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क्या गाजियाबाद में मूक-बधिर गैंगरेप पीड़िता की संदिग्ध मौत पर एनएचआरसी ने कार्रवाई की?

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क्या गाजियाबाद में मूक-बधिर गैंगरेप पीड़िता की संदिग्ध मौत पर एनएचआरसी ने कार्रवाई की?

सारांश

गाजियाबाद में मूक-बधिर गैंगरेप पीड़िता की संदिग्ध मौत पर एनएचआरसी ने सख्त कदम उठाए हैं। उत्तर प्रदेश के डीजीपी और जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर रिपोर्ट मांगी गई है। क्या न्याय मिलेगा? जानें पूरी कहानी!

मुख्य बातें

गाजियाबाद में मूक-बधिर युवती के खिलाफ गैंगरेप का मामला।
एनएचआरसी ने कार्रवाई की और रिपोर्ट मांगी।
पीड़िता की मौत ने मानवाधिकारों पर सवाल उठाए।
दो आरोपी गिरफ्तार हुए हैं।
निष्पक्ष जांच की उम्मीद।

नई दिल्ली, 27 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (एनएचआरसी) ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद जिले में एक मूक-बधिर गैंगरेप पीड़िता की संदिग्ध मौत के मामले में स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने इस मामले में उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) और गाजियाबाद के जिलाधिकारी (डीएम) को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।

यह घटना 18 अगस्त को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुई थी, जहाँ दो युवकों ने अकेली जा रही मूक-बधिर युवती को अगवा किया और सुनसान स्थान पर ले जाकर गैंगरेप की वारदात को अंजाम दिया।

रिपोर्ट के अनुसार, पीड़िता का इलाज दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) में चल रहा था, लेकिन 21 अगस्त को उसकी मौत हो गई।

इस घटना को लेकर 22 अगस्त को मीडिया में रिपोर्ट प्रकाशित हुई, जिसके आधार पर एनएचआरसी ने कहा कि यदि ये आरोप सही हैं तो यह गंभीर मानवाधिकार उल्लंघन का मामला है।

आयोग ने नोटिस में कहा है कि उन्हें यह जानना जरूरी है कि जांच की वर्तमान स्थिति क्या है। क्या पीड़िता के परिवार को कोई मुआवजा या सहायता दी गई है? प्रशासन ने इस मामले में अब तक क्या कदम उठाए हैं?

एनएचआरसी ने इस घटना को बेहद चिंताजनक और शर्मनाक करार दिया। आयोग का कहना है कि जब कोई पीड़ित पहले ही शारीरिक बाध्यता जैसी चुनौती से जूझ रहा हो और फिर उसके साथ ऐसी क्रूरता हो, तो यह सिर्फ कानून का ही नहीं, बल्कि समाज की संवेदनशीलता और सुरक्षा तंत्र पर भी सवाल खड़े करता है।

गौरतलब है कि इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। दोनों ने ही पीड़िता को सुनसान रास्ते से अगवा कर उसके साथ अमानवीय कृत्य किया।

अब एनएचआरसी की इस कार्रवाई से उम्मीद की जा रही है कि मामले की निष्पक्ष जांच होगी और पीड़िता को न्याय मिलेगा।

एनएचआरसी ने दो सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट पेश करने को कहा है।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह देखना आवश्यक है कि हम एक ऐसा समाज बनाएं जहाँ हर व्यक्ति को सुरक्षा मिले। इस मामले ने हमारे न्याय और मानवाधिकारों की स्थिति को उजागर किया है। हमें यह सुनिश्चित करने की आवश्यकता है कि ऐसे मामलों में त्वरित न्याय हो और पीड़ितों को उचित सहायता मिल सके।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गाजियाबाद में गैंगरेप की घटना कब हुई?
यह घटना 18 अगस्त को गाजियाबाद के लोनी क्षेत्र में हुई थी।
एनएचआरसी ने इस मामले में क्या कदम उठाए हैं?
एनएचआरसी ने यूपी के डीजीपी और जिलाधिकारी को नोटिस जारी कर दो हफ्तों के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है।
पीड़िता का इलाज कहाँ चल रहा था?
पीड़िता का इलाज दिल्ली स्थित इंस्टीट्यूट ऑफ ह्यूमन बिहेवियर एंड एलाइड साइंसेज (आईएचबीएएस) में चल रहा था।
क्या आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है?
हाँ, इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है।
इस मामले की जांच की स्थिति क्या है?
एनएचआरसी ने जांच की वर्तमान स्थिति के बारे में जानकारी मांगी है।
राष्ट्र प्रेस
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