20 जुलाई 2026
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क्या उत्तराखंड के गोपेश्वर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव स्थगित हो गए?

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क्या उत्तराखंड के गोपेश्वर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव स्थगित हो गए?

सारांश

गोपेश्वर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनावों में हंगामे ने प्रशासन को चुनाव स्थगित करने पर मजबूर किया। एनएसयूआई ने गंभीर आरोप लगाए हैं। जानिए इस घटनाक्रम के पीछे की कहानी और छात्र नेताओं की प्रतिक्रिया।

मुख्य बातें

गोपेश्वर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव स्थगित एनएसयूआई ने गंभीर आरोप लगाए हंगामे के दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोंकझोंक प्राचार्य ने पारदर्शिता का आश्वासन दिया छात्रों के अधिकारों का सम्मान होना चाहिए

चमोली, 22 सितंबर (राष्ट्र प्रेस)। उत्तराखंड के चमोली जिले के गोपेश्वर महाविद्यालय में छात्रसंघ चुनाव को लेकर बड़ा हंगामा हुआ, जिसके परिणामस्वरूप प्रशासन ने चुनाव को अग्रिम आदेशों तक स्थगित करने का निर्णय लिया। एनएसयूआई ने चुनाव प्रक्रिया में गड़बड़ी के गंभीर आरोप लगाए हैं।

दरअसल, छात्रसंघ चुनाव के लिए सोमवार को नामांकन फॉर्म की बिक्री शुरू होनी थी, लेकिन कांग्रेस के छात्र संगठन एनएसयूआई के अध्यक्ष पद के दावेदार किशन के रिजल्ट में हेरफेर का विवाद उत्पन्न हो गया। एनएसयूआई ने कॉलेज प्रशासन और विश्वविद्यालय पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया।

किशन ने बताया कि विश्वविद्यालय द्वारा जारी रिजल्ट में वे पास थे और उन्होंने एमए प्रथम वर्ष में प्रवेश भी लिया था। लेकिन नामांकन से ठीक एक दिन पहले रातोंरात उनका रिजल्ट बदलकर उन्हें फेल घोषित कर दिया गया, जिसके कारण उन्हें चुनाव के लिए अयोग्य ठहराया गया। इस फैसले से आक्रोशित एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने प्राचार्य कार्यालय के बाहर जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान पुलिस और छात्रों के बीच तीखी नोंकझोंक हुई। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए अपर जिलाधिकारी और सीओ चमोली को मध्यस्थता करनी पड़ी, जिसके बाद हंगामे को देखते हुए चुनाव स्थगित कर दिए गए।

एनएसयूआई जिला अध्यक्ष विपिन फर्स्वाण ने कॉलेज प्रशासन पर पक्षपात का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई उम्मीदवारों को फॉर्म नहीं दिए गए, जबकि वे समय पर लाइन में खड़े थे। इसके विपरीत, एबीवीपी के उम्मीदवारों को फॉर्म दिए गए, जो पूरी तरह अन्यायपूर्ण है। उन्होंने आरोप लगाया कि शासन के दबाव में कॉलेज प्रशासन पारदर्शी चुनाव नहीं करवा रहा। एनएसयूआई उम्मीदवार तनिषा ने भी कहा कि यह कृत्य लोकतांत्रिक प्रक्रिया पर सवाल उठाता है और छात्रों के अधिकारों का हनन है।

प्राचार्य प्रो. एमपी नगवाल ने हंगामे पर खेद जताते हुए कहा कि विश्वविद्यालय के रिजल्ट के आधार पर ही निर्णय लिया गया। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच होगी और पारदर्शिता बरती जाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

छात्रसंघ चुनाव क्यों स्थगित किए गए?
छात्रसंघ चुनाव गोपेश्वर महाविद्यालय में हंगामे के कारण स्थगित किए गए। एनएसयूआई ने चुनाव में गड़बड़ी के आरोप लगाए हैं।
एनएसयूआई के आरोप क्या हैं?
एनएसयूआई ने चुनाव में गड़बड़ी और प्रशासन पर राजनीतिक दबाव में काम करने का आरोप लगाया है।
प्राचार्य का क्या कहना है?
प्राचार्य प्रो. एमपी नगवाल ने कहा है कि विश्वविद्यालय के रिजल्ट के आधार पर ही निर्णय लिया गया और मामले की जांच की जाएगी।
राष्ट्र प्रेस
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