क्या शी चिनफिंग के विशेष दूत ने गिनी के राष्ट्रपति के पद ग्रहण समारोह में भाग लिया?

Click to start listening
क्या शी चिनफिंग के विशेष दूत ने गिनी के राष्ट्रपति के पद ग्रहण समारोह में भाग लिया?

सारांश

गिनी के राष्ट्रपति मामाडी डौम्बौया के पद ग्रहण समारोह में चीन के विशेष दूत चंग च्येनपांग ने भाग लिया। चीन और गिनी के बीच रिश्तों को मजबूत करने के संदेश के साथ, यह समारोह दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण अवसर बना।

Key Takeaways

  • गिनी के राष्ट्रपति का शपथ ग्रहण समारोह महत्वपूर्ण है।
  • चीन और गिनी के बीच संबंधों में मजबूती लाने का प्रयास।
  • चंग च्येनपांग ने शी चिनफिंग का संदेश पहुंचाया।
  • गिनी चीन के साथ मित्रता को महत्व देता है।
  • दोनों देशों के संबंधों में नया अध्याय।

बीजिंग, 19 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गिनी के राष्ट्रपति मामाडी डौम्बौया के निमंत्रण पर चीनी राष्ट्रपति शी चिनफिंग के विशेष दूत और राष्ट्रीय जन प्रतिनिधि सभा की स्थायी समिति के उपाध्यक्ष चंग च्येनपांग ने 17 जनवरी को गिनी की राजधानी कोनाक्री में राष्ट्रपति के पद ग्रहण समारोह में भाग लिया।

इस अवसर पर चंग च्येनपांग ने मामाडी डौम्बौया को राष्ट्रपति शी चिनफिंग का संदेश देते हुए कहा कि चीन गिनी के साथ संबंधों के विकास पर विशेष ध्यान केंद्रित कर रहा है। चीन गिनी के साथ पारंपरिक मित्रता को बढ़ाने के साथ-साथ आपसी लाभ वाले सहयोग को मजबूत करना चाहता है, ताकि चीन-गिनी व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और विकसित किया जा सके।

वहीं, मामाडी डौम्बौया ने चंग च्येनपांग से शी चिनफिंग को संदेश भेजने का अनुरोध किया और उनके शपथ ग्रहण समारोह में विशेष दूत भेजने के लिए धन्यवाद दिया।

डौम्बौया ने कहा कि गिनी चीन के साथ अपनी पारंपरिक मित्रता को अत्यधिक महत्वपूर्ण मानता है और विभिन्न क्षेत्रों में सहयोग को मजबूत करना चाहता है, ताकि दो देशों के संबंध एक नए स्तर पर पहुंच सकें।

(साभार- चाइना मीडिया ग्रुप, पेइचिंग)

Point of View

यह स्पष्ट है कि चीन और गिनी के बीच संबंधों का विकास न केवल दोनों देशों के लिए, बल्कि क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग के लिए भी महत्वपूर्ण है। यह समारोह इस दिशा में एक सकारात्मक कदम है।
NationPress
19/01/2026

Frequently Asked Questions

गिनी के राष्ट्रपति कौन हैं?
गिनी के राष्ट्रपति मामाडी डौम्बौया हैं।
चीन के विशेष दूत कौन हैं?
चंग च्येनपांग चीन के विशेष दूत हैं।
यह समारोह कब हुआ?
यह समारोह 17 जनवरी को हुआ।
Nation Press