क्या राजस्थान के भरतपुर जिले में वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई?

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क्या राजस्थान के भरतपुर जिले में वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई?

सारांश

राजस्थान में हाल ही में हुई बारिश ने गर्मी से राहत दी, लेकिन भरतपुर में दो लोगों की वज्रपात से मौत ने दुखद मोड़ लिया। जानें इस घटना की पूरी जानकारी और मौसम के हालात।

मुख्य बातें

राजस्थान में वज्रपात से दो लोगों की मौत हुई है।
बारिश ने किसानों को राहत दी है।
मौसम विभाग ने बरसात का अलर्ट जारी किया है।
सुरक्षित स्थान पर रहना अत्यंत आवश्यक है।
निचले स्थानों में जलभराव की समस्या है।

जयपुर, 17 जून (राष्ट्र प्रेस)। राजस्थान में मंगलवार को हुई बारिश ने लोगों को भीषण गर्मी से राहत दी। लेकिन, इस दौरान एक दुखद घटना में भरतपुर के बयाना स्थित कपूरा धार गांव में वज्रपात से एक किसान की जान चली गई।

मृतक रामनिवास गुर्जर (60) शाम करीब 4 बजे बारिश शुरू होने पर अपने खेत के किनारे खरपतवार हटा रहा था। आश्रय की तलाश में वह एक पेड़ के नीचे बैठ गया, तभी उस पर बिजली गिरी। रामनिवास मौके पर ही बेहोश हो गया। तेज आवाज सुनकर पास में मौजूद किसान मदद के लिए दौड़े और उसे निजी वाहन से बयाना उप-जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।

इसके अतिरिक्त, डीग में एक और घटना में खोह थाना क्षेत्र के नगला महरानियां गांव में आकाश (8) की वज्रपात से जान चली गई। आकाश और उसका दोस्त माधव (10) बारिश में खेल रहे थे, तभी आकाशीय बिजली

मौसम विभाग ने बुधवार को 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। पिछले 24 घंटों में पूर्वी राजस्थान के कई जिलों (चूरू, सीकर, झुंझुनू, जयपुर, अलवर, दौसा, भरतपुर, धौलपुर, टोंक, सवाई माधोपुर और अजमेर) में 1 से 3 इंच बारिश हुई। अकेले जयपुर में मंगलवार शाम तक 37 मिमी से अधिक बारिश दर्ज की गई।

बारिश के बाद किसानों ने राहत की सांस ली, क्योंकि भारी बारिश ने विशेष रूप से अलवर, सीकर, झुंझुनू और चूरू में बहुत आवश्यक पानी उपलब्ध कराया। इन क्षेत्रों में 10 से 60 मिमी बारिश दर्ज की गई। चूरू में दोपहर करीब 3:30 बजे बारिश शुरू हुई और लगातार जारी रही।

शहर के नए बस स्टैंड, नेचर पार्क, भारतीय अस्पताल, मेडिकल कॉलेज, व्हाइट क्लॉक टॉवर, लोहिया कॉलेज और जोहरी सागर समेत कई निचले क्षेत्रों में जलभराव की खबरें हैं। बारिश के कारण यातायात भी बुरी तरह प्रभावित हुआ, खासकर नए बस स्टैंड के पास सरकारी वृद्धाश्रम के सामने, जहां वाहनों को पानी से भरी सड़कों से गुजरना पड़ा।

संपादकीय दृष्टिकोण

लेकिन वज्रपात से हुई दुखद घटनाएं हमें यह याद दिलाती हैं कि प्राकृतिक आपदाओं के प्रति सतर्क रहना कितना महत्वपूर्ण है। सरकार को ऐसे मामलों में त्वरित सहायता और जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है।
RashtraPress
13 मई 2026

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या बारिश के दौरान वज्रपात से बचने के उपाय हैं?
हां, बारिश के दौरान सुरक्षित स्थान पर रहना चाहिए और पेड़ों के नीचे नहीं जाना चाहिए।
राजस्थान में अगले दिनों में बारिश की संभावना है?
मौसम विभाग ने 28 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है।
राष्ट्र प्रेस