8 अक्टूबर 2026
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गडकरी का केरल CM को भरोसा: NH-66 काम होगा तेज, NH-966 को 3 महीने में मिलेगी मंजूरी

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गडकरी का केरल CM को भरोसा: NH-66 काम होगा तेज, NH-966 को 3 महीने में मिलेगी मंजूरी

सारांश

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने नई दिल्ली में केरल CM सतीशन को भरोसा दिलाया कि NH-66 के विलंबित कार्यों में तेजी आएगी और NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना को तीन महीने में मंजूरी मिलेगी। 80% भूमि अधिग्रहण पूरा, सबरीमाला रोपवे और तिरुवनंतपुरम रिंग रोड पर भी अहम सहमति।

मुख्य बातें

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने 8 अक्टूबर 2026 को नई दिल्ली में केरल CM वीडी सतीशन से मुलाकात की।
NH-66 पर विलंबित निर्माण कार्यों में तत्काल तेजी लाने का आश्वासन दिया गया।
NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना को तीन महीने के भीतर आगे की मंजूरी देने का वादा; भूमि अधिग्रहण का लगभग 80% पूरा।
तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी शीघ्र दिलाने पर सहमति।
सबरीमाला रोपवे परियोजना को दो वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य; DPR और अनुमोदन में तेजी पर सहमति।
सतीशन ने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर केरल के विभिन्न मुद्दे उठाए।

केंद्रीय सड़क परिवहन और राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने 8 अक्टूबर 2026 को केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीशन को आश्वासन दिया कि राष्ट्रीय राजमार्ग-66 (NH-66) पर विलंबित निर्माण कार्यों में तत्काल तेजी लाई जाएगी और NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना को तीन महीने के भीतर आगे की मंजूरी दी जाएगी। नई दिल्ली में हुई इस अहम बैठक में दोनों नेताओं ने केरल की कई प्रमुख सड़क एवं परिवहन परियोजनाओं की प्रगति की समीक्षा की।

मुख्य घटनाक्रम

मुख्यमंत्री सतीशन ने नई दिल्ली में केंद्रीय मंत्री गडकरी से मुलाकात कर राज्य में लंबित बुनियादी ढाँचा परियोजनाओं का मुद्दा उठाया। बैठक में NH-66 पर देरी को प्रमुख चिंता के रूप में रेखांकित किया गया, जिस पर गडकरी ने तत्काल कार्रवाई का वादा किया।

NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है। गडकरी ने आश्वस्त किया कि शेष अनुमोदन प्रक्रिया तीन महीने के भीतर पूरी कर ली जाएगी।

तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड और अन्य परियोजनाएँ

तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड बैठक में चर्चा का एक अन्य प्रमुख विषय रहा। गडकरी ने कहा कि इस परियोजना के लिए आवश्यक केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी शीघ्र प्राप्त कर ली जाएगी।

बैठक में राजमार्ग परियोजनाओं के लिए निर्माण सामग्री — विशेष रूप से नदी रेत और खदान सामग्री — की आपूर्ति में तेजी लाने पर भी सहमति बनी। सतीशन ने पश्चिमी एर्नाकुलम बाईपास, कोठामंगलम-मुवत्तुपुझा बाईपास और कोझिकोड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से बेहतर कनेक्टिविटी के लिए त्वरित प्रगति की माँग भी रखी।

सबरीमाला रोपवे परियोजना पर चर्चा

बैठक में प्रस्तावित सबरीमाला रोपवे परियोजना पर भी विस्तार से चर्चा हुई। दोनों पक्षों में विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार करने और केंद्रीय व राज्य स्तर के आवश्यक अनुमोदन में तेजी लाने पर सहमति बनी। इस परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

रक्षा मंत्री से भी मिले सतीशन

यह ऐसे समय में आया है जब केरल की कई प्रमुख सड़क परियोजनाएँ निर्माण, अनुमोदन और भूमि अधिग्रहण के विभिन्न चरणों में अटकी हुई हैं। सतीशन ने इसी दिल्ली दौरे में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी भेंट की और केरल से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।

गौरतलब है कि यह बैठकें केरल के लंबित बुनियादी ढाँचे के मुद्दों को केंद्र सरकार के समक्ष प्रभावी ढंग से उठाने की सतीशन की व्यापक पहल का हिस्सा हैं। केंद्र और राज्य, दोनों देरी को दूर कर निर्धारित समयसीमा के भीतर परियोजनाओं को आगे बढ़ाने पर मिलकर काम करने के लिए सहमत हुए हैं।

आगे की राह

अब सभी की नज़रें इस बात पर होंगी कि NH-966 की मंजूरी तीन महीने की तय समयसीमा में मिलती है या नहीं, और NH-66 पर वास्तविक निर्माण गति कितनी बढ़ती है। केरल के नागरिकों और व्यापार जगत के लिए इन राजमार्गों की तीव्र प्रगति राज्य की कनेक्टिविटी और आर्थिक विकास के लिहाज से निर्णायक साबित होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी NH-66 जैसी परियोजनाएँ समयसीमा से पीछे रही हैं। NH-966 के लिए 80% भूमि अधिग्रहण पूरा होने के बावजूद यदि मंजूरी में और देरी होती, तो यह शासन की विफलता का स्पष्ट संकेत होता। असली कसौटी यह है कि तीन महीने की समयसीमा कागजों तक सीमित रहती है या वास्तविक निर्माण गति में तब्दील होती है। केरल जैसे राज्य में, जहाँ भूगोल और मानसून पहले से निर्माण को चुनौतीपूर्ण बनाते हैं, केंद्र-राज्य समन्वय की गुणवत्ता ही परिणाम तय करेगी।
RashtraPress
8 अक्टूबर 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना को मंजूरी कब मिलेगी?
केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने आश्वासन दिया है कि NH-966 कोझिकोड-पलक्कड़ परियोजना को तीन महीने के भीतर आगे की मंजूरी दी जाएगी। इस परियोजना के लिए भूमि अधिग्रहण का लगभग 80 प्रतिशत काम पहले ही पूरा हो चुका है।
NH-66 पर काम में देरी क्यों हुई और अब क्या होगा?
NH-66 पर निर्माण कार्य विभिन्न कारणों से विलंबित रहा है। गडकरी ने 8 अक्टूबर 2026 को केरल CM सतीशन को आश्वासन दिया कि देरी दूर की जाएगी और निर्माण में तेजी लाई जाएगी।
तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड परियोजना की स्थिति क्या है?
तिरुवनंतपुरम आउटर रिंग रोड परियोजना के लिए केंद्रीय मंत्रिमंडल की मंजूरी अभी लंबित है। गडकरी ने आश्वासन दिया कि यह मंजूरी शीघ्र प्राप्त कर ली जाएगी।
सबरीमाला रोपवे परियोजना कब तक पूरी होगी?
प्रस्तावित सबरीमाला रोपवे परियोजना को दो वर्षों के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। गडकरी और सतीशन के बीच हुई बैठक में DPR तैयार करने और आवश्यक केंद्रीय व राज्य अनुमोदन में तेजी लाने पर सहमति बनी।
सतीशन की दिल्ली यात्रा में और किन मुद्दों पर चर्चा हुई?
मुख्यमंत्री सतीशन ने पश्चिमी एर्नाकुलम बाईपास, कोठामंगलम-मुवत्तुपुझा बाईपास और कोझिकोड अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे से कनेक्टिविटी पर तेज प्रगति की माँग की। इसके अलावा उन्होंने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह से भी मुलाकात कर केरल से जुड़े विभिन्न विषयों पर चर्चा की।
राष्ट्र प्रेस
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