19 जुलाई 2026
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हजारीबाग दोहरा हत्याकांड: 14 वर्षीय बहन और 3 साल के भाई की हत्या, आरोपी संजित पासवान गिरफ्तार

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हजारीबाग दोहरा हत्याकांड: 14 वर्षीय बहन और 3 साल के भाई की हत्या, आरोपी संजित पासवान गिरफ्तार

सारांश

हजारीबाग के सिंदूर गाँव में 14 वर्षीय किशोरी और उसके 3 साल के भाई की निर्मम हत्या ने पूरे झारखंड को झकझोर दिया है। एसआईटी ने सीसीटीवी फुटेज, FSL और डॉग स्क्वायड के संयुक्त अभियान से आरोपी संजित पासवान को गिरफ्तार किया, जिसने दुष्कर्म के प्रयास और विरोध पर दोहरी हत्या की बात कबूली है।

मुख्य बातें

हजारीबाग में 14 वर्षीय किशोरी और उसके 3 वर्षीय भाई की हत्या के आरोप में संजित पासवान गिरफ्तार।
आरोपी ने 27 मई को बच्चों को स्कूटी पर घुमाने और मोबाइल का झाँसा देकर सिंदूर गाँव श्मशान घाट ले जाकर वारदात की।
31 मई को किशोरी का शव श्मशान घाट से और 1 जून को भाई का शव 500 मीटर दूर कुएँ से बरामद।
अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में गठित SIT ने मामला सुलझाया।
सीसीटीवी फुटेज, FSL और डॉग स्क्वायड की मदद से तकनीकी-वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर पहचान।
पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और शव छिपाने वाला प्लास्टिक का बोरा बरामद किया।

झारखंड के हजारीबाग जिले में 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी और उसके तीन वर्षीय भाई की निर्मम हत्या की गुत्थी सुलझाते हुए पुलिस ने मुख्य आरोपी संजित पासवान को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने कथित तौर पर किशोरी से दुष्कर्म का प्रयास किया और विरोध करने पर दोनों मासूम भाई-बहन की हत्या कर दी।

कैसे रची गई वारदात

पुलिस के बयान के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि 27 मई को वह दोनों बच्चों को अपनी स्कूटी पर घुमाने और नया मोबाइल फोन दिलाने का झाँसा देकर कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गाँव स्थित श्मशान घाट ले गया था। वहाँ सुनसान जगह पर उसने किशोरी के साथ जबरदस्ती करने की कोशिश की, और शोर मचाने पर उसकी हत्या कर दी।

घटना का राज़ खुलने के डर से आरोपी ने उसके तीन वर्षीय भाई का भी गला घोंटकर मार डाला और शव को प्लास्टिक के बोरे में भरकर पास के कुएँ में फेंक दिया। हजारीबाग में खिलौने बेचकर परिवार चलाने वाले पिता मो. आमिर ने दोनों बच्चों की गुमशुदगी की शिकायत कटकमदाग थाने में दर्ज कराई थी।

एसआईटी की जाँच और शव बरामदगी

मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में विशेष जाँच दल (SIT) गठित किया गया। एसआईटी ने 31 मई को सिंदूर गाँव के श्मशान घाट से किशोरी का शव बरामद किया।

इसके बाद FSL और डॉग स्क्वायड की मदद से चलाए गए तलाशी अभियान में 1 जून को श्मशान घाट से लगभग 500 मीटर दूर स्थित कुएँ से तीन वर्षीय बालक का शव भी बरामद कर लिया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में कराया गया।

सीसीटीवी फुटेज बना अहम सुराग

पुलिस के लिए सीसीटीवी फुटेज सबसे अहम कड़ी साबित हुए। फुटेज में एक व्यक्ति दोनों बच्चों को स्कूटी पर ले जाता दिखाई दिया। तकनीकी और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर उसकी पहचान एक वाहन शोरूम में कार्यरत संजित पासवान के रूप में हुई।

एसआईटी ने बुधवार को आरोपी को उस वक़्त धर दबोचा जब वह जिले से बाहर भागने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और वह प्लास्टिक का बोरा भी बरामद कर लिया है, जिसमें मासूम का शव छिपाया गया था।

आगे क्या

पुलिस का दावा है कि वैज्ञानिक और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोहरे हत्याकांड की गुत्थी पूरी तरह सुलझा ली गई है। आरोपी के विरुद्ध संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई जारी है, और अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी बताई जा रही है।

संपादकीय दृष्टिकोण

स्कूटी पर ले जाते अजनबी, और देर से मिले सुराग। एसआईटी की त्वरित कार्रवाई सराहनीय है, लेकिन असली प्रश्न यह है कि बच्चों के लापता होने और शव बरामदगी के बीच का अंतराल क्यों बढ़ा। सीसीटीवी और FSL जैसे संसाधनों का जिला-स्तरीय अभियानों में संस्थागत उपयोग ज़रूरी है, न कि सिर्फ़ संवेदनशील मामलों में अपवाद। न्याय का असली पैमाना अब अदालत में मुक़दमे की रफ़्तार और सज़ा होगी।
RashtraPress
19 जुलाई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

हजारीबाग दोहरे हत्याकांड में मुख्य आरोपी कौन है?
मुख्य आरोपी संजित पासवान है, जो एक वाहन शोरूम में कार्यरत बताया गया है। पुलिस ने उसे बुधवार को उस वक़्त गिरफ्तार किया जब वह जिले से भागने की कोशिश कर रहा था।
घटना कब और कहाँ हुई?
पुलिस के अनुसार, यह वारदात 27 मई को हजारीबाग के कोर्रा थाना क्षेत्र के सिंदूर गाँव स्थित श्मशान घाट पर हुई। आरोपी बच्चों को स्कूटी पर घुमाने और मोबाइल दिलाने का झाँसा देकर वहाँ ले गया था।
पुलिस ने मामला कैसे सुलझाया?
पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अपर पुलिस अधीक्षक (अभियान) अमित कुमार के नेतृत्व में गठित विशेष जाँच दल (SIT) ने सीसीटीवी फुटेज, FSL और डॉग स्क्वायड की मदद से मामले की गुत्थी सुलझाई। फुटेज में बच्चों को स्कूटी पर ले जाते व्यक्ति की पहचान आरोपी के रूप में हुई।
बच्चों के शव कब और कहाँ से बरामद हुए?
किशोरी का शव 31 मई को सिंदूर गाँव के श्मशान घाट से और उसके तीन वर्षीय भाई का शव 1 जून को घाट से लगभग 500 मीटर दूर एक कुएँ से बरामद किया गया। दोनों शवों का पोस्टमार्टम मेडिकल बोर्ड की निगरानी में हुआ।
आरोपी पर अब क्या कार्रवाई होगी?
पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल स्कूटी और शव छिपाने वाला प्लास्टिक का बोरा बरामद कर लिया है। संबंधित गंभीर धाराओं में मुक़दमा दर्ज कर अदालत में चार्जशीट दाखिल करने की तैयारी की जा रही है।
राष्ट्र प्रेस
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