क्या गूगल ने भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर आगे बढ़ाने के लिए मार्केट एक्सेस प्रोग्राम लॉन्च किया?
सारांश
Key Takeaways
- गूगल का मार्केट एक्सेस प्रोग्राम भारतीय स्टार्टअप्स को वैश्विक स्तर पर पहुंचाने में सहायता करेगा।
- स्टार्टअप्स को आवश्यक प्रशिक्षण और संसाधन उपलब्ध कराए जाएंगे।
- यह कार्यक्रम विशेष रूप से एआई आधारित स्टार्टअप्स के लिए है।
- गूगल का वैश्विक नेटवर्क स्टार्टअप्स के लिए नए अवसर खोलेगा।
- उन्नत एआई कार्यों के लिए नए मॉडल पेश किए गए हैं।
नई दिल्ली, 15 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गूगल ने गुरुवार को ‘गूगल मार्केट एक्सेस’ प्रोग्राम की शुरुआत की। यह एक अद्वितीय कार्यक्रम है, जिसका मुख्य उद्देश्य भारतीय स्टार्टअप्स को अपने उत्पादों को बाजार में बेहतर तरीके से प्रस्तुत करना और उन्हें स्थानीय स्तर से वैश्विक स्तर तक तेजी से पहुंचाना है।
इस प्रोग्राम की घोषणा राष्ट्रीय राजधानी में आयोजित ‘गूगल एआई स्टार्टअप्स कॉन्क्लेव’ के दौरान की गई। इस अवसर पर, गूगल ने भारत के तेजी से विकसित हो रहे एआई आधारित स्टार्टअप क्षेत्र के प्रति अपनी दीर्घकालिक प्रतिबद्धता को पुनः व्यक्त किया।
यह नया प्रोग्राम विशेष रूप से उन स्टार्टअप्स के लिए डिजाइन किया गया है जो एआई पर आधारित हैं और जिनका मॉडल तैयार है, लेकिन जिनके लिए अपने सफल पायलट प्रोजेक्ट्स को लंबे समय के व्यापारिक समझौतों में बदलना चुनौतीपूर्ण है।
गूगल इस कार्यक्रम के माध्यम से सुनियोजित प्रशिक्षण, वैश्विक अनुभव, और वरिष्ठ व्यापारिक अधिकारियों तक सीधी पहुंच प्रदान करके स्टार्टअप्स की उस अंतिम चुनौती को दूर करना चाहता है, जिसे वह इनोवेशन का ‘कमर्शियल लास्ट माइल’ मानता है।
मार्केट एक्सेस प्रोग्राम के अंतर्गत चयनित स्टार्टअप्स को बड़े संस्थानों को उत्पाद बेचने, वैश्विक मूल्य निर्धारण मॉडल, और अंतरराष्ट्रीय खरीदारों के व्यवहार पर प्रशिक्षण दिया जाएगा।
साथ ही, स्टार्टअप्स को गूगल के वैश्विक नेटवर्क से जुड़े मुख्य सूचना अधिकारियों और शीर्ष अधिकारियों तक पहुंच प्राप्त होगी। उन्हें सिलिकॉन वैली की टीआईई और अल्टियस जैसी संस्थाओं के सहयोग से प्रमुख अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अनुभव प्राप्त करने का अवसर भी मिलेगा।
इस कार्यक्रम में बोलते हुए गूगल इंडिया की कंट्री मैनेजर प्रीति लोबाना ने कहा कि भारतीय स्टार्टअप्स उन्नत तकनीक विकसित कर रहे हैं और बड़े पैमाने पर जनसंख्या से जुड़ी समस्याओं का समाधान कर रहे हैं।
उन्होंने कहा कि भारत विचारों को प्रोटोटाइप में बदलने में सशक्त हो चुका है, लेकिन कई स्टार्टअप्स को आगे बढ़ने और बड़े स्तर पर काम करने में कठिनाई होती है।
इस कार्यक्रम के साथ-साथ, गूगल ने अपने ओपन जेम्मा मॉडल परिवार में नए मॉडल जोड़ने की घोषणा की है, ताकि उन्नत एआई आधारित कार्यों को बढ़ावा दिया जा सके।
कंपनी ने मेडजेम्मा 1.5 नाम का एक ओपन मेडिकल एआई मॉडल पेश किया है, जो स्टार्टअप्स को सीटी स्कैन, एमआरआई स्कैन, हिस्टोपैथोलॉजी स्लाइड्स और मेडिकल रिपोर्ट जैसी जटिल मेडिकल इमेजिंग के साथ काम करने की क्षमता प्रदान करता है।
यह मॉडल भविष्य की मेडिकल जांच और रिसर्च में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकता है।
गूगल ने फंक्शनजेम्मा नाम का एक हल्का मॉडल भी लॉन्च किया है, जिसे उपकरणों पर सीधे काम करने वाले एआई एजेंटों के लिए तैयार किया गया है।
यह मॉडल सामान्य भाषा में दिए गए निर्देशों को सीधे कार्य में परिवर्तित कर सकता है, जिससे बिना लगातार इंटरनेट के भी तेज, सुरक्षित और निजी एआई समाधान संभव हो सकते हैं।