गोड्डा में मुखिया पर फायरिंग: तीन आरोपी गिरफ्तार, अवैध पिस्टल और बोलेरो जब्त
सारांश
मुख्य बातें
झारखंड के गोड्डा जिले के पोड़ैयाहाट थाना क्षेत्र में 18 जून को पोड़ैयाहाट पंचायत के मुखिया अनुपम भगत पर की गई फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों में अंकित यादव, नयन यादव और अमरकांत गिरी उर्फ कारु शामिल हैं, जिन्हें एक विशेष जाँच दल ने त्वरित छापेमारी के बाद दबोचा।
मामले की पृष्ठभूमि
मुखिया अनुपम कुमार भगत के लिखित आवेदन पर पोड़ैयाहाट थाने में अंकित यादव और दो अन्य के विरुद्ध संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। घटना की गंभीरता को देखते हुए गोड्डा के पुलिस अधीक्षक मुकेश कुमार ने पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) के नेतृत्व में एक विशेष जाँच दल (एसआईटी) का गठन किया।
गिरफ्तारी और कबूलनामा
एसआईटी ने त्वरित अनुसंधान और छापेमारी करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों ने अपने कबूलनामे में स्वीकार किया कि उन्होंने अनुपम कुमार भगत पर इसलिए हमला किया क्योंकि उन्होंने शैलेंद्र भगत हत्याकांड में गवाही दी थी। आरोपियों ने पूर्व-नियोजित षड्यंत्र के तहत सहयोगियों के साथ मिलकर पिस्टल से फायरिंग की घटना को अंजाम दिया।
जब्त हथियार और सामग्री
आरोपियों के स्वीकारोक्ति बयान के आधार पर पुलिस ने घटना में प्रयुक्त एक अवैध पिस्टल, पाँच कारतूस, एक अवैध देशी कट्टा, एक बोलेरो वाहन और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी गिरफ्तार अभियुक्तों को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है।
आरोपियों की आपराधिक पृष्ठभूमि
गोड्डा के हेडक्वार्टर डीएसपी जेपीएन चौधरी के अनुसार, अंकित यादव और नयन यादव भाई हैं और ग्राम द्रोपद राजापुर, थाना पोड़ैयाहाट के निवासी हैं। अमरकांत गिरी उर्फ कारु ग्राम तेतरिया टिकर, थाना पोड़ैयाहाट, जिला गोड्डा का रहने वाला है। डीएसपी चौधरी ने बताया कि अंकित और नयन यादव पहले से ही कई हत्या और रंगदारी के मामलों में अभियुक्त हैं और दोनों कई बार जेल जा चुके हैं।
आगे की कार्रवाई
इस मामले में संलिप्त अन्य अभियुक्तों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की ओर से लगातार छापेमारी जारी है। यह मामला इस बात का संकेत है कि गवाहों को निशाना बनाने की प्रवृत्ति ग्रामीण झारखंड में एक गंभीर चुनौती बनती जा रही है।