हर घर तिरंगा 2026: गौतमबुद्धनगर पुलिस की बाइक रैली में 180 पुलिसकर्मियों ने फहराया देशभक्ति का परचम
सारांश
मुख्य बातें
गौतमबुद्धनगर पुलिस कमिश्नरेट ने 13 अगस्त 2026 को 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के तहत एक भव्य तिरंगा बाइक रैली आयोजित की, जिसमें 180 पुलिसकर्मियों ने ग्रेटर नोएडा की सड़कों पर राष्ट्रध्वज लहराते हुए नागरिकों को स्वतंत्रता दिवस के प्रति जागरूक किया। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देशन में आयोजित इस रैली का उद्देश्य आम नागरिकों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने के लिए प्रेरित करना था।
रैली का शुभारंभ और मार्ग
अपर पुलिस आयुक्त (मुख्यालय) अजय कुमार ने रिजर्व पुलिस लाइन्स, सूरजपुर से रैली को हरी झंडी दिखाई। काफिला सूरजपुर घंटा चौक और एलजी चौक होते हुए परी चौक तक पहुँचा, जिसके बाद वापस रिजर्व पुलिस लाइन्स, सूरजपुर में इसका सफलतापूर्वक समापन हुआ। पूरे मार्ग पर नागरिकों ने उत्साह के साथ इस काफिले का स्वागत किया।
रैली में भागीदारी
गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के विभिन्न थानों से आए पुलिसकर्मी 90 दो-पहिया वाहनों पर सवार होकर रैली में शामिल हुए। इनमें 90 महिला और 90 पुरुष पुलिसकर्मी शामिल थे — जो बल की समावेशी भागीदारी को दर्शाता है। प्रत्येक पुलिसकर्मी ने अपने हाथ में तिरंगा थामे पूरे मार्ग पर देशभक्ति का संदेश दिया।
अभियान का व्यापक उद्देश्य
पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह आयोजन केवल एक यात्रा तक सीमित नहीं था — इसका लक्ष्य पुलिस और नागरिकों के बीच सौहार्दपूर्ण संबंधों को मज़बूत करना भी था। रैली के दौरान पुलिसकर्मियों ने नागरिकों से अपील की कि वे 'हर घर तिरंगा' अभियान से जुड़ें और 15 अगस्त को अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराकर राष्ट्र के प्रति सम्मान प्रकट करें। यह ऐसे समय में आया है जब केंद्र सरकार पूरे देश में इस अभियान को जन-आंदोलन का रूप देने की कोशिश कर रही है।
उपस्थित अधिकारी
कार्यक्रम में पुलिस उपायुक्त लाइन्स डॉ. प्रवीण रंजन सिंह, अपर पुलिस उपायुक्त लाइन्स आरके गौतम और एसीपी-3 सेंट्रल नोएडा राजीव कुमार गुप्ता सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे। अधिकारियों ने रैली में शामिल पुलिसकर्मियों का उत्साहवर्धन किया और अभियान को सफल बनाने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
आगे की राह
गौतमबुद्धनगर पुलिस प्रशासन का कहना है कि 'हर घर तिरंगा' अभियान राष्ट्रीय एकता और नागरिकों की सामूहिक भागीदारी का प्रतीक है। ऐसे आयोजनों की श्रृंखला स्वतंत्रता दिवस तक जारी रहने की संभावना है, जिससे पुलिस-जन संवाद को और व्यापक आधार मिल सके।