क्या मध्य प्रदेश के गुना में बुजुर्ग महिला ने बाढ़ पीड़ितों के लिए पेंशन दान की?

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क्या मध्य प्रदेश के गुना में बुजुर्ग महिला ने बाढ़ पीड़ितों के लिए पेंशन दान की?

सारांश

गुना जिले में बाढ़ के संकट के बीच, एक 90 वर्षीय महिला ने अपने मासिक पेंशन का दान कर सभी का दिल जीत लिया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस अद्भुत क्षण की सराहना की और बाढ़ राहत कार्यों में योगदान देने का संकल्प लिया। यह कहानी निस्वार्थ सेवा की मिसाल प्रस्तुत करती है।

Key Takeaways

  • ९० वर्षीय महिला का दान समाज के लिए प्रेरणा है।
  • केंद्रीय मंत्री ने बाढ़ राहत में योगदान देने का संकल्प लिया।
  • बाढ़ ने गुना और आसपास के क्षेत्रों में भारी तबाही मचाई है।
  • संकट की घड़ी में एकता और सहयोग की आवश्यकता है।
  • प्रशासन ने राहत कार्यों के लिए महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं।

गुना, २४ अगस्त (राष्ट्र प्रेस)। मध्यप्रदेश के गुना जिले में बाढ़ से उत्पन्न कठिनाइयों के बीच एक भावुक दृश्य देखने को मिला है। राहत कार्यों की समीक्षा के लिए देर रात गुना आए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने गोविंद गार्डन शिव कॉलोनी में आयोजित जनसभा में उपस्थित लोगों को संबोधित किया। इस दौरान एक ९० वर्षीय वृद्धा ने अपने त्याग और सेवा भाव से सभी की आंखों को नम कर दिया।

जनसभा में उपस्थित इस वृद्धा ने मंच पर आकर अपनी मासिक पेंशन की पूरी राशि बाढ़ पीड़ित परिवारों की मदद के लिए दान कर दी। उन्होंने प्रशासन से अनुरोध किया कि उनका यह सहयोग नालों और तालाबों की सफाई पर खर्च किया जाए ताकि भविष्य में कॉलोनी में फिर से बाढ़ जैसी समस्या उत्पन्न न हो और पीड़ित परिवारों के नुकसान की भरपाई में लगाया जाए।

इस भावुक क्षण ने सभी उपस्थित लोगों को गहराई से प्रभावित किया। केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने इस वृद्धा की निःस्वार्थ भावना को समाज के लिए एक अनुकरणीय उदाहरण बताया। उन्होंने कहा कि ९० वर्ष की आयु में भी इस मातृशक्ति का त्याग और सेवा भाव हम सबके लिए प्रेरणादायी है। उनका योगदान यह संदेश देता है कि संकट की घड़ी में हर वर्ग को आगे आकर मदद करनी चाहिए।

जनसभा को संबोधित करते हुए केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने यह घोषणा की कि वे स्वयं कलेक्टर के साथ दो घंटे का श्रमदान करेंगे ताकि बाढ़ राहत कार्यों में सीधे तौर पर योगदान दे सकें। उन्होंने आश्वासन दिया कि वृद्धा के दान की एक-एक पाई सही स्थान पर उपयोग होगी और पीड़ित परिवारों तक पहुंचेगी।

यह बताना जरूरी है कि मध्य प्रदेश के गुना जिले में आई बाढ़ ने भारी तबाही मचाई है। लगातार हो रही बारिश और जलभराव से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश के कारण सड़कों और घरों में पानी भर गया है। कई जगहों पर बाढ़ जैसे हालात निर्मित हो गए हैं। गुना के अलावा, अशोक नगर, विदिशा, सीहोर, नर्मदा पुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, छिंदवाड़ा, पांढुर्णा, जबलपुर, बालाघाट, मंडला, डिंडोरी, अनूपपुर, मऊगंज, उमरिया, सीधी और सिंगरौली में भी बारिश देखी गई है।

Point of View

बल्कि यह समाज में एकता और सहयोग का एक महत्वपूर्ण संदेश भी देती है। ऐसे समय में जब प्राकृतिक आपदाएं हुई हैं, हमें एकजुट होकर पीड़ितों की मदद करनी चाहिए। यह एक अनुकरणीय उदाहरण है कि कैसे हम सभी मिलकर कठिनाइयों का सामना कर सकते हैं।
NationPress
30/08/2025

Frequently Asked Questions

गुना जिले में बाढ़ से प्रभावित लोग कौन हैं?
गुना जिले में बाढ़ के कारण कई परिवार प्रभावित हुए हैं, जिनमें गरीब और असहाय लोग शामिल हैं।
केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया ने क्या किया?
उन्होंने बाढ़ राहत कार्यों में योगदान देने का वादा किया और वृद्धा की निस्वार्थ भावना की सराहना की।
इस वृद्धा का नाम क्या है?
इस वृद्धा का नाम अभी तक सार्वजनिक नहीं किया गया है।
बाढ़ राहत कार्यों के लिए क्या उपाय किए जा रहे हैं?
प्रशासन ने बाढ़ राहत कार्यों के लिए कई उपाय और योजनाएं शुरू की हैं, जिसमें सफाई और पुनर्वास शामिल हैं।
क्या अन्य जिलों में भी बाढ़ आई है?
हाँ, गुना के अलावा अशोक नगर, विदिशा, सीहोर, आदि जिलों में भी बाढ़ के हालात हैं।