क्या मकर संक्रांति से पहले श्रद्धालु गंगासागर में पवित्र स्नान के लिए जुट रहे हैं?

Click to start listening
क्या मकर संक्रांति से पहले श्रद्धालु गंगासागर में पवित्र स्नान के लिए जुट रहे हैं?

सारांश

गंगासागर में मकर संक्रांति के मौके पर श्रद्धालुओं की बडी भीड़ उमड़ रही है। यहां श्रद्धालु गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान कर सूर्य देव की पूजा कर रहे हैं। गंगासागर मेला हर साल मकर संक्रांति पर आयोजित होता है और इसे कुंभ मेले के बाद सबसे बड़ा धार्मिक मेला माना जाता है।

Key Takeaways

  • गंगासागर मेला हर साल मकर संक्रांति पर आयोजित होता है।
  • यह मेला हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है।
  • श्रद्धालु गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्नान कर रहे हैं।
  • इस साल श्रद्धालुओं की संख्या में भारी वृद्धि देखने को मिल रही है।
  • प्रशासन ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए हैं।

गंगासागर, 13 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति से पहले गंगासागर मेले में बड़ी संख्या में श्रद्धालु आ रहे हैं और गंगा नदी तथा बंगाल की खाड़ी के पवित्र संगम पर पवित्र स्नान कर सूर्य देव की पूजा-अर्चना कर रहे हैं।

गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी का संगम गंगासागर के नाम से जाना जाता है, जो हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। यह धार्मिक मेला हर साल मकर संक्रांति के मौके पर पश्चिम बंगाल के गंगासागर में कपिल मुनि के आश्रम में आयोजित होता है।

गंगासागर मेला को कुंभ मेले के बाद दूसरा सबसे बड़ा हिंदू धार्मिक मेला माना जाता है। देशभर से श्रद्धालु हर साल मकर संक्रांति पर पवित्र स्नान के लिए यहां आते हैं।

मेले की जगह का माहौल धार्मिक मंत्रों और गहरी आध्यात्मिकता से भरा हुआ है, क्योंकि विभिन्न भागों से लोग इकट्ठा हुए हैं और भक्ति भजन और गीत गा रहे हैं।

एक श्रद्धालु, कूर्मा चैतन्य दास ने कहा कि वह इस साल मेले में शामिल होकर बहुत खुश और उत्साहित हैं।

दास ने समाचार एजेंसी राष्ट्र प्रेस से बात करते हुए कहा, "इस युग में पवित्र नामों का जाप हमारी चेतना को शुद्ध करने का एक तरीका है, ताकि हम खुश हो सकें और कृष्ण से जुड़ सकें। कृष्ण के पवित्र नाम और कृष्ण खुद अलग नहीं हैं। जैसे सूरज से गंदी जगह साफ हो सकती है, वैसे ही कृष्ण के पवित्र नामों का जाप करके उनके साथ जुड़ने से हमारी चेतना भी शुद्ध हो सकती है।"

दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन मेले के दौरान तीर्थयात्रियों के स्वास्थ्य, सुरक्षा और सुचारू आवाजाही को सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम कर रहा है। एक और भक्त, आचार्य मनोज पांडे ने पवित्र मेले के लिए किए गए इंतजामों के लिए प्रशासन का आभार व्यक्त किया।

एक भक्त ने कहा, "कपिल मुनि आश्रम में इस पवित्र आध्यात्मिक मौके पर, हम देश और अलग-अलग राज्यों से आए सभी भक्तों का दिल से स्वागत करते हैं। यहां होने वाली भव्य गंगा आरती का यह तीसरा साल है।"

तीर्थयात्री कपिल मुनि मंदिर में पूजा करते और आशीर्वाद लेते भी दिखे।

दुनिया भर से लाखों तीर्थयात्री मकर संक्रांति की ठंडी सुबह में गंगासागर मेला में इस विश्वास के साथ आते हैं कि यहां पवित्र डुबकी लगाने से मोक्ष मिलता है।

Point of View

जो भारतीय संस्कृति के एक महत्वपूर्ण पहलू को दर्शाता है। इस अवसर पर लाखों श्रद्धालु एकत्रित होते हैं, जो न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक है, बल्कि सामाजिक एकता और भाईचारे की भावना को भी मजबूती प्रदान करता है।
NationPress
14/03/2026

Frequently Asked Questions

गंगासागर मेला कब आयोजित होता है?
गंगासागर मेला हर साल मकर संक्रांति के मौके पर आयोजित होता है।
गंगासागर का महत्व क्या है?
गंगासागर, गंगा नदी और बंगाल की खाड़ी के संगम पर स्थित है और इसे हिंदू धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक माना जाता है।
यहां आने वाले श्रद्धालुओं के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं?
दक्षिण 24 परगना जिला प्रशासन ने तीर्थयात्रियों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सुनिश्चित करने के लिए बड़े पैमाने पर इंतजाम किए हैं।
Nation Press