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क्या खिचड़ी पर्व से पहले गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी?

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क्या खिचड़ी पर्व से पहले गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी?

सारांश

गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती जा रही है, जबकि मकर संक्रांति का पर्व नजदीक है। जानें इस धार्मिक उत्सव के दौरान श्रद्धालुओं की भावनाएं और आयोजन की विशेषताएँ।

मुख्य बातें

गोरखनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की बड़ी संख्या।
मकर संक्रांति का धार्मिक महत्व।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की व्यवस्था की निगरानी।
खिचड़ी चढ़ाने की परंपरा का पालन।
भक्तों की सुख समृद्धि की कामना।

गोरखपुर, 14 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। मकर संक्रांति का प्रमुख पर्व गुरुवार को मनाया जाएगा, मगर इससे एक दिन पूर्व बुधवार को ही गोरखनाथ मंदिर में आस्था का प्रबल ज्वार देखने को मिला। शिवावतार महायोगी गुरु गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंदिर परिसर से लेकर बाहर तक भोर

लाखों भक्तों ने मुख्य पर्व से एक दिन पहले ही बाबा गोरखनाथ को खिचड़ी अर्पित की। गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार को ब्रह्म मुहूर्त में मकर संक्रांति के पावन समय में महायोगी गोरखनाथ को आस्था की खिचड़ी भोग अर्पित करेंगे। बाबा गोरखनाथ के दरबार में खिचड़ी चढ़ाने के लिए मंगलवार रात से ही श्रद्धालुओं ने डेरा डालना शुरू कर दिया था। बुधवार भोर में मंदिर के कपाट खुलते ही खिचड़ी चढ़ाने का क्रम प्रारंभ हो गया। श्रद्धालुओं की भीड़ के बीच समूचा मंदिर परिसर गुरु गोरखनाथ के जयकारों से गूंज उठा।

सुख समृद्धि की मंगलकामना के लिए उत्तर प्रदेश, बिहार और मित्र राष्ट्र नेपाल से आए श्रद्धालुओं ने कतारबद्ध होकर भगवान गुरु गोरखनाथ को श्रद्धा की खिचड़ी अर्पित की। इसके बाद मंदिर परिसर में स्थित सभी देवी-देवताओं का पूजन कर ब्रह्मलीन महंत बाबा गंभीरनाथ, ब्रह्मलीन महंत दिग्विजनाथ एवं ब्रह्मलीन महंत अवेद्यनाथ की समाधि पर माथा टेक आशीर्वाद लिया। मंदिर परिसर में अलग-अलग गेट और बैरिकेडिंग के माध्यम से श्रद्धालुओं की भीड़ को संभाला जा रहा था।

श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया गया। मंगलवार रात से गोरखनाथ मंदिर में प्रवास कर रहे गोरक्षपीठाधीश्वर एवं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने श्रद्धालुओं की सुरक्षा के दृष्टिकोण से सभी व्यवस्थाओं की निगरानी की। मंगलवार की रात मंदिर परिसर का निरीक्षण करने के बाद बुधवार की सुबह भी उन्होंने परिसर का भ्रमण कर व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया।

गोरखनाथ मंदिर प्रवास के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बुधवार सुबह मंदिर की गोशाला में जाकर गोसेवा की। उन्होंने गोवंश को अपने हाथों से गुड़ खिलाया और उनकी उचित देखभाल के लिए गोशाला के कार्यकर्ताओं को आवश्यक निर्देश दिए। इसी दौरान मंदिर परिसर का दौरा करते हुए सीएम योगी ने श्रद्धालुओं के साथ आए उनके बच्चों को दुलारकर आशीर्वाद और चॉकलेट दी।

संपादकीय दृष्टिकोण

जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु एकत्र होकर अपने विश्वास को साझा कर रहे हैं। यह न केवल उत्तर प्रदेश, बल्कि पड़ोसी राज्यों और नेपाल के श्रद्धालुओं के लिए भी महत्वपूर्ण है।
RashtraPress
1 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने का विशेष महत्व क्या है?
गोरखनाथ मंदिर में खिचड़ी चढ़ाने का महत्व इस पर्व की धार्मिक मान्यता और भक्तों की आस्था से जुड़ा है। यह सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य के लिए अर्पित किया जाता है।
मकर संक्रांति कब मनाई जाती है?
मकर संक्रांति हर वर्ष 14 जनवरी को मनाई जाती है, जब सूर्य मकर राशि में प्रवेश करता है।
इस बार मकर संक्रांति पर क्या खास आयोजन हैं?
इस बार गोरखनाथ मंदिर में विशेष भंडारे और पूजा-अर्चना का आयोजन किया जा रहा है, जिसमें लाखों श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का इस पर्व में क्या योगदान है?
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ श्रद्धालुओं की सुरक्षा और व्यवस्था की निगरानी कर रहे हैं और खिचड़ी भोग अर्पित करेंगे।
गोरखनाथ मंदिर की खासियत क्या है?
गोरखनाथ मंदिर एक प्रमुख धार्मिक स्थल है, जहाँ गुरु गोरखनाथ की पूजा होती है और यह आस्था का बड़ा केंद्र है।
राष्ट्र प्रेस
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