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क्या पूर्व विधायक जी बलाराजू ने भाजपा की सदस्यता ली?

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क्या पूर्व विधायक जी बलाराजू ने भाजपा की सदस्यता ली?

सारांश

पूर्व विधायक गुव्वाला बलाराजू ने भाजपा में शामिल होकर पार्टी के लिए नई दिशा तय की है। उनके बीआरएस छोड़ने के निर्णय ने चुनावी राजनीति में हलचल मचा दी है। जानें इस महत्वपूर्ण बदलाव के पीछे की कहानी और भाजपा की बढ़ती ताकत पर बलाराजू का क्या कहना है।

मुख्य बातें

गुव्वाला बलाराजू का भाजपा में शामिल होना एक महत्वपूर्ण राजनीतिक घटना है।
भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष ने बलाराजू का स्वागत करते हुए पार्टी की बढ़ती ताकत की बात की।
2024 के चुनावों में भाजपा की स्थिति मजबूत हो सकती है।
बलाराजू के निर्णय ने बीआरएस को चुनौती दी है।

हैदराबाद, 10 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। पूर्व विधायक गुव्वाला बलाराजू ने रविवार को भाजपा की सदस्यता ग्रहण की। हाल ही में उन्होंने बीआरएस (भारत राष्ट्र समिति) को छोड़ने का निर्णय लिया था।

अचमपेट से दो बार विधायक रह चुके बलाराजू को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष रामचंदर राव ने पार्टी कार्यालय में आयोजित एक समारोह में भाजपा में शामिल कराया।

बलाराजू उन चार बीआरएस विधायकों में से एक थे जिनका नाम 2022 में विधायक खरीद-फरोख्त के मामले में सामने आया था। उस समय, बीआरएस सरकार ने भाजपा पर आरोप लगाया था कि उसने मुंगोडे विधानसभा सीट के उपचुनाव से पहले चार विधायकों को भारी रकम देकर तोड़ने की कोशिश की थी।

भाजपा के राष्ट्रीय महासचिव बीएल संतोष का नाम भी इस खरीद-फरोख्त मामले में आरोपित के रूप में उभरा था।

बलाराजू ने 2 अगस्त को बीआरएस से अपने इस्तीफे के माध्यम से यह जानकारी दी थी। उन्होंने पार्टी अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री के चंद्रशेखर राव को लिखे पत्र में कहा कि लगभग दो दशकों तक पार्टी की सेवा करने के बाद उन्होंने 'भारी मन' से यह निर्णय लिया।

रामचंदर राव ने कहा कि बलाराजू, जो उनके समान एक वकील हैं, को कम उम्र में ही लोगों की सेवा करने का अवसर मिला।

भाजपा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि 2023 के विधानसभा चुनाव में पार्टी को 13.09 फीसदी वोट मिले थे, जो 2024 के लोकसभा चुनाव में बढ़कर 36 फीसदी से अधिक हो गए। उन्होंने कहा कि भाजपा ने लोकसभा में अपनी सीटों को दोगुना करते हुए आठ सीटें प्राप्त कीं, जबकि बीआरएस को एक भी सीट नहीं मिली।

रामचंदर राव ने हाल के एमएलसी चुनावों में भाजपा की जीत को पार्टी की बढ़ती ताकत का प्रमाण बताया। उन्होंने कहा कि कई नेता भाजपा में शामिल होना चाहते हैं और वे उनका स्वागत करने को तत्पर हैं।

भाजपा सांसद के. लक्ष्मण, एमएलसी अंजी रेड्डी, और अन्य नेता भी इस अवसर पर उपस्थित थे।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह स्पष्ट है कि बलाराजू का भाजपा में शामिल होना राजनीतिक परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण बदलाव है। यह न केवल भाजपा की ताकत को बढ़ाता है, बल्कि बीआरएस की स्थिति को भी चुनौती देता है। आगामी चुनावों में यह घटना महत्वपूर्ण साबित हो सकती है, जिससे हमें देश की लोकतांत्रिक प्रक्रिया की दिशा को समझने में मदद मिलेगी।
RashtraPress
26 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गुव्वाला बलाराजू ने भाजपा में क्यों शामिल हुए?
गुव्वाला बलाराजू ने बीआरएस से इस्तीफा देकर भाजपा में शामिल होने का निर्णय लिया, जिसके पीछे उनकी राजनीतिक दृष्टि और भाजपा की बढ़ती ताकत हो सकती है।
क्या बलाराजू का भाजपा में शामिल होना चुनावों पर असर डालेगा?
हां, बलाराजू का भाजपा में शामिल होना आगामी चुनावों में पार्टी की स्थिति को मजबूत कर सकता है।
बीआरएस का भविष्य क्या होगा?
बलाराजू जैसे नेताओं के जाने से बीआरएस को राजनीतिक चुनौती का सामना करना पड़ सकता है, जो उनकी चुनावी संभावनाओं को प्रभावित कर सकता है।
राष्ट्र प्रेस
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