17 जुलाई 2026
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क्या मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से हुई जानमाल की हानि के पीछे कोई लापरवाही थी?

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क्या मनसा देवी मंदिर में भगदड़ से हुई जानमाल की हानि के पीछे कोई लापरवाही थी?

सारांश

हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ के कारण 6 श्रद्धालुओं की जान चली गई, और कई अन्य घायल हुए। इस घटना की गंभीरता और घायलों के विवरण ने पूरे देश को झकझोर दिया है। क्या यह केवल एक दुर्घटना थी, या इसमें कोई बड़ी लापरवाही थी?

मुख्य बातें

मनसा देवी मंदिर में हुई भगदड़ ने 6 लोगों की जान ली।
घायलों की संख्या 23 है, जिनमें से कई की स्थिति गंभीर है।
सुरक्षा व्यवस्थाओं में सुधार की आवश्यकता है।
घायलों की आपबीती ने घटना की गंभीरता को उजागर किया।
इस घटना ने जन सुरक्षा के महत्व को एक बार फिर से सिद्ध किया है।

हरिद्वार, 27 जुलाई (राष्ट्र प्रेस)। हरिद्वार स्थित मनसा देवी मंदिर में रविवार सुबह एक भयानक भगदड़ की घटना में 6 व्यक्तियों की मौत हो गई और कई अन्य घायल हुए हैं। राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने इस घटना में मारे गए और घायलों के बारे में जानकारी प्रदान की है।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र के अनुसार, मृतकों में से चार लोग उत्तर प्रदेश, एक बिहार, और एक उत्तराखंड का निवासी था।

उत्तर प्रदेश के बरेली के निवासी आरुष (12 वर्ष), रामपुर के विक्की (18 वर्ष), बाराबंकी के वकील और बदायूं के शांति की जान गई है। बिहार के अररिया निवासी शकल देव (18 वर्ष) और उत्तराखंड के काशीपुर निवासी विपिन सैनी (18 वर्ष) भी मृतकों में शामिल हैं।

राज्य आपातकालीन परिचालन केंद्र ने यह भी बताया कि कई लोग घायल हुए हैं, जिनमें इंद्र (पानीपत, हरियाणा), दुर्गा देवी (दिल्ली), शीतल (रामपुर, उत्तर प्रदेश), भूपेंद्र (बदायूं, उत्तर प्रदेश), अर्जुन (मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश), कृति (मोतीहारी, बिहार), राज कुमार (मोतीहारी, बिहार), अजय (बडियारपुर, बिहार), रोहित शर्मा (मैनपुरी, उत्तर प्रदेश), विकास (बरेली कैंट, उत्तर प्रदेश), काजल (मुरादाबाद), अराधना कुमारी (भागलपुर, बिहार), विनोद शाह (भागलपुर, बिहार), निर्मला (बरेली), विशाल (रामपुर), अनुज (मुरादाबाद), एकांक्षी (धामपुर, उत्तर प्रदेश), संदीप (मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश), रोशन लाल, दीक्षा (रामपुर), अजय कुमार (मुंगेर, बिहार), मनोज शरण (बरेली, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। इस घटना में 23 घायलों का इलाज जिला चिकित्सालय हरिद्वार में किया जा रहा है और बाकी घायलों का विवरण इकट्ठा किया जा रहा है।

घायलों ने अपनी आपबीती साझा की। एक घायल ने कहा, "मैं भगदड़ के दौरान गिर गया। कुछ लोगों ने बताया कि वहां झगड़ा हो रहा था और मंदिर में बहुत भीड़ थी, जिसके कारण मुझे भी चोट आई।"

एक अन्य घायल ने कहा, "बहुत अधिक भीड़ थी। किसी ने चिल्लाकर कहा कि शॉर्ट सर्किट हो गया है। इसके बाद कुछ लोग भागने लगे। अगर दीवार न होती, तो कई लोग सीधे खाई में गिर जाते।"

एम्स ऋषिकेश के पीआरओ संदीप कुमार ने बताया कि हरिद्वार के मनसा देवी मंदिर में यह दुखद घटना हुई है। इसमें 6 लोगों की मृत्यु हो गई और 15 गंभीर घायलों को एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है। डॉक्टर मधुर उनियाल की देखरेख में घायलों का उपचार किया जा रहा है। 15 घायलों में से एक को डिस्चार्ज किया गया है, जबकि शेष गंभीर रूप से घायल हैं। ज्यादातर घायलों को चेस्ट इंजरी है और कुछ को मल्टीपल फ्रैक्चर हुए हैं। सभी का इलाज जारी है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

भगदड़ की मुख्य वजह क्या थी?
भगदड़ की मुख्य वजह भीड़ के बीच अफरातफरी और शॉर्ट सर्किट की अफवाह थी।
घायलों की स्थिति क्या है?
घायलों में से 15 को गंभीर स्थिति में एम्स ऋषिकेश में भर्ती कराया गया है।
मृतकों की पहचान क्या है?
मृतकों में चार व्यक्ति उत्तर प्रदेश, एक बिहार और एक उत्तराखंड का निवासी था।
कितने लोग घायल हुए हैं?
इस घटना में कई लोग घायल हुए हैं, जिनकी संख्या 23 बताई जा रही है।
क्या सुरक्षा की कोई कमी थी?
इस घटना ने सुरक्षा व्यवस्थाओं की कमी को उजागर किया है, जिससे भविष्य में सुधार की आवश्यकता है।
राष्ट्र प्रेस
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