हैदराबाद: 5 वर्षीय ऑरेलिया की अपहरण-हत्या में पूर्व सुरक्षा गार्ड विक्रम कुमार गिरफ्तार
सारांश
मुख्य बातें
हैदराबाद के सिकंदराबाद स्थित बोलारम क्षेत्र की विला ऑर्किड्स गेटेड कम्युनिटी में 5 वर्षीय ऑरेलिया के अपहरण और हत्या के मामले में पुलिस ने 12 अक्टूबर 2026 को एक पूर्व सुरक्षा गार्ड को गिरफ्तार किया। मलकाजगिरि पुलिस आयुक्त बी. सुमति ने सोमवार को बिहार निवासी विक्रम कुमार की गिरफ्तारी की घोषणा की। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बच्ची का अपहरण कर परिवार से ₹20 लाख की फिरौती माँगी और बाद में उसकी हत्या कर दी।
मामले का घटनाक्रम
घटना शनिवार शाम को उस समय शुरू हुई जब आरोपी विक्रम कुमार ने बच्ची का अपहरण किया। शाम 7 बजे तक ऑरेलिया के घर न लौटने पर उसके परिवार ने तलाश शुरू की। इसी दौरान कृषि वैज्ञानिक और ऑरेलिया के पिता मिल्टन फर्नांडीस मोसेस के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें बच्ची की रिहाई के लिए ₹20 लाख की माँग की गई। फोन करने वाले ने सिकंदराबाद में होने का दावा किया।
जब परिवार ने उसी नंबर पर दोबारा संपर्क करने की कोशिश की तो वह बंद मिला। इसके बाद परिवार ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने संदिग्ध मोबाइल नंबर, कॉल विवरण और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर विशेष दल गठित कर तलाशी अभियान आरंभ किया।
शव की बरामदगी
पुलिस ने शुरुआत में सिकंदराबाद रेलवे स्टेशन के आसपास तलाश की, लेकिन बच्ची का पता नहीं चला। इसके बाद अभियान को गेटेड कम्युनिटी और समीपवर्ती क्षेत्रों तक विस्तारित किया गया। रविवार को ऑरेलिया का शव विला ऑर्किड्स के क्लब हाउस के तहखाने में स्थित पानी की टंकी में मिला। यह खुलासा उस गेटेड कम्युनिटी के निवासियों के लिए गहरे सदमे का कारण बना, जहाँ आरोपी 6 अक्टूबर 2026 तक सुरक्षा गार्ड के रूप में कार्यरत था।
पुलिस प्रेस कॉन्फ्रेंस में उबाल
आयुक्त बी. सुमति की प्रेस कॉन्फ्रेंस उस समय हंगामे में बदल गई, जब पीड़िता के माता-पिता और विला ऑर्किड्स के अनेक निवासी न्याय की माँग लेकर आयुक्त कार्यालय पहुँच गए। प्रदर्शनकारियों के हाथों में तख्तियाँ थीं, जिन पर 'उसे जीने का हक था', 'बच्ची ऑरेलिया के लिए शीघ्र न्याय' और 'क्रूरता के लिए कोई दया नहीं' जैसे नारे लिखे थे। निवासियों ने माँग की कि आरोपी को उनके हवाले किया जाए और तत्काल न्याय सुनिश्चित किया जाए।
पुलिस और प्रशासन की प्रतिक्रिया
पुलिस उपायुक्त चौधरी श्रीधर ने प्रदर्शनकारियों को शांत करते हुए कहा कि कानूनी प्रक्रिया का पालन अनिवार्य है और मामले की त्वरित सुनवाई के लिए फास्ट-ट्रैक अदालत का आश्वासन दिया। जब निवासियों ने मृत्युदंड की माँग की, तब पुलिस उपायुक्त ने कहा कि इस मामले में निश्चित रूप से मृत्युदंड दिया जाएगा। आयुक्त सुमति ने भी प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए कहा, 'हम एक सभ्य समाज में रहते हैं। हम कानून का उचित उपयोग करेंगे। हम सुनिश्चित करेंगे कि लड़की को न्याय मिले।'
क्या होगा आगे
पुलिस के अनुसार, आरोपी विक्रम कुमार ने अपहरण और हत्या की बात कबूल कर ली है। मामले को फास्ट-ट्रैक अदालत में भेजने की तैयारी है, जो इस तरह के अपराधों में त्वरित सुनवाई सुनिश्चित करती है। गौरतलब है कि यह घटना उस समय हुई जब बच्चों की सुरक्षा, विशेष रूप से आवासीय परिसरों में, एक राष्ट्रीय चिंता का विषय बनती जा रही है। आने वाले दिनों में चार्जशीट और न्यायिक प्रक्रिया पर सभी की नज़रें टिकी रहेंगी।