गांधीनगर में 77वें वन महोत्सव पर 551 देसी पेड़ रोपे, स्वास्थ्य मंत्री पानशेरिया ने की पर्यावरण भागीदारी की अपील
सारांश
मुख्य बातें
गुजरात के गांधीनगर जिले में 26 अगस्त 2026 को 77वें वन महोत्सव के अवसर पर मनसा तालुका के जामला गाँव स्थित आसुदेव महादेव मंदिर परिसर में 551 देसी पेड़ लगाए गए। राज्य के स्वास्थ्य मंत्री प्रफुल्ल पानशेरिया ने इस जिला-स्तरीय कार्यक्रम की अगुवाई करते हुए नागरिकों से पर्यावरण संरक्षण और प्राकृतिक संसाधनों की रक्षा में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया।
कार्यक्रम का मुख्य घटनाक्रम
मंत्री पानशेरिया ने आसुदेव महादेव मंदिर में पूजा-अर्चना के बाद पर्यावरण जागरूकता अभियान के तहत 'वृक्ष रथ' को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने स्वयं बिल्व, आम, नीम और अशोक जैसी देसी प्रजातियों के पौधे रोपे। मंदिर परिसर में लगाए गए कुल 551 पेड़ों में 300 से अधिक बिल्व के पौधे शामिल थे।
मंत्री का संबोधन: संस्कृति और पर्यावरण का संगम
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पानशेरिया ने कहा कि प्रकृति का सम्मान और उसकी पूजा भारतीय संस्कृति की जड़ों में समाई है। उन्होंने विचारक कन्हैयालाल मुंशी और प्राचीन ऋषियों का उल्लेख करते हुए कहा: 'उन्होंने समाज के लिए प्रकृति पूजा की परंपरा छोड़ी थी।' भगवान कृष्ण और पीपल के पेड़ के संबंध का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि यह हमें सिखाता है कि वृक्ष भी जीवित सत्ता हैं।
मंत्री ने हवा, पानी और भूमि को प्रदूषण से बचाना सभी नागरिकों की नैतिक जिम्मेदारी बताया और कहा कि भारतीय धर्मग्रंथों में इन्हें देवता और माँ का दर्जा दिया गया है। उन्होंने नागरिकों से प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'एक पेड़ माँ के नाम' अभियान में सहभागी होने और पेड़ लगाने तथा उनकी देखभाल का संकल्प लेने की अपील की।
खाद्य मिलावट पर सख्त चेतावनी
पर्यावरण के साथ-साथ पानशेरिया ने जन-स्वास्थ्य के लिए खतरनाक गतिविधियों के विरुद्ध भी कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के मिलावट-विरोधी अभियान का उल्लेख करते हुए कहा कि नकली घी, मावा और रासायनिक सॉस जैसे उत्पाद बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि ऐसे असामाजिक तत्वों को किसी भी स्थिति में बख्शा नहीं जाएगा।
विधायक और संस्थाओं की भूमिका
मनसा के विधायक जे.एस. पटेल ने कहा कि जन्म, विवाह और पुण्यतिथि जैसे महत्वपूर्ण अवसरों पर पेड़ लगाने की परंपरा विकसित होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि यदि विकास कार्यों के लिए वृक्ष काटने पड़ें, तो उसकी भरपाई के लिए 10 गुना अधिक पेड़ रोपे और संरक्षित किए जाने चाहिए। मंत्री ने रासायनिक उर्वरक छोड़कर प्राकृतिक खेती की ओर बढ़ रहे किसानों और 'सद्भावना' तथा 'ग्रीन आर्मी' जैसी संस्थाओं के योगदान की सराहना की।
गुजरात में पौधारोपण का व्यापक लक्ष्य
यह आयोजन गुजरात में हरित आवरण बढ़ाने के बृहत्तर अभियान का हिस्सा है। राज्य के वन विभाग ने चालू पौधारोपण अभियान के तहत 74,453 हेक्टेयर भूमि पर 5.51 करोड़ से अधिक पेड़ लगाने का लक्ष्य निर्धारित किया है, जबकि सरकारी नर्सरियों के माध्यम से 11.80 करोड़ से अधिक पौधे वितरित किए जाने की योजना है। इसी वर्ष जुलाई में गांधीनगर लोकसभा क्षेत्र में मियावाकी तकनीक का उपयोग कर एक घंटे में 3.61 लाख से अधिक पौधे रोपकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया गया था; एक सार्वजनिक अभियान के अंतर्गत पूरे क्षेत्र में 1.26 करोड़ से अधिक पौधे भी लगाए गए। आने वाले महीनों में इस अभियान की गति और तेज होने की उम्मीद है।