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क्या गौतमबुद्ध नगर में स्लीपर बस संचालकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई?

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क्या गौतमबुद्ध नगर में स्लीपर बस संचालकों के साथ गोष्ठी आयोजित की गई?

सारांश

गौतमबुद्ध नगर में आयोजित एक गोष्ठी ने सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देने के लिए स्लीपर बस संचालकों को एकजुट किया। इस महत्वपूर्ण पहल में सुरक्षा नियमों के पालन पर जोर दिया गया, जिससे सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने की कोशिश की जा रही है। जानें इस गोष्ठी की प्रमुख बातें और सड़क सुरक्षा के लिए उठाए गए कदम।

मुख्य बातें

सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए सभी को मिलकर काम करना होगा।
यातायात नियमों का कड़ाई से पालन जरूरी है।
बस संचालकों की जिम्मेदारी है कि वे नियमों का पालन करें।
गोष्ठी से जागरूकता बढ़ी है।
प्रशासन ने निगरानी और प्रवर्तन को मजबूत करने का आश्वासन दिया है।

नोएडा, 10 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्ध नगर में शनिवार को राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के अंतर्गत स्लीपर बस संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण गोष्ठी का आयोजन किया गया।

उत्तर प्रदेश शासन के निर्देशों के अनुसार सड़क दुर्घटनाओं को कम करने और जनहानि को न्यूनतम करने के उद्देश्य से यह पहल की गई है।

कमिश्नरेट गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट के पुलिस आयुक्त के मार्गदर्शन में और पुलिस उपायुक्त (यातायात) की अध्यक्षता में, स्लीपर बसों के मालिकों और बस यूनियन के पदाधिकारियों के साथ एक विस्तृत चर्चा की गई।

यह गोष्ठी सेक्टर-14ए में आयोजित हुई। गोष्ठी का मुख्य लक्ष्य सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य की दिशा में ले जाना और 'शून्य मृत्यु दर समाधान' को प्रभावी रूप से लागू करना था।

बैठक में यातायात नियमों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। शीत ऋतु के संदर्भ में बसों को निर्धारित गति सीमा के भीतर चलाने, क्षमता से अधिक सवारियां न बैठाने, बस की छत पर माल न लादने और परमिट की सभी शर्तों का पालन करने के निर्देश दिए गए।

इसके अलावा, अनधिकृत रूप से बसों को रोककर सवारी बैठाने पर रोक, बस चालक एवं परिचालक द्वारा किसी प्रकार के मादक पदार्थ का सेवन न करने का नियम, फिटनेस प्रमाण पत्र के अनुसार बसों का संचालन और लंबी दूरी की बसों में दो चालकों की व्यवस्था जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।

यातायात प्रबंधन को सुचारु बनाए रखने के लिए पीक ऑवर्स के दौरान नोएडा–ग्रेटर नोएडा एक्सप्रेसवे पर बसों का संचालन न करने की अपील की गई।

गोष्ठी में मनीषा सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त (यातायात), डॉ. अदित नारायण पांडेय (एआरटीओ) समेत समस्त स्लीपर बसों के मालिक और बस यूनियन के पदाधिकारी शामिल रहे। अधिकारियों ने बताया कि सड़क सुरक्षा केवल प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें परिवहन से जुड़े सभी हितधारकों का सहयोग आवश्यक है।

इस दौरान बस संचालकों और यूनियन प्रतिनिधियों ने यातायात नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा अभियान में सक्रिय सहयोग देने का आश्वासन दिया। प्रशासन ने सड़क दुर्घटनाओं में कमी लाने के लिए नियमित निगरानी, जागरूकता कार्यक्रमों और सख्त प्रवर्तन की प्रतिबद्धता को दोहराया।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें प्रशासन, परिवहन सेवाएं और आम नागरिक सभी शामिल हैं। गौतमबुद्ध नगर में आयोजित गोष्ठी इस बात का प्रमाण है कि सही दिशा में कदम उठाकर हम सड़क दुर्घटनाओं को कम कर सकते हैं। यह सुनिश्चित करना जरूरी है कि सभी हितधारक अपनी भूमिका निभाते रहें।
RashtraPress
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अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गौतमबुद्ध नगर में गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य क्या था?
गौतमबुद्ध नगर में गोष्ठी का मुख्य उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं में मृत्यु दर को शून्य की दिशा में ले जाना और 'शून्य मृत्यु दर समाधान' को लागू करना था।
इस गोष्ठी में किन मुद्दों पर चर्चा की गई?
गोष्ठी में यातायात नियमों का पालन, बसों का संचालन, और सड़क सुरक्षा से संबंधित अन्य महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा की गई।
राष्ट्र प्रेस
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