6 अगस्त 2026
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सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का जताया आभार, बोले — भारत ने माँ को दिया पूरा सम्मान

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सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का जताया आभार, बोले — भारत ने माँ को दिया पूरा सम्मान

सारांश

निर्वासन में रह रहीं शेख हसीना ने नई दिल्ली में ऑडियो के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया। बेटे सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का आभार जताया और बांग्लादेश पर ISI की 'खुली छूट' का आरोप लगाया। हसीना ने दिसंबर में वापसी का संकल्प दोहराया — जान जाने की चेतावनी के बावजूद।

मुख्य बातें

सजीब वाजेद जॉय ने PM नरेंद्र मोदी का आभार जताया, कहा — भारत ने शेख हसीना को 'पूरा सम्मान' दिया।
शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में एक गुप्त स्थान से ऑडियो लिंक के जरिए प्रेस कॉन्फ्रेंस को संबोधित किया।
जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहाँ आईएसआई समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली है।
हसीना ने दिसंबर 2026 में बांग्लादेश लौटने का संकल्प दोहराया; कहा — 'यह मेरा व्यक्तिगत फैसला है, भारत सरकार से कोई चर्चा नहीं।' हसीना पर 2024 के बाद से निर्वासन में रहते हुए मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा सुनाई जा चुकी है।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस को ऑडियो लिंक के माध्यम से एक गुप्त स्थान से संबोधित किया। इस अवसर पर उनके पुत्र एवं पूर्व सलाहकार सजीब वाजेद जॉय अमेरिका से ऑनलाइन जुड़े और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तथा भारत सरकार के प्रति आभार व्यक्त किया।

जॉय का भारत को धन्यवाद

सजीब वाजेद जॉय ने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी माँ को 'पूरा सम्मान दिया है, और इसके लिए मैं हमेशा आभारी रहूंगा।' उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि भारत में शेख हसीना की देखभाल बहुत अच्छी तरह हो रही है। जॉय ने बताया कि हसीना की प्रस्तावित बांग्लादेश वापसी को लेकर ढाका सरकार से अभी तक कोई बातचीत नहीं हुई है।

उन्होंने कहा, 'हम बांग्लादेश सरकार के संपर्क में नहीं हैं। वह यह फैसला खुद ले रही हैं, चाहे बांग्लादेश सरकार की इच्छा कुछ भी हो।'

बांग्लादेश में विदेशी हस्तक्षेप का आरोप

जॉय ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहाँ आईएसआई सहित विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि आतंकवादी तत्व वहाँ खुले तौर पर सक्रिय हैं। यह बयान ऐसे समय में आया है जब भारत-बांग्लादेश सीमा पर सुरक्षा को लेकर चिंताएँ पहले से बढ़ी हुई हैं।

अमेरिकी दूत की ढाका यात्रा पर प्रतिक्रिया

दक्षिण और मध्य एशिया के लिए अमेरिकी विशेष दूत सर्जियो गोर की हाल की ढाका यात्रा और प्रधानमंत्री तारिक रहमान से उनकी मुलाकात के बारे में पूछे जाने पर जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया। उन्होंने कहा, 'इस समय अमेरिका का मुख्य ध्यान व्यापार बढ़ाने पर है। उसका फोकस लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर नहीं है, इसलिए यह अमेरिका के साथ आर्थिक और व्यापारिक संबंध मजबूत करने की कोशिश का हिस्सा है।' वॉशिंगटन और पाकिस्तान के बढ़ते संपर्क पर उन्होंने कहा कि नई सरकारों के आने के साथ नीतियाँ बदलती रहती हैं और 'ये चीजें बहुत तेजी से बदल सकती हैं।'

हसीना की वापसी का संकल्प

शेख हसीना ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में भारत की सराहना करते हुए कहा कि भारत हमेशा 'एक अच्छा और भरोसेमंद दोस्त रहा है और मुझे विश्वास है कि आगे भी रहेगा।' उन्होंने स्पष्ट किया कि बांग्लादेश लौटने का उनका फैसला पूरी तरह व्यक्तिगत है और इसमें भारत सरकार से कोई चर्चा शामिल नहीं है।

हसीना ने दृढ़ स्वर में कहा, 'कुछ भी हो सकता है। वे मुझे मार भी सकते हैं। फिर भी मुझे जाना होगा। मुझे सिर्फ अपने लोगों का समर्थन चाहिए।' उन्होंने दोहराया कि वह दिसंबर 2026 में किसी समय स्वदेश लौटना चाहती हैं, हालाँकि उन्होंने कोई निश्चित तिथि नहीं बताई।

हसीना की वर्तमान स्थिति और पृष्ठभूमि

गौरतलब है कि शेख हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं। 2024 में छात्रों के नेतृत्व वाले व्यापक आंदोलन के बाद उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा था। बाद में उनके विरुद्ध मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा भी सुनाई गई। हसीना ने कहा, 'उन्होंने हमारी जीत और मुक्ति संग्राम से जुड़े सभी प्रतीकों को नष्ट कर दिया है। मैं उस गौरव को दोबारा लौटाना चाहती हूं।' इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में अवामी लीग के कई वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री भी उपस्थित थे।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

सजीब वाजेद जॉय ने PM मोदी का आभार क्यों जताया?
जॉय ने कहा कि मोदी सरकार ने उनकी माँ शेख हसीना को भारत में 'पूरा सम्मान' दिया है और उनकी देखभाल बहुत अच्छी तरह हो रही है। इसीलिए उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त किया।
शेख हसीना बांग्लादेश कब लौटना चाहती हैं?
शेख हसीना ने दिसंबर 2026 में किसी समय बांग्लादेश लौटने की इच्छा जताई है, हालाँकि उन्होंने कोई निश्चित तिथि नहीं बताई। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनका व्यक्तिगत फैसला है और इसमें भारत सरकार से कोई परामर्श शामिल नहीं है।
जॉय ने बांग्लादेश पर क्या आरोप लगाए?
जॉय ने आरोप लगाया कि बांग्लादेश भारत की पूर्वी सीमा पर 'एक और पाकिस्तान' बन गया है, जहाँ आईएसआई समेत विदेशी खुफिया एजेंसियों को खुली छूट मिली हुई है और आतंकवादी तत्व खुले तौर पर सक्रिय हैं।
शेख हसीना इस समय कहाँ हैं और उन पर क्या मामले हैं?
शेख हसीना फिलहाल भारत में निर्वासन का जीवन बिता रही हैं। 2024 में छात्र आंदोलन के बाद उन्हें बांग्लादेश छोड़ना पड़ा और बाद में उनके विरुद्ध मानवता के विरुद्ध कथित अपराधों के मामले में अनुपस्थिति में सजा सुनाई गई।
अमेरिकी दूत सर्जियो गोर की ढाका यात्रा पर जॉय ने क्या कहा?
जॉय ने इसे सामान्य कूटनीतिक प्रक्रिया बताया और कहा कि अमेरिका का मुख्य ध्यान इस समय व्यापार बढ़ाने पर है, लोकतंत्र या मानवाधिकारों पर नहीं। उन्होंने इसे बांग्लादेश की अमेरिका के साथ आर्थिक संबंध मजबूत करने की कोशिश बताया।
राष्ट्र प्रेस
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