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क्या झारखंड में नवजात बच्ची चोरी का मामला फर्जी था?

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क्या झारखंड में नवजात बच्ची चोरी का मामला फर्जी था?

सारांश

हजारीबाग में गणतंत्र दिवस पर नवजात बच्ची चोरी का मामला एक बड़ा हंगामा बना। पुलिस जांच में पता चला कि बच्ची की चोरी नहीं हुई, बल्कि उसे उसके माता-पिता ने आर्थिक तंगी के कारण बेच दिया। यह घटना पुलिस की तेज कार्रवाई के बाद सामने आई और बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया गया।

मुख्य बातें

परिवार की आर्थिक स्थिति बच्चों की सुरक्षा को प्रभावित कर सकती है।
पुलिस की त्वरित कार्रवाई से बच्ची को सुरक्षित बरामद किया गया।
झूठी सूचनाएं कानून-व्यवस्था को प्रभावित कर सकती हैं।
समाज में ऐसे मामलों की गंभीरता को समझना आवश्यक है।
सामाजिक सुरक्षा तंत्र को मजबूत करने की जरूरत है।

हजारीबाग, 27 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। झारखंड के हजारीबाग जिले में गणतंत्र दिवस के दिन एक नवजात बच्ची के चोरी के आरोप पर जबर्दस्त हलचल मची। अब पुलिस जांच में यह पता चला है कि यह मामला पूरी तरह से फर्जी था। जांच में खुलासा हुआ है कि बच्ची की चोरी नहीं हुई थी, बल्कि उसे उसके माता-पिता ने ही आर्थिक तंगी के चलते बेच दिया था। पुलिस ने बेची गई बच्ची को बरामद कर लिया है।

पुलिस के अनुसार, कटकमसांडी थाना क्षेत्र के बहिमर गांव की निवासी बेबी देवी ने 24 जनवरी 2026 को अपने छठे बच्चे को जन्म दिया था। परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर थी और पहले से ही पांच बच्चों का पालन-पोषण उनके लिए कठिन साबित हो रहा था। इस स्थिति में नवजात की जिम्मेदारी को लेकर दंपती ने स्वयं को असमर्थ महसूस किया। इसी बीच, बेबी देवी ने अपनी सहेली देवंती देवी के माध्यम से अपनी रिश्तेदार मीना देवी उर्फ मालती देवी से संपर्क किया और नवजात को उसे बेचने का निर्णय लिया।

इसके बाद 26 जनवरी को सदर थाना क्षेत्र के लक्ष्मी पेट्रोल पंप के पास बच्ची चोरी की झूठी कहानी सामने आई। यह दावा किया गया कि इलाज के लिए हजारीबाग आई एक महिला की गोद से एक अज्ञात महिला ने तीन दिन की बच्ची को लेकर फरार हो गई। इस सूचना से इलाके में हड़कंप मच गया, लोग आक्रोशित हो उठे और सड़क जाम कर पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की और सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल लोकेशन और पारिवारिक पृष्ठभूमि की जांच शुरू कर दी।

कड़ाई से पूछताछ के दौर में बेबी देवी ने पूरी साजिश का खुलासा किया। इसके बाद पुलिस ने चौपारण क्षेत्र से मीना देवी उर्फ मालती देवी को गिरफ्तार किया और नवजात बच्ची को सुरक्षित बरामद कर लिया। बरामदगी के बाद बच्ची को उसकी माँ को सौंप दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पूरे मामले की गहराई से जांच जारी है। झूठी सूचना फैलाने, साजिश रचने, कानून-व्यवस्था को प्रभावित करने और सड़क जाम करने की घटनाओं के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

जहां आर्थिक तंगी के कारण परिवारों को अपने बच्चों को बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इस प्रकार की घटनाएं न केवल कानून-व्यवस्था को चुनौती देती हैं, बल्कि समाज के नैतिक मूल्यों पर भी सवाल उठाती हैं।
RashtraPress
5 सितंबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग में नवजात बच्ची चोरी का मामला कब हुआ?
यह मामला 26 जनवरी को हुआ जब बच्ची की चोरी का आरोप लगा था।
क्या बच्ची की चोरी सच थी?
नहीं, पुलिस की जांच में यह मामला फर्जी निकला। बच्ची को उसके माता-पिता ने आर्थिक तंगी के कारण बेचा था।
पुलिस ने बच्ची को कब बरामद किया?
पुलिस ने बच्ची को तुरंत गिरफ्तारी के बाद सुरक्षित बरामद किया।
राष्ट्र प्रेस
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