गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 108 गुम स्मार्टफोन लौटाए, ₹25 लाख की संपत्ति मालिकों को वापस
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस ने 19 अक्टूबर 2026 को मिशन शक्ति अभियान 6.0 और मिशन सहयोग के तहत ₹25 लाख की अनुमानित कीमत के 108 स्मार्टफोन उनके असली मालिकों को वापस सौंपकर एक उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की। केंद्रीय उपकरण पहचान रजिस्टर (सीईआईआर) पोर्टल और तकनीकी निगरानी के संयुक्त उपयोग ने इस अभियान को सफल बनाया।
अभियान का नेतृत्व और टीम
पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में, डीसीपी नोएडा साद मिया खान के पर्यवेक्षण और एडीसीपी नोएडा अभय कुमार मिश्रा के नेतृत्व में यह पूरी कार्रवाई की गई। सर्विलांस सेल नोएडा, थाना सेक्टर-58 और नोएडा जोन के अन्य थानों की संयुक्त पुलिस टीमों ने मिलकर फोन बरामद करने के प्रयास किए।
यह वह ढाँचा है जो मिशन शक्ति अभियान 6.0 के अंतर्गत राज्य स्तर पर चलाया जा रहा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को आर्थिक और डिजिटल सुरक्षा दिलाना है।
कहाँ और कैसे गए थे फोन
पुलिस के अनुसार, बरामद अधिकांश स्मार्टफोन भीड़भाड़ वाले बाज़ारों, साप्ताहिक हाट और सार्वजनिक परिवहन में गुम हुए थे। कई लोगों के फोन ऑटो, टैक्सी, बस, मेट्रो और ई-रिक्शा में यात्रा के दौरान छूट गए थे, जबकि कुछ दोपहिया वाहन चलाते या सुबह-शाम की सैर के दौरान कहीं गिर गए थे।
फोन गुम होने के बाद संबंधित लोगों ने नोएडा जोन के विभिन्न थानों में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसके आधार पर सर्विलांस सेल ने तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण शुरू किया।
सीईआईआर पोर्टल की भूमिका
पुलिस ने सीईआईआर (CEIR) पोर्टल — जो केंद्र सरकार का केंद्रीय उपकरण पहचान डेटाबेस है — की मदद से गुम फोन की पहचान और उनका भौगोलिक पता लगाने में सफलता पाई। गौरतलब है कि यह पोर्टल IMEI नंबर के आधार पर किसी भी चोरी या गुम फोन को ट्रैक करने और ब्लॉक करने की सुविधा देता है।
तकनीकी साक्ष्यों के विश्लेषण और पोर्टल की जानकारी को मिलाकर टीमों ने 108 विभिन्न कंपनियों के स्मार्टफोन बरामद किए।
आम जनता पर असर
मोबाइल फोन गुम होने से लोगों को न केवल आर्थिक नुकसान होता है, बल्कि उनके व्यक्तिगत संपर्क नंबर, निजी दस्तावेज, फोटो और अन्य संवेदनशील जानकारियाँ भी खतरे में पड़ जाती हैं। फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने गौतमबुद्धनगर पुलिस का आभार व्यक्त किया और कहा कि यह कदम उनके लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
यह अभियान ऐसे समय में आया है जब डिजिटल डेटा की सुरक्षा को लेकर नागरिकों में चिंता बढ़ रही है और पुलिस का यह कदम तकनीक के सकारात्मक उपयोग का उदाहरण बन रहा है।
आगे की दिशा
पुलिस अधिकारियों ने संकेत दिया है कि यह अभियान जारी रहेगा और भविष्य में भी मिशन शक्ति व मिशन सहयोग के तहत ऐसी बरामदगी की कार्रवाइयाँ की जाएंगी। नागरिकों को सलाह दी गई है कि फोन गुम होने पर तुरंत निकटतम थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएँ और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करें।