसके माता-पिता को सौंप दिया।
मामले का घटनाक्रम
पुलिस निरीक्षक एए वाचेता के अनुसार, 4 जुलाई को थाने में शिकायत दर्ज की गई थी। आरोपी जागृति बच्ची को 'खिलाने' के बहाने अपने घर ले गई थी और दो-तीन दिन तक परिवार को बच्ची वापस नहीं की। जब परिजन बच्ची लेने पहुँचे, तो जागृति ने कहा कि जब तक उधार के पैसे नहीं लौटाए जाते, बच्ची नहीं मिलेगी — और यह भी बताया कि उसने बच्ची को 'एक अच्छे घर में' दे दिया है।
कर्ज़ से जुड़ी पृष्ठभूमि
जाँच में सामने आया है कि बच्ची के पिता ने जागृति से ₹1 लाख उधार लिया था। आर्थिक तंगी के कारण वे यह रकम नहीं लौटा पा रहे थे। पुलिस के अनुसार, जागृति ने इसी कर्ज़ को आधार बनाकर बच्ची को ₹1.50 लाख में किसी तीसरे पक्ष को बेच दिया। जागृति को इस सौदे में कथित तौर पर केवल ₹5,000 मिले; शेष राशि अन्य आरोपियों को मिली या नहीं, इसकी जाँच जारी है।
पुलिस की कार्रवाई
पुलिस निरीक्षक वाचेता ने बताया कि शिकायत मिलते ही तत्काल मामला दर्ज किया गया और 6 घंटे के भीतर बच्ची को सुरक्षित बरामद कर माता-पिता को सौंप दिया गया। अब तक चार आरोपियों की संलिप्तता सामने आई है, जिनमें मुख्य आरोपी जागृति सहित सभी महिलाएँ हैं। सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है।
जाँच की स्थिति
पुलिस अभी यह पता लगाने में जुटी है कि बच्ची को खरीदने वाला व्यक्ति कौन है और तस्करी के इस नेटवर्क में और कितने लोग शामिल हैं। अन्य आरोपियों को मिली धनराशि की भी जाँच की जा रही है। यह मामला इस बात को रेखांकित करता है कि आर्थिक कमज़ोरी का फायदा उठाकर किस तरह बाल तस्करी के मामले सामने आते हैं।