क्या जीएसटी की दरों पर अटकलें सही हैं? 3 सितंबर को परिषद की बैठक में होगा निर्णय: सीबीआईसी

सारांश
Key Takeaways
- सीबीआईसी ने अटकलों से बचने की अपील की है।
- 3 और 4 सितंबर को जीएसटी परिषद की बैठक होगी।
- आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें।
- जीएसटी दरों में संभावित बदलाव का संकेत मिला है।
- प्रधानमंत्री मोदी ने दरों में कटौती का आश्वासन दिया है।
नई दिल्ली, 26 अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। केंद्रीय अप्रत्यक्ष कर और सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीआईसी) ने आम जनता से अपील की है कि वस्तु एवं सेवा कर (जीएसटी) की दरों को लेकर किसी भी प्रकार की अटकलें न लगाएं। इसने कहा है कि ऐसी अफवाहों से बाजार में अत्यधिक उतार-चढ़ाव उत्पन्न हो सकता है।
सीबीआईसी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'एक्स' पर कहा, "जीएसटी की दरों पर अटकलों से बचें। इस पर निर्णय जीएसटी परिषद द्वारा लिया जाएगा, जिसकी बैठक 3 और 4 सितंबर को प्रस्तावित है, और सभी पक्षकारों को सलाह दी जाती है कि आधिकारिक घोषणाओं का इंतजार करें।"
सरकारी एजेंसी ने आगे कहा, "समय से पहले अटकलें लगाने से निराधार अफवाहें फैलती हैं और इससे बाजारों में अस्थिरता पैदा हो सकती है।"
सीबीआईसी का यह बयान ऐसे समय पर आया है जब जीएसटी की संभावित दरों को लेकर कई रिपोर्ट्स निरंतर सामने आ रही हैं, जिससे बाजार में काफी उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 15 अगस्त को जीएसटी की दरों को कम करने की घोषणा की थी।
प्रधानमंत्री मोदी ने स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए अपने भाषण में जीएसटी प्रणाली में व्यापक बदलावों का संकेत देते हुए कहा, "इस दिवाली, मैं आपके लिए दोहरी दिवाली मनाने जा रहा हूं। देशवासियों को एक बड़ा तोहफा मिलने वाला है, आम घरेलू वस्तुओं पर जीएसटी में भारी कटौती होगी।"
प्रधानमंत्री मोदी ने जीएसटी दरों की समीक्षा की तत्काल आवश्यकता पर जोर दिया और इसे "समय की मांग" बताया। उन्होंने घोषणा की, "जीएसटी दरों में भारी कमी की जाएगी। आम लोगों के लिए कर कम किया जाएगा।"
यह घोषणा ऐसे समय पर की गई है जब देश में जीएसटी लागू हुए आठ वर्ष हो चुके हैं, जो आजादी के बाद भारत के सबसे महत्वपूर्ण कर सुधारों में से एक बन गया है। 2017 में अपनी शुरुआत के बाद से, जीएसटी ने देश के अप्रत्यक्ष कर ढांचे को एकीकृत किया है और विशेष रूप से छोटे और मध्यम उद्यमों के लिए व्यापार करने में आसानी में काफी सुधार किया है।