क्या ग्रेटर नोएडा में मोबाइल टॉवर से आरआरयू उपकरण चोरी करने वाले दो शातिर चोर गिरफ्तार हुए?
सारांश
Key Takeaways
- ग्रेटर नोएडा में दो चोर गिरफ्तार हुए हैं।
- पुलिस ने चोरी की मोटरसाइकिल और आरआरयू उपकरण बरामद किए।
- यह चोरी दूरसंचार कंपनियों के लिए गंभीर समस्या है।
ग्रेटर नोएडा, 2 जनवरी (राष्ट्र प्रेस)। गौतमबुद्धनगर पुलिस ने मोबाइल टॉवर से महंगे उपकरणों की चोरी के मामलों में उल्लेखनीय उपलब्धि हासिल की है। थाना बीटा-2 पुलिस ने स्थानिक इंटेलिजेंस और गोपनीय सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए मोबाइल टॉवर के आरआरयू (रेडियो रिमोट यूनिट) उपकरण चुराने वाले दो शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है।
पुलिस ने आरोपियों के पास से लगभग तीन लाख रुपये मूल्य का एक आरआरयू उपकरण, एक चोरी की मोटरसाइकिल और एक अवैध चाकू बरामद किया है। थाना बीटा-2 के प्रभारी के अनुसार, 2 जनवरी को पुलिस टीम क्षेत्र में संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों की जांच कर रही थी।
इस दौरान पी-3 गोल चक्कर के निकट से दो संदिग्ध युवकों को पकड़ा गया। पूछताछ और तलाशी के दौरान उनके पास से मोबाइल टॉवर का आरआरयू उपकरण, चोरी की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल और एक अवैध चाकू बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सविन्दर पुत्र विकारी और गगन पुत्र बलराज सिंह के रूप में हुई है। दोनों आरोपी ग्राम जोट, थाना औरंगाबाद, जनपद बुलंदशहर के निवासी हैं।
पुलिस की जांच में पता चला है कि दोनों आरोपी शातिर चोर हैं और मोबाइल टॉवरों की रेकी कर वहां लगे कीमती उपकरणों को चोरी करते थे। आरोपियों ने लगभग एक महीने पहले नोएडा क्षेत्र से हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल चुराई थी, जिसका उपयोग वे चोरी की घटनाओं को अंजाम देने में कर रहे थे।
इसके अलावा, 4-5 दिन पहले कासना क्षेत्र में ईटवेल होटल के निकट एक मोबाइल टॉवर से आरआरयू उपकरण चोरी किया गया था। आरोपी उसी चुराए गए उपकरण को बेचने के लिए ले जा रहे थे, तभी पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। आरआरयू उपकरण मोबाइल नेटवर्क के लिए अत्यधिक महत्वपूर्ण और महंगा होता है, जिसकी कीमत बाजार में लगभग तीन लाख रुपये बताई जा रही है।
इस प्रकार की चोरी न केवल दूरसंचार सेवाओं में बाधा डालती है, बल्कि कंपनियों को भी भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ता है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ थाना बीटा-2, गौतमबुद्धनगर में मामला दर्ज कर लिया है। दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि आरोपियों ने इससे पहले और किन-किन स्थानों पर चोरी की वारदातें की हैं तथा उनके पीछे किसी बड़े गिरोह का हाथ तो नहीं है।