कैमूर में हेरोइन तस्करी का भंडाफोड़: तीन गिरफ्तार, 52.58 ग्राम हेरोइन और ₹19.48 लाख नकद जब्त
सारांश
मुख्य बातें
बिहार पुलिस ने 7 नवंबर 2026 को कैमूर जिले के कुदरा थाना क्षेत्र में छापेमारी कर हेरोइन तस्करी के एक कथित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया, जिसमें एक महिला सहित तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 52.58 ग्राम हेरोइन तथा ₹19,48,012 नकद बरामद की गई। पुलिस के अनुसार जब्त हेरोइन की अनुमानित बाज़ार कीमत करीब ₹35 लाख बताई जा रही है। यह कार्रवाई एक गुप्त सूचना के आधार पर की गई, जिसमें बताया गया था कि हेरोइन को वितरण के लिए छोटी-छोटी मात्रा में पैक किया जा रहा था।
छापेमारी का विवरण
मोहनिया के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) गोपाल कृष्ण ने बताया कि कुदरा पुलिस को अवैध गतिविधि की गुप्त सूचना मिलते ही तत्काल एक टीम गठित कर बाबू मोहल्ला स्थित एक घर पर छापा मारा गया। इस कार्रवाई के दौरान एक मजिस्ट्रेट — जो सर्कल ऑफिसर (सीओ) के रूप में भी कार्यरत हैं — मौके पर उपस्थित थे, जिससे प्रक्रियागत पारदर्शिता सुनिश्चित की गई।
तलाशी के दौरान पुलिस ने 52.58 ग्राम हेरोइन के अलावा ₹19,48,012 नकद बरामद किए। जाँचकर्ताओं के अनुसार यह नकदी कथित तौर पर नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार से अर्जित है।
गिरफ्तार और फरार आरोपी
पुलिस ने जिन तीन लोगों को गिरफ्तार किया, उनकी पहचान किरण देवी (निवासी, वार्ड नंबर 11, कुदरा), मिंटू सिंह और राजेश सिंह (दोनों निवासी, करमपुरा पिपरा गाँव, दुर्गावती थाना क्षेत्र) के रूप में हुई है। यह छापेमारी किरण देवी के घर पर की गई थी।
पुलिस टीम को आते देख तीन अन्य संदिग्ध — गुलार सिंह उर्फ अंचल सिंह, शिबू सिंह और जितेंद्र सिंह (सभी कुदरा क्षेत्र के निवासी) — मौके से फरार होने में सफल रहे। पुलिस के अनुसार गुलार सिंह का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड है। फरार संदिग्धों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है।
जाँच का दायरा
नशीले पदार्थों के साथ भारी मात्रा में नकदी मिलने से इस कथित तस्करी नेटवर्क के वित्तीय ढाँचे और सप्लाई चेन को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जाँचकर्ता अब जब्त रकम के स्रोत, हेरोइन की आपूर्ति श्रृंखला और इस अवैध कारोबार में अन्य संभावित लोगों की संलिप्तता की जाँच कर रहे हैं।
एसडीपीओ गोपाल कृष्ण ने पुष्टि की कि बरामदगी और गिरफ्तारियों के संदर्भ में आगे की कानूनी कार्रवाई प्रक्रियाधीन है।
बिहार में नशा-विरोधी अभियान का संदर्भ
गौरतलब है कि यह बरामदगी ऐसे समय में हुई है जब बिहार पुलिस राज्य में नशाबंदी कानूनों को सख्ती से लागू करने और नशीले पदार्थों के अवैध कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए निरंतर अभियान चला रही है। कैमूर जिला उत्तर प्रदेश की सीमा से सटा होने के कारण तस्करी के लिहाज़ से संवेदनशील माना जाता है। यह मामला राज्य में नशे के अवैध कारोबार की जड़ें और उससे जुड़े वित्तीय नेटवर्क की गहराई को उजागर करता है।