क्या गैंगस्टर एक्ट में कोर्ट का फैसला सुंदर भाटी समेत 10 आरोपियों को 9-9 वर्ष की सजा देने वाला है?

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क्या गैंगस्टर एक्ट में कोर्ट का फैसला सुंदर भाटी समेत 10 आरोपियों को 9-9 वर्ष की सजा देने वाला है?

सारांश

ग्रेटर नोएडा में गैंगस्टर एक्ट के तहत न्यायालय ने निर्णय सुनाया है। सुंदर भाटी समेत 10 आरोपियों को 9 साल की सजा सुनाई गई है। जानें कैसे ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन से अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई जारी है।

मुख्य बातें

गैंगस्टर एक्ट के तहत 10 आरोपियों को 9-9 वर्ष की सजा।
सभी दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड।
ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन के तहत कठोर कार्रवाई जारी।
गौतमबुद्धनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम।
संगठित अपराध में शामिल व्यक्तियों को बख्शा नहीं जाएगा।

ग्रेटर नोएडा, 8 दिसंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तर प्रदेश पुलिस महानिदेशक द्वारा प्रदेशभर में चलाए जा रहे विशेष अभियान 'ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन' के अंतर्गत अपराधियों के खिलाफ प्रभावी कानूनी कार्रवाई का सिलसिला निरंतर जारी है। इसी संदर्भ में, थाना कासना पुलिस, मॉनिटरिंग सेल एवं अभियोजन इकाई की मजबूत पैरवी के बाद एक महत्वपूर्ण गैंगस्टर मामले में न्यायालय ने सोमवार को निर्णय सुनाया है।

थाना कासना में पंजीकृत गैंगस्टर एक्ट से संबंधित मुकदमे में पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर द्वारा चिह्नित माफिया सुंदर भाटी सहित कुल 10 आरोपियों को अदालत ने दोषी ठहराते हुए 9-9 वर्ष की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। प्रत्येक दोषी पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है। अर्थदंड न भरने की स्थिति में हर आरोपी को दो माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।

इस मामले में दोषी पाए गए आरोपियों में सुंदर भाटी निवासी घंघोला थाना कासना, सिंहराज निवासी रामपुर माजरा थाना दनकौर, विकास पंडित निवासी रिठौरी थाना दादरी, योगेश निवासी दादूपुर थाना दनकौर, ऋषिपाल निवासी घंघोला थाना कासना, बॉबी उर्फ शेरसिंह निवासी खेड़ा भनौता थाना सूरजपुर, सोनू निवासी खेड़ा भनौता थाना सूरजपुर, यतेंद्र चौधरी निवासी चिपियाना थाना बिसरख, अनूप भाटी निवासी साकीपुर थाना सूरजपुर और दिनेश भाटी निवासी साकीपुर थाना सूरजपुर शामिल हैं।

यह अदालत का निर्णय न केवल गौतमबुद्धनगर पुलिस की प्रभावी पैरवी का परिणाम है, बल्कि यह भी दर्शाता है कि संगठित अपराध में शामिल किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, 'ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन' के तहत गंभीर अपराधों में शामिल, माफिया घोषित या गैंगस्टर एक्ट में आरोपित व्यक्तियों के खिलाफ निरंतर कठोर कार्रवाई की जा रही है।

पुलिस कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर के अनुसार, अपराधियों के खिलाफ ऐसी प्रभावी कार्रवाई भविष्य में भी जारी रहेगी, ताकि जिले में संगठित अपराध पर अंकुश लगाया जा सके और कानून-व्यवस्था को मजबूत किया जा सके।

संपादकीय दृष्टिकोण

बल्कि यह संगठित अपराध के खिलाफ एक ठोस संदेश भी देता है। पुलिस और न्यायालय के सहयोग से, हम समाज में कानून-व्यवस्था को बनाए रखने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम उठा सकते हैं।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गैंगस्टर एक्ट क्या है?
गैंगस्टर एक्ट एक कानून है जो संगठित अपराधों में शामिल व्यक्तियों के खिलाफ कार्रवाई करने के लिए बनाया गया है।
इस मामले में कितने आरोपियों को सजा मिली है?
इस मामले में कुल 10 आरोपियों को 9-9 वर्ष की सजा मिली है।
ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन क्या है?
ऑपरेशन कन्‍विक्‍शन उत्तर प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ चलाया जा रहा एक विशेष अभियान है।
दोषियों पर क्या दंड लगाया गया है?
दोषियों पर 20-20 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया गया है।
क्या यह फैसला संगठित अपराध पर प्रभाव डालेगा?
हाँ, यह फैसला संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई का संकेत है और इससे कानून-व्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
राष्ट्र प्रेस
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