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शेख हसीना का ऐलान: साल के अंत तक बांग्लादेश लौटूंगी, सत्ता नहीं — विकास और शांति है मकसद

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शेख हसीना का ऐलान: साल के अंत तक बांग्लादेश लौटूंगी, सत्ता नहीं — विकास और शांति है मकसद

सारांश

दो साल के निर्वासन के बाद बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने नई दिल्ली से ऐलान किया कि वह इस साल के अंत तक स्वदेश लौटेंगी — सत्ता के लिए नहीं, बल्कि लोगों की सुरक्षा, विकास और शांति के लिए। साथ ही उन्होंने 2024 के छात्र आंदोलन को 'संगठित राजनीतिक षड्यंत्र' बताया।

मुख्य बातें

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली से ऑडियो प्रेस कॉन्फ्रेंस के ज़रिए साल के अंत तक बांग्लादेश लौटने का ऐलान किया।
हसीना ने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी सत्ता के लिए नहीं , बल्कि बांग्लादेश में विकास, शांति और धर्मनिरपेक्षता बहाल करने के लिए है।
उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन को 'शांतिपूर्ण नहीं' बताते हुए आरोप लगाया कि संगठित समूहों ने इसे हिंसक राजनीतिक हथियार में बदला।
हसीना के अनुसार बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) 'धांधली वाले' चुनाव के बाद सत्ता में आई और लोग अब भी डर और आर्थिक कठिनाइयों में जी रहे हैं।
वापसी की सटीक तारीख बाद में घोषित की जाएगी।

बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को नई दिल्ली में ऑडियो लिंक के ज़रिए आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में घोषणा की कि वह इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटेंगी। पिछले दो वर्षों से भारत में निर्वासन में रह रहीं हसीना ने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं, बल्कि बांग्लादेश के लोगों को सुरक्षा, विकास और शांति दिलाने के उद्देश्य से होगी।

वापसी का ऐलान और मकसद

हसीना ने कहा, 'लोग ऐसे देश के हकदार हैं, जो उनकी सुरक्षा करे, ऐसी अर्थव्यवस्था, जो उन्हें अवसर दे, और ऐसा लोकतंत्र, जो उन्हें उनके अधिकार दे। मेरी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं है। इसका मकसद बांग्लादेश को फिर सही दिशा में लाना है।' उन्होंने कहा कि वापसी की सटीक तारीख बाद में बताई जाएगी, परंतु यह वर्ष के अंत से पहले होगी। उन्होंने यह भी कहा कि वह बांग्लादेश को 'विकास, प्रगति, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता के रास्ते पर वापस लाना' चाहती हैं।

जुलाई-अगस्त 2024 के आंदोलन पर हसीना के आरोप

प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान हसीना कई बार भावुक हो गईं। उन्होंने जुलाई-अगस्त 2024 के छात्र आंदोलन पर आरोप लगाया कि कुछ संगठित समूहों ने इसे राजनीतिक मकसद के लिए इस्तेमाल किया। उनके अनुसार, 'यह कोई शांतिपूर्ण छात्र आंदोलन नहीं था। शुरुआत से ही मेरी सरकार ने बातचीत, कानूनी प्रक्रिया और धैर्य के जरिए इस मुद्दे को सुलझाने की कोशिश की। लेकिन सुधार की बातों के पीछे कुछ संगठित समूह छात्रों की मांगों को हिंसक राजनीतिक हथियार में बदलने का काम कर रहे थे।'

हसीना ने दावा किया कि उन्होंने स्वयं छात्रों से बातचीत की पहल की थी और उन्हें प्रधानमंत्री आवास आने का निमंत्रण दिया था। उनके तीन मंत्रियों ने भी छात्रों से चर्चा की थी। उनका कथित तौर पर कहना था कि 'आरक्षण सुधार आंदोलन को एक सूत्रीय मांग — यानी मेरे इस्तीफे की मांग — में बदल दिया गया। योजनाबद्ध तरीके से झूठा प्रचार किया गया।'

बांग्लादेश की मौजूदा स्थिति पर चिंता

हसीना ने कहा कि पिछले दो वर्षों में बांग्लादेश की स्थिति और खराब हो गई है। जिस चुनाव को उन्होंने 'धांधली वाला' बताया, उसके बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सत्ता में आई, लेकिन उनके अनुसार लोग आज भी 'डर, असुरक्षा और आर्थिक कठिनाइयों के माहौल में जी रहे हैं।' उन्होंने कहा, 'मौजूदा बांग्लादेश वैसा नहीं है, जिसे हमने बनाया था और न ही वह बांग्लादेश है जिसके लिए 1971 में 30 लाख लोगों ने अपनी जान दी थी।'

निर्वासन के दो वर्ष और भावनात्मक अपील

गौरतलब है कि हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश छोड़कर भारत आई थीं, जब बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था। तब से वह नई दिल्ली में रह रही हैं। यह पहली बार है जब उन्होंने सार्वजनिक रूप से वापसी की समयसीमा का संकेत दिया है। उन्होंने कहा, 'जनता ही सारी ताकत का स्रोत है। मुझे उन पर विश्वास है, मैं उन पर भरोसा करती हूं, मैं उनसे प्यार करती हूं। मैं उनके पास जरूर लौटूंगी।'

यह ऐसे समय में आया है जब बांग्लादेश में राजनीतिक तनाव और आर्थिक अनिश्चितता बनी हुई है। हसीना की संभावित वापसी ढाका और नई दिल्ली दोनों के लिए कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होगी।

संपादकीय दृष्टिकोण

सेवा' का नारा राजनीतिक पुनर्वास की क्लासिक भाषा है, लेकिन बांग्लादेश में उनके खिलाफ लंबित कानूनी मामले और BNP सरकार की मौजूदगी उनकी वापसी को जटिल बनाती है। 2024 के आंदोलन को 'षड्यंत्र' बताने का उनका रुख उन लाखों छात्रों की भावनाओं से टकराता है जिन्होंने सड़कों पर उतरकर बदलाव माँगा था — यह विरोधाभास उनकी घर-वापसी की राह में सबसे बड़ी चुनौती बनेगा।
RashtraPress
6 अगस्त 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

शेख हसीना बांग्लादेश कब लौटेंगी?
शेख हसीना ने 5 अगस्त 2026 को घोषणा की कि वह इस साल के अंत तक बांग्लादेश लौटेंगी। वापसी की सटीक तारीख बाद में बताई जाएगी।
शेख हसीना पिछले दो साल से कहाँ हैं?
शेख हसीना अगस्त 2024 में बांग्लादेश में बड़े पैमाने पर हुए विरोध प्रदर्शनों और इस्तीफे के बाद से भारत में नई दिल्ली में निर्वासन में रह रही हैं। यह उनकी पहली सार्वजनिक प्रेस कॉन्फ्रेंस थी जिसमें उन्होंने वापसी की समयसीमा का संकेत दिया।
शेख हसीना की वापसी का मकसद क्या है?
हसीना ने स्पष्ट किया कि उनकी वापसी सत्ता हासिल करने के लिए नहीं है। उनके अनुसार वह बांग्लादेश को विकास, प्रगति, धर्मनिरपेक्षता और स्थिरता के रास्ते पर वापस लाना चाहती हैं और लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना चाहती हैं।
हसीना ने 2024 के छात्र आंदोलन के बारे में क्या कहा?
हसीना ने आरोप लगाया कि जुलाई-अगस्त 2024 का आंदोलन शांतिपूर्ण नहीं था और कुछ संगठित समूहों ने छात्रों की भावनाओं का इस्तेमाल कर इसे हिंसक राजनीतिक हथियार में बदला। उन्होंने यह भी कहा कि आरक्षण सुधार आंदोलन को उनके इस्तीफे की एकसूत्रीय मांग में बदल दिया गया।
बांग्लादेश में अभी किसकी सरकार है और हसीना का उस पर क्या रुख है?
हसीना के अनुसार, जिस चुनाव को उन्होंने 'धांधली वाला' बताया उसके बाद बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) सत्ता में आई। उनका दावा है कि इसके बावजूद आम लोग डर, असुरक्षा और आर्थिक कठिनाइयों में जी रहे हैं।
राष्ट्र प्रेस
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