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जामनगर में ₹1,200 करोड़ की परियोजनाएँ: स्मार्ट सिटी से इंडस्ट्रियल हब तक का सफर

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जामनगर में ₹1,200 करोड़ की परियोजनाएँ: स्मार्ट सिटी से इंडस्ट्रियल हब तक का सफर

सारांश

'छोटी काशी' जामनगर अब ₹1,200 करोड़ की परियोजनाओं के साथ स्मार्ट सिटी और औद्योगिक हब बनने की राह पर है। फ्लाईओवर, ऑडिटोरियम, स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स और नल से जल योजना — मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में गुजरात सरकार जामनगर को अगले 25 वर्षों के लिए तैयार कर रही है।

मुख्य बातें

₹1,200 करोड़ से अधिक की परियोजनाओं का जामनगर में लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है।
लालपुर चौकड़ी और कालावड रोड (ठेबा चौकड़ी) पर दो नए फ्लाईओवर निर्माणाधीन हैं।
1,250 क्षमता वाला ऑडिटोरियम और एक विशाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स प्रस्तावित।
' नल से जल ' योजना के तहत नए विकसित क्षेत्रों में हर घर तक पेयजल पहुँचाया जा रहा है।
गुजरात सरकार ने जामनगर के लिए अगले 25 वर्षों का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है।

गुजरात के जामनगर में मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल के नेतृत्व में राज्य सरकार ने ₹1,200 करोड़ से अधिक की महत्वाकांक्षी विकास परियोजनाओं का शिलान्यास और लोकार्पण किया है, जिनसे शहर के लाखों नागरिकों को सीधा लाभ मिल रहा है। 'छोटी काशी' के नाम से प्रसिद्ध यह शहर अब तेज़ी से आधुनिकता की ओर अग्रसर है और भविष्य के एक प्रमुख औद्योगिक केंद्र के रूप में अपनी नई पहचान स्थापित कर रहा है।

मुख्य विकास कार्य और बुनियादी ढाँचा

जामनगर नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर डी.एन. मोदी ने बताया कि शहरी विकास वर्ष के अंतर्गत जामनगर में फिलहाल लगभग ₹1,200 करोड़ के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इनमें सड़क विस्तार, फ्लाईओवर निर्माण, आधुनिक अस्पताल, नई पेयजल पाइपलाइन और उन्नत सीवेज सिस्टम शामिल हैं।

शहर के चारों ओर गुज़रने वाले रिंग रोड पर लालपुर चौकड़ी के पास एक फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है। इसी प्रकार ठेबा चौकड़ी यानी कालावड रोड पर भी एक और फ्लाईओवर का निर्माण किया जा रहा है। ये दोनों परियोजनाएँ शहर में यातायात के दबाव को कम करने के लिए बनाई जा रही हैं।

सांस्कृतिक और खेल सुविधाओं का विस्तार

नागरिक सुविधाओं को और समृद्ध करने के लिए जामनगर में एक ऑडिटोरियम का निर्माण किया जाएगा, जिसमें एक साथ 1,250 लोग बैठकर विभिन्न सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का आनंद ले सकेंगे। इसके अलावा एक विशाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स का भी निर्माण प्रस्तावित है, जो युवाओं को खेल के अवसर प्रदान करेगा।

नल से जल और जनसुविधाएँ

स्थानीय निवासी दिव्यराज सिंह जडेजा ने कहा कि पिछले 30 वर्षों में सरकार ने नागरिकों की सुख-सुविधाओं के लिए कई कार्य किए हैं। उन्होंने बताया,

संपादकीय दृष्टिकोण

200 करोड़ का यह पैकेज प्रभावशाली दिखता है, लेकिन असली कसौटी समयसीमा पर क्रियान्वयन है — गुजरात के कई शहरी विकास प्रकल्प घोषणाओं के बाद वर्षों तक अधूरे पड़े रहे हैं। 'नल से जल' और स्मार्ट सिटी जैसी योजनाएँ केंद्र और राज्य दोनों स्तर पर चल रही हैं, ऐसे में वित्तपोषण की दोहरी गणना एक जोखिम है जिसे स्वतंत्र ऑडिट ही उजागर कर सकता है। अगले 25 वर्षों का रोडमैप राजनीतिक दृष्टि से महत्वाकांक्षी है, लेकिन जब तक जवाबदेही के स्पष्ट मानदंड न हों, यह भी वादों की उस लंबी सूची में जुड़ सकता है जो चुनावी मौसम में ताज़ी होती हैं।
RashtraPress
26 जून 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

जामनगर में कितने रुपये की विकास परियोजनाएँ चल रही हैं?
जामनगर नगर निगम के म्युनिसिपल कमिश्नर डी.एन. मोदी के अनुसार, शहरी विकास वर्ष के अंतर्गत जामनगर में लगभग ₹1,200 करोड़ के विभिन्न कार्यों का लोकार्पण और शिलान्यास किया गया है। इनमें फ्लाईओवर, अस्पताल, पेयजल पाइपलाइन और सीवेज सिस्टम शामिल हैं।
जामनगर में कौन-कौन से नए फ्लाईओवर बनाए जा रहे हैं?
रिंग रोड पर लालपुर चौकड़ी के पास और कालावड रोड (ठेबा चौकड़ी) पर दो नए फ्लाईओवर का निर्माण कार्य जारी है। ये परियोजनाएँ शहर में यातायात की भीड़ को कम करने के उद्देश्य से बनाई जा रही हैं।
जामनगर स्मार्ट सिटी परियोजना में क्या-क्या शामिल है?
स्मार्ट सिटी परियोजना के तहत जामनगर में सड़क-फ्लाईओवर विस्तार, आधुनिक अस्पताल, नई पेयजल पाइपलाइन, उन्नत सीवेज सिस्टम, 1,250 क्षमता का ऑडिटोरियम और एक विशाल स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स शामिल हैं। राज्य सरकार इसके लिए निरंतर धनराशि आवंटित कर रही है।
जामनगर के लिए गुजरात सरकार का दीर्घकालिक रोडमैप क्या है?
गुजरात सरकार ने जामनगर के लिए अगले 25 वर्षों का दीर्घकालिक रोडमैप तैयार किया है, जिसमें शहर को स्मार्ट सिटी के साथ-साथ एक प्रमुख औद्योगिक हब के रूप में विकसित करने की योजना है। बढ़ती आबादी की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए यह रोडमैप तैयार किया गया है।
'नल से जल' योजना का जामनगर में क्या प्रभाव पड़ा है?
स्थानीय निवासी दिव्यराज सिंह जडेजा के अनुसार, जामनगर में नए विकसित हुए सभी क्षेत्रों में 'नल से जल' योजना के माध्यम से हर घर तक पेयजल पहुँचाया जा रहा है। उनका कहना है कि पिछले 30 वर्षों में जामनगर अन्य महानगरों की तुलना में काफी विकसित हुआ है।
राष्ट्र प्रेस
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