क्या गृह मंत्रालय ने आईएमसीटी का गठन किया? आपदा प्रभावित राज्यों का करेंगे दौरा

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क्या गृह मंत्रालय ने आईएमसीटी का गठन किया? आपदा प्रभावित राज्यों का करेंगे दौरा

सारांश

गृह मंत्रालय ने आईएमसीटी का गठन किया है, जो प्रभावित राज्यों की स्थिति का आकलन करेगा। यह कदम आपदा राहत में तेजी लाने के लिए उठाया गया है। जानिए इस महत्वपूर्ण निर्णय के पीछे की कहानी और इसके परिणाम।

मुख्य बातें

आईएमसीटी का गठन आपदा प्रबंधन के लिए महत्वपूर्ण है।
केंद्र सरकार ने प्रभावित राज्यों को वित्तीय सहायता प्रदान की है।
गृह मंत्रालय की पहल से राहत कार्यों में तेजी आएगी।
यह कदम प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सरकार की संवेदनशीलता को दर्शाता है।
आईएमसीटी का दौरा अगले सप्ताह शुरू होगा।

नई दिल्ली, 31 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार प्राकृतिक आपदाओं के कारण लोगों को हो रही कठिनाइयों को कम करने के लिए प्रभावित राज्यों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ी है।

केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह के निर्देश पर गृह मंत्रालय (एमएचए) ने हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में भारी बारिश, बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन से हुए नुकसान के आकलन के लिए अंतर-मंत्रालयी केंद्रीय दलों (आईएमसीटी) का गठन किया है। ये केंद्रीय दल मौके पर जाकर स्थिति और राज्य सरकार द्वारा किए जा रहे राहत कार्यों का आकलन करेंगे।

केंद्रीय दल अगले सप्ताह की शुरुआत में हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के बाढ़ और भूस्खलन प्रभावित जिलों का दौरा करेंगे, जो मौजूदा मानसून सीजन के दौरान भारी से अत्यधिक भारी बारिश, अचानक बाढ़, बादल फटने और भूस्खलन की घटनाओं से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं। हिमाचल प्रदेश में पहले ही एक आईएमसीटी और एक बहु-क्षेत्रीय दल दौरा कर चुके हैं।

इन केंद्रीय दलों का नेतृत्व गृह मंत्रालय, राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (एनडीएमए) के संयुक्त सचिव स्तर के वरिष्ठ अधिकारी करेंगे और इनमें व्यय, कृषि और किसान कल्याण, जल शक्ति, ऊर्जा, सड़क परिवहन और राजमार्ग, ग्रामीण विकास मंत्रालयों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।

गृह मंत्रालय इन राज्यों और केन्द्रशासित प्रदेशों के वरिष्ठ अधिकारियों के संपर्क में है और आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता प्रदान कर रहा है, जिसमें एनडीआरएफ, सेना और वायु सेना के हेलीकॉप्टरों की तैनाती शामिल है, जो खोज और बचाव कार्यों तथा आवश्यक सेवाओं की बहाली में सहायता कर रहे हैं।

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के अगस्त 2019 में लिए गए निर्णय के अनुसार, गृह मंत्रालय गंभीर आपदा के तुरंत बाद राज्य सरकारों और केन्द्रशासित प्रदेशों के ज्ञापन की प्रतीक्षा किए बगैर आईएमसीटी का गठन करता है ताकि मौके पर जाकर नुकसान का आकलन किया जा सके।

आईएमसीटी द्वारा नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार स्थापित प्रक्रिया के अनुसार एनडीआरएफ से राज्यों को अतिरिक्त वित्तीय सहायता प्रदान करती है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान, केंद्र सरकार ने 24 राज्यों को एसडीआरएफ में 10,498.80 करोड़ रुपए, 12 राज्यों को एनडीआरएफ से 1,988.91 करोड़ रुपए, 20 राज्यों को राज्य आपदा शमन निधि (एसडीएमएफ) से 3,274.90 करोड़ रुपए और 9 राज्यों को राष्ट्रीय आपदा शमन निधि (एनडीएमएफ) से 372.09 करोड़ रुपए जारी किए हैं, ताकि आपदा प्रभावित राज्य प्रभावित लोगों को तत्काल राहत सहायता प्रदान कर सकें।

संपादकीय दृष्टिकोण

यह कदम एक महत्वपूर्ण और आवश्यक पहल है। केंद्र सरकार का यह प्रयास आपदा प्रबंधन में सुधार और प्रभावित लोगों की त्वरित सहायता प्रदान करने में सहायक होगा। यह दर्शाता है कि सरकार प्राकृतिक आपदाओं के प्रति संवेदनशील है और अपने नागरिकों के कल्याण के प्रति प्रतिबद्ध है।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

आईएमसीटी का गठन क्यों किया गया है?
आईएमसीटी का गठन आपदा प्रभावित राज्यों में स्थिति का आकलन करने और राहत कार्यों की निगरानी के लिए किया गया है।
कौन से राज्य प्रभावित हैं?
आईएमसीटी का गठन हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और जम्मू-कश्मीर के लिए किया गया है।
केंद्र सरकार कितनी वित्तीय सहायता प्रदान कर रही है?
केंद्र सरकार ने विभिन्न राज्यों को आपदा राहत के लिए करोड़ों रुपए की वित्तीय सहायता प्रदान की है।
गृह मंत्रालय का क्या रोल है?
गृह मंत्रालय राहत कार्यों के लिए आईएमसीटी का गठन करता है और आवश्यक लॉजिस्टिक सहायता प्रदान करता है।
आईएमसीटी कब दौरा करेगा?
आईएमसीटी अगले सप्ताह की शुरुआत में प्रभावित जिलों का दौरा करेगा।
राष्ट्र प्रेस
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