परभणी में बाइक-बस टक्कर: चार युवकों की मौत, परभणी-पाथरी मार्ग पर हादसा
सारांश
मुख्य बातें
महाराष्ट्र के परभणी जिले में 30 मई 2026 को परभणी-पाथरी मार्ग पर राहुल जिनिंग के पास अंधारवाड़ मारुति मंदिर क्षेत्र में एक मोटरसाइकिल और निजी बस की भीषण आमने-सामने की टक्कर में चार लोगों की मौत हो गई। अधिकारियों के अनुसार, टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि मोटरसाइकिल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और बाइक सवार चारों व्यक्तियों को बचाया नहीं जा सका।
मुख्य घटनाक्रम
अधिकारियों के अनुसार, श्रीनिधि ट्रेवल्स की बस परभणी से पुणे की ओर जा रही थी, जब उसने राहुल जिनिंग के पास आ रही मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। मोटरसाइकिल पर सवार चारों व्यक्तियों की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। मृतकों की पहचान शुभम अप्पाराव दाहे (30 वर्ष), विष्णु गोरे (28 वर्ष), प्रहलाद अशोकराव कुटे (29 वर्ष) और नवनाथ शामराव जाधव (38 वर्ष) के रूप में हुई है।
गौरतलब है कि चारों मृतक एक ही गाँव के बताए जा रहे हैं, जिससे मनावत कस्बे और आसपास के इलाकों में गहरा शोक व्याप्त हो गया है।
भीड़ का आक्रोश और पुलिस की त्वरित कार्रवाई
टक्कर की तेज आवाज सुनकर स्थानीय लोग मौके पर जमा हो गए। अधिकारियों के अनुसार, कुछ ही देर में स्थिति तनावपूर्ण हो गई जब उत्तेजित भीड़ ने कथित तौर पर दुर्घटनाग्रस्त निजी बस को नुकसान पहुँचाया। पुलिस सबइंस्पेक्टर किशन पटांगे, प्रमोद देवकाटे और अन्य पुलिसकर्मी तत्काल घटनास्थल पर पहुँचे और स्थानीय नागरिकों की सहायता से घायलों व मृतकों को मनावत के ग्रामीण अस्पताल भेजा। पुलिस की सक्रियता से हालात अंततः नियंत्रण में आए।
यातायात बाधित, अस्पताल में भीड़
इस दुर्घटना के कारण परभणी-पाथरी राजमार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात पूरी तरह ठप हो गया और यात्रियों को लंबी देरी का सामना करना पड़ा। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई कर यातायात बहाल किया। देर रात तक मृतकों के परिजनों और नागरिकों की भारी भीड़ अस्पताल परिसर में जमा रही।
आगे की कानूनी कार्रवाई
पुलिस ने सभी शवों को पोस्टमार्टम के लिए मनावत ग्रामीण अस्पताल भेज दिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपे जाएंगे। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
इस मार्ग पर बढ़ती दुर्घटनाएँ
यह हादसा इस सड़क पर बढ़ती दुर्घटनाओं की चिंताजनक श्रृंखला का हिस्सा है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले एक महीने में इस मार्ग पर हुई दुर्घटनाओं में कुल 9 लोगों की जान जा चुकी है। यह ऐसे समय में आया है जब सड़क सुरक्षा को लेकर महाराष्ट्र में पहले से ही चिंताएँ व्यक्त की जा रही हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि व्यस्त राजमार्गों पर ओवरलोडिंग और तेज रफ्तार वाहन इस तरह की त्रासदियों की मुख्य वजह बनते हैं।