फ्लाईदुबई हादसे पर साध्वी प्राची की मांग: कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी को सलाम, निष्पक्ष जांच ज़रूरी
सारांश
मुख्य बातें
धार्मिक नेता साध्वी प्राची ने 3 अक्टूबर 2026 को बरेली में मीडिया से बात करते हुए फ्लाईदुबई की उड़ान के दौरान कैप्टन स्मित मच्छार पर हुए कथित हमले की निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस घटना की पूरी सच्चाई सामने आनी चाहिए और सह-पायलट की पृष्ठभूमि एवं सुरक्षा जांच भी होनी चाहिए। साध्वी प्राची के अनुसार, पूरे देश की दुआएं कैप्टन मच्छार के साथ हैं।
कैप्टन की बहादुरी और घटनाक्रम
साध्वी प्राची ने कैप्टन स्मित मच्छार की साहस की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने विमान में सवार यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान जोखिम में डाली। घटना के दौरान विमान में 170 से अधिक यात्री सवार थे और आपात स्थिति के बाद विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। उन्होंने इसे मानवता और कर्तव्यनिष्ठा की मिसाल बताया।
सह-पायलट की जांच की मांग
साध्वी प्राची ने ज़ोर देकर कहा कि किसी भी संवेदनशील और ज़िम्मेदारी भरे पद पर नियुक्त व्यक्ति की पृष्ठभूमि की जाँच अनिवार्य है। उन्होंने इस मुद्दे को राष्ट्रीय सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि ऐसी लापरवाही के लिए कोई गुंजाइश नहीं होनी चाहिए। सह-पायलट की सुरक्षा जाँच की माँग उन्होंने एकाधिक बार दोहराई।
अन्य मुद्दों पर प्रतिक्रिया
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) प्रमुख मोहन भागवत के 'धर्म संकट में होगा तो देश भी संकट में होगा' वाले बयान पर साध्वी प्राची ने कहा कि इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के संदर्भ में देखा जाना चाहिए। उनके अनुसार, देश की सुरक्षा सर्वोपरि है। इसके अलावा, बाबा रामदेव के भारतीय मुसलमानों के पूर्वजों को लेकर दिए गए बयान का साध्वी प्राची ने समर्थन करते हुए कहा कि भारत में रहने वाले मुसलमानों की पहचान भारतीय इतिहास और परंपरा से जुड़ी है।
राहुल गांधी पर सवाल
साध्वी प्राची ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी की इस घटना पर चुप्पी पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राजनीतिक कारणों से राहुल गांधी ने फ्लाईदुबई हादसे पर कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, जबकि यह मामला राष्ट्रीय महत्व का है। साध्वी प्राची के इन बयानों से यह मुद्दा राजनीतिक और सामाजिक दोनों स्तरों पर बहस का केंद्र बन गया है।
आगे क्या होगा
फ्लाईदुबई उड़ान में हुई इस कथित घटना की जाँच की माँग अब विभिन्न राजनीतिक और सामाजिक हलकों से उठ रही है। यह देखना होगा कि संबंधित अधिकारी और एयरलाइन इस मामले में क्या कदम उठाते हैं और क्या सह-पायलट की पृष्ठभूमि जाँच की प्रक्रिया शुरू होती है।