बराक घाटी में भारी बारिश से शहरी बाढ़, कछार-श्रीभूमि में 23,619 लोग प्रभावित

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बराक घाटी में भारी बारिश से शहरी बाढ़, कछार-श्रीभूमि में 23,619 लोग प्रभावित

सारांश

भारी बारिश ने असम की बराक घाटी को बेहाल कर दिया — सिलचर, बदरपुर और आसपास के इलाकों में 23,619 से अधिक लोग प्रभावित। SDRF ने 53 लोगों को बचाया। IMD ने अगले 24 घंटे और बारिश का अलर्ट जारी किया है।

मुख्य बातें

15 मई 2026 को भारी बारिश से बराक घाटी के तीन जिलों में शहरी बाढ़ जैसी स्थिति।
कछार जिले के सिलचर में 15,617 लोग प्रभावित; श्रीभूमि में 8,002 लोग प्रभावित।
ASDMA के अनुसार राज्यभर में कुल 23,619 लोग शहरी बाढ़ से प्रभावित।
SDRF ने श्रीभूमि में बचाव नौका तैनात कर 53 लोगों और 3 जानवरों को सुरक्षित निकाला।
शुक्रवार शाम तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं।
IMD ने दक्षिणी असम में अगले 24 घंटों में और बारिश का पूर्वानुमान जताया; अधिकारी अलर्ट पर।

असम की बराक घाटी में 15 मई 2026 को लगातार भारी बारिश के चलते शहरी बाढ़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई, जिससे कछार और श्रीभूमि जिलों में कुल मिलाकर 23,619 से अधिक लोग प्रभावित हुए। असम राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण (ASDMA) की आधिकारिक रिपोर्ट के अनुसार, कछार, श्रीभूमि और कामरूप (मेट्रो) — तीन जिलों में जलभराव और अचानक आई बाढ़ दर्ज की गई, जिनमें सबसे गंभीर स्थिति दक्षिणी असम के बराक घाटी क्षेत्र में रही।

सिलचर में सर्वाधिक नुकसान

कछार जिले के सिलचर शहर में बारिश का पानी कई इलाकों और नगर पालिका वार्डों में भर जाने से अकेले 15,617 लोग प्रभावित हुए। रंगिरखारी, अंबिकापत्ती, शिलांग पट्टी, बिलपार रोड, आश्रम रोड, हैलाकांडी रोड और सरतपल्ली सहित शहर के कई हिस्से जलमग्न हो गए। गौरतलब है कि सिलचर पहले भी मानसून के दौरान गंभीर बाढ़ की चपेट में आ चुका है, और यह ताज़ा स्थिति उस पुरानी समस्या की पुनरावृत्ति को दर्शाती है।

श्रीभूमि में बचाव अभियान

पड़ोसी श्रीभूमि जिले में बदरपुर और श्रीभूमि सदर राजस्व सर्किलों में लगभग 8,002 लोग प्रभावित हुए। नालों में पानी उफनने से बदरपुर शहर, रघुनाथपुर, देबेंद्रनगर, जुनबोस्ती, अलाकुलीपुर, देओरैल और मिशन रोड जैसे इलाकों में भीषण जलभराव देखा गया। अधिकारियों के अनुसार, SDRF कर्मियों ने एक बचाव नौका तैनात कर 53 लोगों और 3 जानवरों को जलमग्न क्षेत्रों से सुरक्षित निकाला।

जानमाल का नुकसान नहीं, अलर्ट जारी

ASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, शुक्रवार शाम तक बाढ़ से किसी भी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं मिली थी। हालाँकि, भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने दक्षिणी असम के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों में और अधिक बारिश का पूर्वानुमान जताया है, जिसके मद्देनज़र अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

आम जनता पर असर और आगे की चुनौतियाँ

यह स्थिति ऐसे समय में उत्पन्न हुई है जब मानसून की पूर्व-वर्षा ने ही बराक घाटी की जल निकासी व्यवस्था की कमज़ोरियाँ उजागर कर दी हैं। बदरपुर कस्बे में विशेष रूप से 'शहरी बाढ़' जैसी स्थिति दर्ज की गई, जो इस क्षेत्र के शहरी बुनियादी ढाँचे पर दबाव का संकेत देती है। IMD के पूर्वानुमान को देखते हुए आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।

संपादकीय दृष्टिकोण

फिर भी शहरी जल निकासी व्यवस्था में ठोस सुधार की कमी साफ दिखती है। 23,619 प्रभावित लोगों का आँकड़ा मानसून-पूर्व की बारिश में ही इतना बड़ा है, जो यह सवाल उठाता है कि क्या स्थानीय प्रशासन और राज्य सरकार ने पिछले वर्षों की आपदाओं से सबक लिया है। SDRF की त्वरित तैनाती राहत देती है, लेकिन दीर्घकालिक समाधान — बेहतर ड्रेनेज, अर्ली वार्निंग सिस्टम और शहरी नियोजन — के बिना यह चक्र हर साल दोहराता रहेगा।
RashtraPress
15 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

असम की बराक घाटी में बाढ़ से कितने लोग प्रभावित हुए?
ASDMA की रिपोर्ट के अनुसार, 15 मई 2026 को हुई भारी बारिश के बाद राज्यभर में कुल 23,619 लोग शहरी बाढ़ से प्रभावित हुए, जिनमें सर्वाधिक कछार (15,617) और श्रीभूमि (8,002) जिलों में थे।
सिलचर में बाढ़ के कारण कौन-कौन से इलाके प्रभावित हुए?
सिलचर में रंगिरखारी, अंबिकापत्ती, शिलांग पट्टी, बिलपार रोड, आश्रम रोड, हैलाकांडी रोड और सरतपल्ली सहित कई नगर पालिका वार्ड जलमग्न हो गए। बारिश के पानी की निकासी न होने से हालात और बिगड़े।
SDRF ने बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में क्या कार्रवाई की?
SDRF कर्मियों ने श्रीभूमि जिले में एक बचाव नौका तैनात की और जलमग्न क्षेत्रों से 53 लोगों तथा 3 जानवरों को सुरक्षित निकाला। शुक्रवार शाम तक किसी जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं थी।
IMD ने दक्षिणी असम के लिए क्या चेतावनी जारी की है?
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने 15 मई 2026 को दक्षिणी असम के कई हिस्सों में अगले 24 घंटों में और अधिक भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया है। इसके मद्देनज़र अधिकारियों को सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
बराक घाटी में बार-बार शहरी बाढ़ क्यों आती है?
बराक घाटी, विशेषकर सिलचर, की जल निकासी व्यवस्था कमज़ोर है और शहरी विस्तार के साथ-साथ नालों की क्षमता नहीं बढ़ी है। हर मानसून में यहाँ जलभराव की स्थिति बनती है, जो दीर्घकालिक शहरी नियोजन की कमी को उजागर करती है।
राष्ट्र प्रेस
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