गिरिडीह में प्रेमिका से शादी की जिद: संजय रजक 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा, 15 दिन में झारखंड की चौथी घटना
सारांश
मुख्य बातें
गिरिडीह जिले के बेंगाबाद थाना क्षेत्र के मोतीलेदा गांव में सोमवार, 18 मई की सुबह युवक संजय रजक करीब 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया और ऐलान किया कि जब तक उसकी प्रेमिका से शादी नहीं कराई जाएगी, वह नीचे नहीं उतरेगा। घंटों की मान-मनौव्वल के बाद बेंगाबाद पुलिस ने स्थानीय नागरिकों के सहयोग से उसे सुरक्षित नीचे उतारा। यह पंद्रह दिनों के भीतर झारखंड में मोबाइल टावर पर चढ़ने की चौथी घटना है।
मुख्य घटनाक्रम
सोमवार सुबह संजय रजक बेंगाबाद के मोतीलेदा गांव स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। ऊपर पहुंचते ही उसने प्रेमिका से तत्काल शादी कराने की मांग रख दी। युवक को इतनी ऊंचाई पर देख टावर के नीचे सैकड़ों ग्रामीणों की भीड़ जमा हो गई और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचित किया।
पुलिस की प्रतिक्रिया
सूचना मिलते ही बेंगाबाद थाना पुलिस दलबल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस टीम और ग्रामीण लाउडस्पीकर के माध्यम से युवक को लगातार समझाते रहे, लेकिन संजय ऊपर से ही शादी कराने की जिद पर अड़ा रहा। घंटों की मशक्कत के बाद पुलिस ने स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों के सहयोग से उसे सुरक्षित नीचे उतारा और थाने ले आई। थाने में उसके परिजनों को बुलाकर काउंसलिंग की जा रही है।
झारखंड में बढ़ती ऐसी घटनाएं
गौरतलब है कि ठीक एक दिन पहले रविवार को धनबाद के गोमो में एक युवती अपने गिरफ्तार प्रेमी को छुड़ाने के लिए टावर पर चढ़ी थी। इससे एक दिन पहले शनिवार को गिरिडीह के निमियाघाट में एक शादीशुदा युवक सात घंटे तक टावर पर डटा रहा था। यह पंद्रह दिनों के भीतर राज्य में इस तरह की चौथी घटना है, जिसके चलते पुलिस-प्रशासन को बार-बार हरकत में आना पड़ रहा है।
आम जनता और प्रशासन पर असर
मोबाइल टावर पर चढ़ने की इन घटनाओं ने झारखंड पुलिस के लिए एक नई चुनौती खड़ी कर दी है। हर बार भारी पुलिस बल, भीड़ नियंत्रण और घंटों की काउंसलिंग में संसाधन लगते हैं। आलोचकों का कहना है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रशासन को दीर्घकालिक मनोवैज्ञानिक सहायता तंत्र विकसित करना होगा।
क्या होगा आगे
फिलहाल संजय रजक को थाने में परिजनों के साथ काउंसलिंग के लिए रखा गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार मामले में आगे की कार्रवाई परिस्थितियों और परिजनों के बयान के आधार पर तय की जाएगी। झारखंड में इस तरह की घटनाओं की बढ़ती संख्या को देखते हुए प्रशासन की ओर से निवारक कदम उठाए जाने की उम्मीद जताई जा रही है।