क्या गौतमबुद्धनगर में बनेगा आधुनिक साइबर थाना, बढ़ते अपराधों पर लगेगा प्रभावी अंकुश?
सारांश
Key Takeaways
- नवीन साइबर थाना भवन का निर्माण कार्य शुरू हो चुका है।
- यह भवन 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित होगा।
- साइबर अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए नई तकनीक का उपयोग किया जाएगा।
- इस थाने में हाई-टेक फोरेंसिक यूनिट स्थापित की जाएगी।
- साइबर विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण दिया जाएगा।
ग्रेटर नोएडा, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। जिले में साइबर अपराधों की बढ़ती संख्या पर नियंत्रण पाने और डिजिटल अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित करने के लिए गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पुलिस कमिश्नर के निर्देश में कमिश्नरेट क्षेत्र के थाना रबूपुरा अंतर्गत सेक्टर-20, पॉकेट-सी, यमुना अथॉरिटी में एक नवीन साइबर थाना भवन का निर्माण कार्य शुरू किया गया है। यह कार्य निर्माण कार्यदायी संस्था द्वारा प्रारंभ किया गया है।
जानकारी के अनुसार, यह साइबर थाना भवन लगभग 3500 वर्ग मीटर क्षेत्र में विकसित किया जाएगा और इसकी अनुमानित लागत 3 करोड़ 30 लाख 26 हजार रुपए निर्धारित की गई है। इस महत्वाकांक्षी परियोजना का निर्माण लोक निर्माण विभाग द्वारा किया जा रहा है। भवन को आधुनिक तकनीकी मानकों और वर्तमान आवश्यकताओं के अनुसार तैयार किया जाएगा, जिससे साइबर अपराधों से जुड़ी जांच, कार्रवाई और पीड़ितों को न्याय दिलाने की प्रक्रिया को और मजबूत बनाया जा सके।
हाल के समय में ऑनलाइन ठगी, साइबर फ्रॉड, डेटा चोरी, डिजिटल भुगतान से संबंधित अपराधों में तेजी से वृद्धि हुई है। ऐसे में एक अत्याधुनिक साइबर थाना की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। इस नए साइबर थाने की स्थापना से न केवल साइबर अपराधों पर नियंत्रण स्थापित किया जा सकेगा, बल्कि पीड़ितों की शिकायतों का त्वरित निस्तारण, तकनीकी जांच में तेजी और डिजिटल साक्ष्यों के संकलन एवं विश्लेषण को भी मजबूती मिलेगी।
नवीन साइबर थाना भवन में हाई-टेक साइबर फोरेंसिक यूनिट और अत्याधुनिक लैब की स्थापना की जाएगी। यहां डिजिटल साक्ष्यों की जांच के लिए आधुनिक उपकरण और तकनीक उपलब्ध कराई जाएगी। इसके साथ ही साइबर विशेषज्ञों की तैनाती की जाएगी, जिससे जटिल मामलों का समाधान संभव हो सके।
इसके अतिरिक्त, पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश में सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों को साइट्रेन पोर्टल के माध्यम से साइबर सुरक्षा से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया गया है। बहुराष्ट्रीय कंपनियों के विशेषज्ञों, विभिन्न साइबर संस्थानों के प्रोफेसरों और अन्य क्षेत्रों के विशेषज्ञों के सहयोग से साइबर वूलनरबिलिटी पर विस्तृत प्रशिक्षण और विमर्श किया गया है।