शेख हसीना का ऐलान: 'गिरफ्तारी या मौत का डर नहीं, बांग्लादेश ज़रूर लौटूंगी'
सारांश
मुख्य बातें
बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 20 अक्टूबर 2026 को वॉशिंगटन में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को वर्चुअल माध्यम से संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि वह हर हाल में बांग्लादेश लौटेंगी — चाहे वहाँ उन्हें गिरफ्तारी, यातना या जान का खतरा ही क्यों न हो। उन्होंने कहा कि जब उनके समर्थक और आम बांग्लादेशी नागरिक मुश्किलों का सामना कर रहे हों, तब एक राजनीतिक नेता के रूप में देश से दूर रहना उनके लिए संभव नहीं है।
हसीना का दो-टूक बयान
हसीना ने कहा, 'वापसी कितनी भी जोखिम भरी क्यों न हो, मुझे इसकी परवाह नहीं है। मुझे वापस जाना ही होगा।' उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि बांग्लादेश लौटने पर उन्हें जेल जाना पड़ सकता है या हिंसा का सामना करना पड़ सकता है, लेकिन अपने समर्थकों के साथ खड़े होना उनकी ज़िम्मेदारी है। हालाँकि, उन्होंने वापसी की कोई निश्चित तारीख नहीं बताई।
उनके बेटे सजीब वाजेद जॉय ने बाद में पत्रकारों से कहा कि अभी कोई तारीख तय नहीं हुई है और सही समय आने पर इसकी घोषणा की जाएगी।
भारत का आभार और 1975 का संदर्भ
अगस्त 2024 में उनकी सरकार गिरने के बाद हसीना को बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था और तब से वह भारत में हैं। उन्होंने भारत सरकार और भारतीय जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा, 'मैं भारत सरकार, यहाँ के लोगों और सभी दलों की आभारी हूँ। उन्होंने मुझे उसी तरह अपनाया जैसे 1975 में किया था।'
गौरतलब है कि 1975 में उनके पिता शेख मुजीबुर रहमान सहित परिवार के कई सदस्यों की हत्या कर दी गई थी, जिसके बाद हसीना और उनकी बहन भारत में शरणार्थी के रूप में रहीं थीं। उन्होंने 1981 में वर्षों के निर्वासन के बाद बांग्लादेश लौटने और 2007 के राजनीतिक आपातकाल के दौरान आपराधिक आरोपों के बावजूद वतन वापसी का फैसला करने का भी उल्लेख किया।
मौजूदा सरकार पर गंभीर आरोप
हसीना ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश की मौजूदा राजनीतिक नेतृत्व उनके और आवामी लीग के नेताओं के खिलाफ कानूनी मामलों का इस्तेमाल राजनीतिक विरोध को दबाने के लिए कर रही है। उन्होंने इन मामलों की वैधता पर सवाल उठाते हुए कहा कि राजनीतिक नेताओं के खिलाफ आरोपों का फैसला निष्पक्ष न्यायिक प्रक्रिया के ज़रिए होना चाहिए। यह ऐसे समय में आया है जब उनके खिलाफ बांग्लादेश में कई मामले दर्ज हैं।
उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि उनकी सरकार के कामकाज और 2024 के विरोध प्रदर्शनों से जुड़े घटनाक्रमों पर कई कठिन सवाल उठते हैं और उन सभी की जाँच पारदर्शी एवं निष्पक्ष कानूनी प्रक्रिया के तहत होनी चाहिए।
अमेरिका से लोकतंत्र समर्थन की अपील
हसीना ने अमेरिका से अपील की कि वॉशिंगटन बांग्लादेश में लोकतांत्रिक संस्थाओं, बहुदलीय राजनीति और निष्पक्ष चुनावों का समर्थन करे। उन्होंने कहा, 'मेरा संदेश अमेरिका के लिए यह है कि वह शेख हसीना या किसी दूसरे नेता को न चुने, बल्कि लोकतंत्र को चुने।'
उन्होंने स्वतंत्र न्यायपालिका, अभिव्यक्ति की आज़ादी, राजनीतिक संगठन बनाने की स्वतंत्रता, अल्पसंख्यकों की सुरक्षा और कानून के उचित पालन की भी माँग की। उनके अनुसार, यदि किसी राजनीतिक दल को लोकतांत्रिक प्रक्रिया से बाहर रखा जाता है, तो इससे देश में विभाजन और गहरा होगा।
क्या होगा आगे
हसीना की वापसी की संभावना बांग्लादेश की आंतरिक राजनीति और कूटनीतिक परिदृश्य पर निर्भर करती है। उनके बेटे के बयान से स्पष्ट है कि वापसी की ठोस योजना अभी तक नहीं बनी है। आवामी लीग के समर्थक हसीना की घोषणा को राजनीतिक पुनरुद्धार का संकेत मान रहे हैं, जबकि बांग्लादेश की मौजूदा सरकार की प्रतिक्रिया का इंतज़ार है।