असम में भारी बारिश: सिलचर और श्रीभूमि में बाढ़ जैसे हालात, श्रीभूमि में करंट लगने से एक की मौत
सारांश
मुख्य बातें
असम के बराक घाटी क्षेत्र में 15 मई 2026 (शुक्रवार) को हुई मूसलाधार बारिश ने सिलचर (कछार जिला) और श्रीभूमि जिले के शहरी इलाकों में बाढ़ जैसे हालात पैदा कर दिए। सड़कें जलमग्न हो गईं, वाहनों की आवाजाही ठप हो गई और सामान्य जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ। श्रीभूमि जिले में बारिश के दौरान जलभराव वाले इलाके में कथित तौर पर बिजली के तार के संपर्क में आने से एक व्यक्ति की मौत हो गई — पुलिस के अनुसार इस घटना की जाँच जारी है।
मुख्य घटनाक्रम
कछार, श्रीभूमि और हैलाकांडी जिलों के कई निचले इलाके शुक्रवार को जलमग्न हो गए। सिलचर शहर की प्रमुख सड़कें पानी में डूब गईं और कई स्थानों पर भारी ट्रैफिक जाम लग गया। श्रीभूमि शहर में नालियाँ उफान पर आने से विभिन्न मोहल्लों में जलभराव की स्थिति बन गई।
श्रीभूमि में जलभराव वाले क्षेत्र में एक व्यक्ति की करंट लगने से मौत की सूचना है। पुलिस ने बताया कि पीड़ित बिजली के तार के संपर्क में आ गया। अधिकारियों के अनुसार मामले की जाँच की जा रही है।
मौसम विभाग की चेतावनी
भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने बताया कि असम के कई हिस्सों में बादल छाए रहेंगे और हल्की से मध्यम बारिश जारी रहने की संभावना है। गुवाहाटी स्थित क्षेत्रीय मौसम विज्ञान केंद्र के अनुसार पूर्वोत्तर क्षेत्र में बारिश लाने वाले बादल अभी भी सक्रिय बने हुए हैं।
IMD के शुक्रवार को जारी 'नाउकास्ट' बुलेटिन में कहा गया कि असम के विभिन्न हिस्सों में मध्यम बारिश के एक या दो दौर आने की 'बहुत अधिक संभावना' है। अगले कुछ घंटों में इस क्षेत्र में और वर्षा होने का पूर्वानुमान है।
वर्षा के आँकड़े
IMD के आँकड़ों के अनुसार गुवाहाटी के रूपनगर में गुरुवार सुबह से अब तक सर्वाधिक 50.5 मिमी वर्षा दर्ज की गई। डाउनटाउन यूनिवर्सिटी क्षेत्र में 21.5 मिमी और गुवाहाटी विश्वविद्यालय परिसर में 19.5 मिमी बारिश हुई।
कामरूप जिले के हाजो में 15.5 मिमी और सुआलकुची में 18 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। यह आँकड़े बताते हैं कि बारिश का असर केवल बराक घाटी तक सीमित नहीं, बल्कि गुवाहाटी और उसके आसपास के इलाके भी प्रभावित हुए हैं।
प्रशासन की तैयारी
राज्य प्रशासन ने स्थानीय अधिकारियों और आपदा प्रबंधन टीमों को अलर्ट पर रखा है। अधिकारियों ने बताया कि बराक घाटी के जिलों में — विशेष रूप से उन संवेदनशील शहरी इलाकों में जहाँ अचानक बाढ़ और जलभराव का खतरा रहता है — स्थिति पर बारीकी से नज़र रखी जा रही है।
गौरतलब है कि असम में मानसून पूर्व बारिश के कारण बराक घाटी में हर वर्ष जलभराव की समस्या उत्पन्न होती है, और शहरी जल-निकासी तंत्र की कमज़ोरी इसे और गंभीर बना देती है। आने वाले दिनों में स्थिति और बिगड़ने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता।